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अंतरराज्ज़ीय प्रवासी कामगार नियमों में संशोधन को मंजूरी


चंडीगढ़, (अदिति): राज्य में कारोबार करने में सुविधा को और बेहतर बनाने और जी.एस.डी.पी. का 2 प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लगाई शर्त को पूरा करने के लिए पंजाब मंत्रालय ने बुधवार को अंतरराज्ज़ीय प्रवासी कामगार (रोजग़ार के नियम और सेवा की शर्तें) पंजाब नियम, 1983 के नियम 14 में संशोधन करने और नया नियम 53-ए शामिल करने की मंज़ूरी दे दी।

विभिन्न मंचों पर उद्योगपतियों की तरफ से उठाई माँग को स्वीकार करते हुये मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन कैबिनेट ने अंतरराज्ज़ीय प्रवासी कामगार (रोजग़ार के नियम और सेवा की शर्तें) पंजाब नियम, 1983 में नया नियम 53 -ए शामिल करने का फ़ैसला करके उद्योगों के पालना करने के बोझ को घटाने के लिए इलेक्ट्रानिक /डिजिटल फॉर्मेट में रजिस्टरों को बनाई रखने की आज्ञा दे दी।

यह निवेश समर्थकी पहलकदमी रिकार्ड के डिजटाईजेशन को बढ़ावा देने से पारदर्शिता और रिकार्ड तक सुविधाजनक पहुँच बनाई रखने में मदद करेगी जिससे न सिफऱ् भारत सरकार की ज़रूरतों की पालना होगी बल्कि राज्य में वातावरण समर्थकी माहौल के द्वारा बड़े निवेशों को भी आकर्षित करेगी।

जि़क्रयोग्य है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (खर्चा विभाग) की तरफ से 17 मई, 2020 को जी.एस.डी.पी. का 2 प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने सम्बन्धी हिदायतें हासिल हुई थीं जिसमें यह 2 प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने के लिए कुछ शर्तें लगाई थी। एक शर्त श्रम कानूनों के द्वारा अपने आप नवीनीकरण की थी। मौजूदा समय अंतरराज्ज़ीय प्रवासी कामगार (रोजग़ार के नियम और सेवा की शर्तें) पंजाब नियम अधीन लायसेंस अपने आप नवीनीकरण का कोई उपबंध नहीं था। कैबिनेट ने महसूस किया कि उद्योगों को सुविधा देने के लिए अपने आप नवीनीकरण के उपबंध के लिए नियमों में संशोधन करने की ज़रूरत है।

कैबिनेट की तरफ से पंजाब जेल विकास बोर्ड नियम, 2020 को मंज़ूरी-:

पंजाब मंत्रालय ने पंजाब जेल विकास बोर्ड नियम, 2020 को मंज़ूरी के दी है। पंजाब जेल विकास बोर्ड एक्ट 2020 (पंजाब एक्ट नंबर 10 आफ 2020) के अंतर्गत बोर्ड का उद्देश्य रोज़मर्रा के कामकाज को आसान बनाना है।

तेलंगाना राज्य की तजऱ् पर पंजाब जेल विकास बोर्ड एक्ट, 2020 (पंजाब एक्ट नंबर 10 आफ 2020) 17 अप्रैल 2020 को नोटीफायी किया गया था जिसका उद्देश्य कैदियों को रचनात्मक कामों वाले तरफ़ लगा कर कैदियों आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाते स्वैनिर्भर माडल को अपनाना है। इसका मंतव्य कैदियों के मनोवैज्ञानिक सुधार, कौशल आदि का अलग -अलग सुधार और भलाई की गतिविधियों के लिए फंड स्रोत पैदा करना है जिससे राज्य के खजाने पर बोझ घटेगा।

जि़क्रयोग्य है कि 8सितम्बर, 2020 को हुई नोटिफिकेशन से पंजाब जेल विकास बोर्ड मुख्यमंत्री की अध्यक्षता अधीन स्थापित किया गया था।

ओ.एस.डीज़ (लिटीगेशन) की बंधवीं तनख़्वाह में 20 प्रतिशत वृद्धि को मंज़ूरी-

एक अन्य फ़ैसले में कैबिनेट ने अलग-अलग विभागों में काम करते ओ.एस.डीज़ (लिटीगेशन) की बंधवीं तनख़्वाह /रिटेनरशिप में वृद्धि को मंज़ूरी दे दी। यह विस्तार 20 प्रतिशत करते हुये 50,000 रुपए से बढ़ा कर 60,000 रुपए कर दिया है।

गौरतलब है कि पंजाब सिवल सचिवालय में मुख्य सचिव दफ़्तर, आम राज प्रबंध, गृह मामले और न्याय, जल स्रोत, सामाजिक न्याय, सशक्तिकरन और अल्पसंख्यक, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, ख़ुराक सिवल सप्लाई और उपभोक्ता मामले, लोक निर्माण, जल सप्लाई और सेनिटेशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और शिक्षा विभागों में ओ.एस.डी. (लिटीगेशन) के 11 अस्थायी पदों की रचना की गई थी।

शुरुआत में ओ.एस.डी. (लिटीगेशन) को 35,000 रुपए निश्चित वेतन दी जाती थी। इसके बाद 5 दिसंबर, 2016 को कैबिनेट मीटिंग में लिए फ़ैसले के अनुसार वेतन बढ़ाते हुये 35,000 रुपए से बढ़ा कर 50,000 रुपए प्रति महीना कर दी थी। साल 2016 के बाद इस निश्चित वेतन /रिटेनरशिप में कोई विस्तार नहीं किया गया था।



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