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खट्टर ने दुष्यंत की मांग नज़रअंदाज़ कर विज का दिया साथ


चंडीगढ़ (अदिति) हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जहाँ पीपली में किसानों पर हुए लाठी चार्ज की जाँच की मांग कर रहे हैं वहीँ ग्रह मंत्री अनिल विज ने कहा कि लाठी चार्ज हुआ ही नहीं तो जाँच कैसी। इस घटनाक्रम में एक प्रकार से अनिल विज का साथ देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि किसानों पर लाठीचार्ज नहीं हुई बल्कि आत्मरक्षा का एक प्रयास हुआ।

कुरुक्षेत्र के पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर हरियाणा की राजनीति में मचाने वाले घटनाक्रम के लगभग दो सप्ताह बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने अपनी सफाई दी। राजधानी में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मीडिया की तरफ से उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह लाठीचार्ज नहीं, आत्मरक्षा का एक प्रयास था और यदि विपक्ष की जानकारी में कुछ और है तो इस पर चर्चा की जा सकती है।

गत 10 सितंबर को कुरुक्षेत्र के पिपली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अनाज मंडी में किसान संगठनों की किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली में हर रास्ता सील होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठियां भी चलाई। विशेष बात ये है कि न केवल कुछ किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया बल्कि इस कार्यवाही के बाद गुस्साए किसानों ने पुलिस पर पथराव भी कर दिया था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया था। इस घटना के वीडियो के बाद प्रदेश के किसानों और विपक्षी राजनेताओं में खासी नाराजगी देखी जा सकती है। यहां कि सत्ता में भागीदार भाजपा और जजपा के मत भी अलग-अलग हैं।

जननायक जनता पार्टी न केवल इस लाठीचार्ज के कारण किसानों से माफी मांग चुकी है बल्कि दुष्यंत के भाई दिग्विजय चौटाला तो इसकी जांच की मांग कर चुके हैं, जबकि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ मंत्रणा कर चुके हैं। वहीं भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह, बृजेंद्र सिंह और पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु सहित कई भाजपा नेता भी लाठीचार्ज की निंदा कर चुके हैं।

आज भाजपा कार्यालय में कोरोना काल में सरकार द्वारा किए गए कार्यों को लेकर 'ई-बुक' लांचिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सफाई दी। उन्होंने कांग्रेस और इनेलो की घेराबंदी करते हुए कहा कि लाठीचार्ज क्या होता है, चर्चा यह होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने माना कि सादी वर्दी वाले सीआईए के पुलिसकर्मी ने लाठी चलाई थी। वीडियो में एक व्यक्ति सादी वर्दी में टोप पहने हुए दिखाई दे रहा है। दूस सकता। विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहा है। इस पर चर्चा की जा सकती है। उधर, प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज शुरू से ही कह रहे हैं कि पुलिस ने किसी किसान पर लाठी नहीं चलाई। अब सीएम द्वारा लाठीचार्ज से इन्कार करने के बाद भाजपा सरकार का रुख साफ हो गया है।

एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल जैसी आपदा के समय सरकार और संगठन दोनों ने मिलकर काम किया। सीएम रिलीफ फंड में 200 करोड़ के करीब एकत्र हुए। इन्हें लोगों को सहायता देने का काम किया। ई-बुक के माध्यम से कार्यकर्ताओं और जनसेवा करने वाले तमाम लोगों को प्रेरणा मिलेगी। इसका प्रसार होता रहेगा और समय-समय पर इसे अपडेट भी किया जाएगा।

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