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चौटाला द्वारा अंतर्राष्ट्रीय विमानन हब विमानन उद्योग से जुड़ी कंपनियों से गुफ्तगू


चंडीगढ़, (गुरप्रीत) हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हिसार में अंतर्राष्ट्रीय विमानन हब के विकास के लिए एक मजबूत एवं मूलभूत परिकल्पना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज विमानन उद्योग से जुड़ी कंपनियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। युवाओं के लिए प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए अब यहां पर सिम्युलेटर भी स्थापित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री, जिनके पास नागरिक उड्डयन विभाग का प्रभार भी है, ने विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस योजना पर शीघ्रता से कार्य करने के लिए सभी हितधारकों के साथ नियमित बैठकें करें। इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, विशेष सचिव एवं सलाहकार, श्री साकेत कुमार भी उपस्थित थे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत के दौरान एयरबस, विस्तारा, स्पाइसजेट, ईएनटीसी और गो एयर जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार प्रदेश की हवाई पट्टियों के विस्तार एवं कर्मिशियल पायलट के प्रशिक्षण के लिए सुविधाएँ बढ़ाने के लिए भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के साथ पहले ही एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर चुकी है। नागरिक उड्डयन विभाग के वर्ष 2020-21 के बजट में 311 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करते हुए इसे 42.09 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 173.07 करोड़ रुपये किया गया है।

श्री चौटाला ने इस बात से भी अवगत करवाया कि सरकार ने हिसार की मौजूदा हवाई पट्टी के पास 4,200 एकड़ जमीन आरक्षित कर दी है, जिसका उपयोग परियोजना के विस्तार के लिए किया जा सकता है। प्रस्तावित विमानन हब में अंतरराष्ट्रीय मानक के हवाई अड्डे के साथ 9,000 फुट रनवे, एयरलाइंस और जनरल एविएशन (जीए) ऑपरेटरों के लिए पर्याप्त पार्किंग, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सुविधाएँ, एयरोस्पेस विश्वविद्यालय, पायलटों, इंजीनियरों और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ के लिए ग्लोबल ट्रेनिंग सेंटर और आवासीय और वाणिज्यिक विकास की योजनाएं शामिल हैं।

बातचीत के दौरान इस बात की भी जानकारी दी गई कि हिसार के प्रस्तावित विमानन हब का उपयोग ड्राईपोर्ट के रूप में भी किया जा सकता है क्योंकि केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली-सिरसा आर्थिक कॉरिडोर और रोहतक-रेवाड़ी लिंक के जरिए दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) को जोडऩे की संभावनाओं के साथ भारतमाला परियोजना में हिसार को शामिल किया है।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हिसार में एविएशन हब के विकास के लिए राज्य सरकार ने सुझाव देने के लिए डोमेन विशेषज्ञों के एक संयुक्त कार्य समूह का गठन किया गया है। इसके अलावा भिवानी, बाछौद (नारनौल), पिंजौर और करनाल में एविएशन गतिविधियों को भी बढ़ाया जाएगा।

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