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कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव में दीपदान के दौरान दीपावली जैसी हो रौनक - मुख्यमंत्री


हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती का मुख्य कार्यक्रम 8 दिन होने चाहिए, ताकि इस कार्यक्रम के बीच दो रविवार आए। इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं द्वारा हिस्सा लेना चाहिए और इस कार्यक्रम की भव्यता व दिव्यता को बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रमों को लेकर सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान बोल रहे थे। इस दौरान सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गीता जयंती महोत्सव को लेकर अपने सुझाव रखे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कुरूक्षेत्र का विश्व भर में सामाजिक व धार्मिक महत्व है। यहां कार्यरत सामाजिक संस्थाओं को सामूहिक प्रयास कर गीता जयंती महोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अलग-अलग स्थान पर कुंभ मेले में संस्थाएं कार्यक्रम आयोजित करती है, उसी का अध्ययन करके कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। शोभा यात्रा निकाली जाए

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव के दौरान शोभा यात्रा निकाली जाए। इसमें हर संस्था अपना सहयोग दे। उन्होंने संस्थाओं को सुझाव दिया कि गीता जयंती महोत्सव में वे अपने अपने यहां प्रदर्शनी आयोजित करें। यह प्रदर्शनी विज्ञान, गीता, शिक्षा, खेल या योग पर होनी चाहिए। सभी संस्थाएं दीपदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें ताकि उस दिन कुरुक्षेत्र में दीपावली जैसे रौनक हो। मुख्यमंत्री ने सन्निहित सरोवर के सौंदर्यीकरण को लेकर योजना तैयार करने के लिए भी कहा। आत्मनिर्भर बने गीता जयंती महोत्सव

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। सरकार अपनी तरफ से हर सहयोग करती है, इसके साथ साथ संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए। हमें गीता जयंती महोत्सव का ज्यादा से ज्यादा प्रचार और प्रसार करना चाहिए ताकि समाज का हर वर्ग इसमें शामिल हो। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को सुझाव दिया की सभी अपने कार्यक्रमों के दौरान गीता जयंती का उल्लेख जरूर करें। 48 कोस के क्षेत्र में आयोजित हों कार्यक्रम

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव के दौरान 48 कोस के क्षेत्र में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाए। इन क्षेत्रों में योग आदि का प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण व गीता से जुड़े उल्लेख पर प्रवचन करवाने का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त गुरु ग्रंथ साहिब में वर्णित गीता के प्रसंग का उल्लेख करने का सुझाव दिया ताकि यह समाज में एक सेतु का कार्य करे। सभी में समरसता का भाव आए। इसके साथ-साथ अलग-अलग समाज के लोग गीता जयंती महोत्सव के दौरान सम्मेलन आयोजित करें। स्वस्थ कुरुक्षेत्र बनाने पर दे जोर

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