• globalnewsnetin

किसी भी मंडी में फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही: अभय सिंह चौटाला


चंडीगढ़ (अदिति) इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव व ऐलनाबाद के विधायक चौधरी अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत हैरानी की बात है कि जब कर्मचारी, मजदूर और किसान अपने हकों के लिए आवाज उठाते हैं तो भाजपा सरकार उनकी मांगों को सुनती नहीं है और किसान जिसने इन तीन कृषि कानूनों की मांग भी नहीं की, उन पर जबरदस्ती थोप रही है। इन काले कृषि कानूनों के कारण किसान और मजदूर मर गया व्यापारी का व्यापार खत्म हो गया लेकिन बड़े पूंजीपति मालामाल हो गए हैं। किसान अब इन कृषि कानूनों को निरस्त करके ऐसा कानून बनाने की मांग कर रहे हैं जिसमें उनकी फसल का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए और अगर कोई एमएसपी पर फसल नहीं खरीदता है तो उसके खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज हो।

इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-2 उनके विधयकों और मंत्रियों ने कहा था कि सरकार मौजूदा फसलों के अलावा और भी फसलों को एमएसपी पर खरीदेगी और अगर एमएसपी पर नहीं खरीदी गई तो इस्तीफा दे देंगे। इनेलो नेता ने सबूत के तौर पर कागज प्रस्तुत कर कहा कि किसी भी मंडी में फसल को एमएसपी पर नहीं खरीदा जा रहा है तो अब मुख्यमंत्री के साथ वो सभी मंत्री भी इस्तीफ दें। उन्होंने कहा कि जहां पहले किसान को नमी के नाम पर लूटा जाता था अब उन्हें लूटने का नया तरीका निकाल लिया है, मंडी में धान की ढुलाई और बैग भरने के नाम पर 5 रूपए और 9 रूपए के हिसाब से काटे जा रहे हैं। उन्होंने सरकारी दस्तावेज दिखते हुए कहा कि मंडी में किसान से धान की अनलोडिंग, सफाई और भराई के नाम पर पैसे काटे जा रहे हैं जबकि ये काम सरकार का है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मूंगफली का एमएसपी 5275 रूपए प्रति क्विंटल रखा था लेकिन उसमें इतनी शर्त लगा दी जिसका कोई आंकलन भी नहीं कर सकता, जिससे किसान अपनी फसल बेच ही नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि अब किसान पूरे देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है लेकिन प्रदेश की सरकार ने दोगली नीति अपनाते हुए धान की खरीद 27 नवंबर के बाद यह कह कर बंद कर दी कि धान उत्तर प्रदेश से जींद की मंडी में आ रहा था। भाजपा सरकार ने गेहूं के बीज को विकसित करने के लिए करनाल जिले के एक गांव को गोद लिया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक एकड़ में गेहूं की 30-35 क्विंटल फसल होगी। वहीं दूसरी तरफ फसल खरीदने पर कैप लगा दी है जिस कारण किसान अपनी फसल को सस्ते में बेचने पर मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जैसे हर साल सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 10-13 प्रतिशत बढ़ाया जाता है वैसे ही गन्ना किसानों के गन्ने का मूल्य 20 प्रतिशत बढ़ा कर 450 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए।

लव जेहाद पर भाजपा सरकार द्वारा कानून लाए जाने के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि हर वर्ग के लोग आपस में भाईचारे के साथ रहें और हम जात-पात को खत्म करना चाहते हैं। देश तभी मजबूत होगा जब देश में रहने वालों का एक-दूसरे पर भरोसा होगा लेकिन भाजपा इस तरह का कानून लाकर भय का माहोल बनाना चाहती है। भाजपा सरकार ने पहले आर्थिक तौर पर इस देश को कमजोर किया अब इसको सामाजिक तौर पर भी तोडऩा चाहती है।

इनेलो नेता ने जमीन की रजिस्ट्री करने के बदले पैसे लेने के मामले पर कहा कि सरकार अपने हिसाब से रजिस्ट्री करने के लिए सरकार के मंत्री तहसीलदारों पर दबाव बना रहे हैं जिस कारण पंचकूला जिले के छह तहसीलदारों को छुट्टी पर भेज दिया है।

मेडिकल कालेजों की फिस बढ़ाने के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती के किसान, गरीब और मजदूर का बेटा मेडिकल की पढ़ाई कर डाक्टर बने। इसलिए फीस में बढ़ोतरी की गई है इसके लिए इनेलो ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी दिया था लेकिन विधान सभा खत्म होने के पांच दिन बाद स्पीकर ने पत्र लिख कर बताया कि हमारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है जो कि पूरे तौर पर असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भविष्य में इंजिनियरिंग की फीस भी बढ़ा दे ताकि गरीब का बेटा इंजिनियरिंग की पढ़ाई न कर सके।

राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा क्षेत्रिय पार्टियों को कमजोर करने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा और कांग्रेस हमेशा क्षेत्रिय पार्टियों को कमजोर करने का षड्यंत्र रचती रही हंै। उन्होंने कहा कि प्रदेश का भला अगर कोई कर सकती है तो वो सिर्फ क्षेत्रिय पार्टी ही कर सकती है जिनको प्रदेश की छोटी से छोटी जानकारी होती है। राष्ट्रीय पार्टियां तो नाकाबिल और अनुभवहीन व्यक्तियों को प्रदेश पर थोपती हैं।

आईपीएस को आईएएस की जगह नियुक्ति पर इनेलो नेता ने कहा कि एक आईपीएस को अलग तरह का प्रशिक्षण दिया जाता है और आईएएस को अलग तरह का प्रशिक्षण दिया जाता है इसलिए आईपीएस और आईएएस को उनके कॉडर के हिसाब से नियुक्त किया जाना चाहिए।

 Global Newsletter

  • Facebook
  • social-01-512
  • Twitter
  • LinkedIn
  • YouTube