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कर्मचारियों के मुद्दे पर सुरजेवाला ने सरकार को घेरा


चंडीगढ़ (अदिति) सत्ता के नशे में चूर हरियाणा की कर्मचारी विरोधी भाजपा-जजपासरकार प्रदेश के कर्मचारियों को परेशान करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। महामारी के इस संकट के दौर में भी आए दिन यह सरकार नए तुगलकी फरमान देकर कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही है। 19 जून को जारी नएतुगलकी फरमान में हरियाणा सरकार ने 4,400 कम्प्यूटरशिक्षकों व लैब सहायकों कीतनख्वाह बंद कर दी है।एक तरफ तो सरकार उद्योगपतिऔर दुकानदारों को अपनेकर्मचारियों की तनख्वाह देने केलिए कह रही है, वहीं दूसरी तरफयह सरकार अपने ही कर्मचारियोंको तनख्वाह नहीं दे रही, जो इससरकार की कथनी और करनी केअंतर और दोहरे चरित्र को साफदर्शा रहा है।

आकड़ें गवाह हैं की प्रदेश कीबेरोजगारी दर इस सरकार केनिकम्मेपन और गलत नीतियों केकारण इस समय 43 प्रतिशत सेऊपर पहुंच गई है। प्रदेश के उद्योगधंधे तबाह हो रहे हैं, प्राइवेटसेक्टर में नौकरियां है नहीं, ऐसे मेंसभी कच्चे कर्मचारियों को पक्काकरने के वायदा करके सत्ता मेंआयी भाजपा सरकार द्वारा वर्षों सेकार्यरत कर्मचारियों को निकालाजा रहा है। सरकारी नौकरी यहसरकार साजिशन देना नहींचाहती, ऐसे में अब जो सरकारीकर्मचारी पहले से ही कार्यरत हैंउनको भी वेतन नहीं दिया जा रहाहै। इससे बड़ा निकम्मापन इससरकार का और क्या हो सकता हैऔर उससे भी बड़ा प्रश्न है पढ़ रहेछात्रों को कंप्यूटर शिक्षा और लैबमें सहायता कौन करेगा ?

इस सरकार के कर्मचारी विरोधीहोने के कई सबूत पहले भी सामनेआ चुके हैं। इस सरकार केनेताओं के सिर पर सत्ता का घमंडइस कदर चढ़ा हुआ है कि इसकेनेता कर्मचारियों को सरेआमधमकी देते हैं। कोरोना रिलीफफंड में दान देने के नाम परकर्मचारियों से जबरन वसूली कीजाती है। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा कहा जाता है कि अगलेएक साल के लिए सरकारीनौकरियों की भर्ती बंद कर दी गईहै और फिर हजारों कच्चेकर्मचारियों को नौकरी से निकालाजाता है।

इसके अलावा कोरोना कीमहामारी के दौर में आउटसोर्सिंगपर लगे हजारों स्वास्थ्यकर्मचारियों को नौकरी से निकालेजाने की तैयारी की ख़बरें आ रहीहै। 1,983 पीटीआई अध्यापकनौकरी से बर्खास्त करने के बादसरकार चुप्पी साढ़े हुए है, जिससेपीटीआई शिक्षक अपनी रोजी, रोटी औऱ परिवार के भविष्य केखातिर इस तपती धूप, भीषणगर्मी व महामारी में सड़कों परउतरने को मजबूर हैं और सरकारसे राहत की लगातार गुहार लगारहे हैं। मुख्यमंत्री से हमारा सवाल है कि यदि इन कर्मियों को तनख्वाहनहीं मिलेगी तो इनका गुजाराकैसे होगा, इनका घर कैसेचलेगा? क्या हरियाणा की इसहिटलरशाही सरकार मेंसरकारी नौकरी करना गुनाहहो गया है। आखिर क्यों खट्टर-चौटालासरकार ने कर्मचारियों कोअपना सबसे बड़ा दुश्मन मानलिया है? आखिर क्यों रोजाना लोगों केपेट पर सरकार द्वारा लातमारी जा रही है ?

क्यों कर्मचारियों का रोजगारछीना जा रहा है?



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