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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस- पिछड़ने के बाद खट्टर सरकार ने शुरू किया डैमेज कंट्रोल


चंडीगढ़ (अदिति) हरियाणा सरकार ने 30 नवम्बर, 2020 तक राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी)-2020 के 100 प्रतिशत क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए सरकारी विभागों के साथ इस वर्ष ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) रैंकिंग के लिए कवायद तेज कर दी है, जबकि अब तक आठ विभागों ने बीआरएपी के तहत सुधार बिंदुओं पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आज यहां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सम्बन्ध में हुई एक बैठक में यह जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना में 301 बिंदु हैं, जिसमें से 209 बिंदु अब तक संबंधित विभागों द्वारा कार्यान्वित किए गए हैं जबकि 70 बिंदुओं पर कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय उद्योग और आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना के आधार पर ईओडीबी रैंकिंग का निर्णय लेता है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की और उन्हें 30 नवम्बर, 2020 तक राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को उचित समन्वय सुनिश्चित करने और सभी सेवाएं निर्धारित समय में ऑनलाइन प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में जिन विभिन्न विभागों के मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें गृह विभाग से संबंधित सेवाएं, 20 वर्षों के लिए भूमि लेन-देन के रिकार्ड का डिजिटलीकरण एवं ऑनलाइन प्रकाशन, बिजली एवं पानी जैसी उपयोगिताओं के साथ संपत्ति पंजीकरण का एकीकरण, फिल्म शूटिंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन एकल खिडक़ी निपटान, हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत समय की अधिसूचना और दुकान एवं प्रतिष्ठान तथा/ या ट्रेड लाइसेंस के तहत एक ही फॉर्म पर पंजीकरण करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में यह बताया गया कि राजस्व विभाग ने भूमि रिकॉर्ड डेटा को डिजिटाइज़ करने के लिए प्रोजेक्ट ‘मॉडर्न रेवेन्यू रिकॉर्ड रूम’ शुरू किया है। यह भी बताया गया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग और श्रम विभाग द्वारा दुकान एवं प्रतिष्ठान तथा/या ट्रेड लाइसेंस के तहत पंजीकरण के लिए एक सामान्य मानकीकृत फार्म तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, श्रम विभाग, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बॉयलर के लिए एक केंद्रीकृत प्रणाली लागू की गई है ताकि कम्प्यूटरीकृत जोखिम आकलन का उपयोग करके निरीक्षण के लिए प्रतिष्ठानों का चयन करना और केन्द्रीय निरीक्षण प्रणाली के तहत निरीक्षकों का आबंटन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार मई, 2021 तक टेलीफ़ोनिक साक्षात्कार या/और व्हाट्सएप/ एसएमएस/ ईमेल आधारित लिंक के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के फीडबैक लेने की प्रक्रिया भी शुरू करेगी। ईज ऑफ डुइंग बिजनैस के सम्बन्ध में राज्य के प्रयास और रैंकिंग का मूल्यांकन करने के लिए 1 नवंबर, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक की अवधि के सम्पूर्ण उपयोगकर्ता डाटाबेस को 30 अप्रैल, 2021 तक भारत सरकार के साथ साझा किया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव डीएस ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.एन. रॉय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा, आबकारी और कराधान विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी, उद्योग और वाणिज्य के प्रधान सचिव ए के सिंह, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव आशिमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक डॉ. साकेत कुमार और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इसके अलावा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के. दास, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महावीर सिंह तथा विकास और पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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