जापान के निवेशकों ने हरियाणा में दिखाई रुचि-खट्टर


चंडीगढ़ (अदिति) ‘‘कोरोना प्रभावित इस नए दौर में जो एक चीज नहीं बदली है, वो है जापान-हरियाणा का दिल से दिल का जुड़ाव’’, यह निष्कर्ष आज हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और भारत में जापान के राजदूत  सतोशी सुजुकी की संयुक्त रूप से अध्यक्षता में जापान ऐक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में सर्वसम्मति से निकला। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जापान के 35 शीर्ष निवेशक और जापानी कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया।

हरियाणा को विदेशी निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में वर्णित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान की अधिकतर अग्रणी कंपनियां जैसे होंडा, मारुति सुजुकी, कैनन, डेकेन, एनईसी टेक्नोलॉजीज़, मित्सुई, यूनीचार्म, मुंजाल किरिउ, जिनकी पहले से ही हरियाणा में औद्योगिक इकाईयां हैं, उन्होंने हरियाणा में अपने उद्योग के विस्तार के लिए राज्य में निवेश करने के लिए गहरी दिलचस्पी दिखाई। श्री मनोहर लाल ने कहा कि हालांकि, 15 फरवरी को जापान हरियाणा गोल्फ मीट में इनमें से अधिकांश निवेशकों से उनकी बातचीत हुई थी, परंतु ऐसा लग रहा है जैसे यह किसी और ही दौर की बात हो। उन्होंने विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न नई पहलों की जानकारी दी, जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा विनिर्माण इकाइयों को पट्टे (लीज) पर भूमि के आवंटन और आगामी उद्यम प्रोत्साहन नीति -2020, जोकि देश में सबसे अच्छी नीति होगी, शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन उपायों से मानव, सामाजिक, राजकोषीय और अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव प्रत्येक दिन सामने आए। दुनिया की सभी सरकारों की तरह हमने भी इन्हें कम करने की पूरी कोशिश की। हरियाणा में विशेष रूप से स्थानीय कुछ चीज़ों की जानकारी देते हुए बताया कि हमने यह सुनिश्चित करने के साथ-साथ कि प्रदेश में कोई भी भूखा न सोए और वायरस के संक्रमण को कम किया जाए, हमने इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया कि इस संकट को केवल एक संकट के रूप में न देख कर इसे सुधार के एक अवसर में बदला जाए।

उन्होंने कहा कि मार्च से मई माह तक, राज्य सरकार ने 3 नए विभाग बनाए हैं, जिसमें एमएसएमई विभाग, सभी के लिए आवास विभाग और नागरिक संसाधन सूचना विभाग शामिल है। इसके अलावा, भूमि की उच्च कीमतों की चिंता को समझते हुए, हमने विनिर्माण इकाइयों के लिए पट्टे (लीज) पर भूमि के आवंटन का एक नया निवेशक अनुकूल तत्व जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के सकल घरेलू उत्पाद के 10 प्रतिशत के बराबर आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हम वृद्धिशील सुधारों को नहीं देख रहे हैं बल्कि यह एक क्वांटम लीप हैं। उन्होंने कहा कि इस पैकेज के चार पहलुओं भूमि, श्रम, लिक्विडिटी और कानून में हरियाणा पीछे नहीं रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग वीआईपी देशों (वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपीन) के बारे में बात कर रहे हैं। राज्य में मेरी टीम अब न केवल निवेशकों की संतुष्टि पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि ग्राहकों की खुशी पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि हम हरियाणा में केवल बी टू बी (बिजनेस टू बिजनेस) या जी टू बी (गर्वमेंट टू बिजनेस) या जी टू जी (गर्वमेंट टू गर्वमेंट) संबंध तक सीमित नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा गीता की भूमि है और हम एच टू एच संबंध में विश्वास करते हैं जो हार्ट टू हार्ट कनेक्ट है।

उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों की ओर से हरियाणा में निवेश करने को लेकर अधिक रूचि दिखाइ दे रही है, इसलिए हमारे लिए निरंतर और प्रभावी संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उनकी मदद और निरंतर समर्थन के लिए हाल ही में विदेशी सहयोग और एमएसएमई क्षेत्र के लिए अलग विभाग स्थापित किए हैं। उन्होंने जापानी समुदाय को हरियाणा में अनुसंधान और नवाचार के साथ आपूर्ति श्रृंखला और एमएसएमई की स्थापना के बारे में सोचने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से राज्य के लिए उनकी निरंतर प्राथमिकता और निवेश करने की मांग भी की और अपनी टीम की ओर से सभी प्रकार के समर्थन देने का आश्वासन दिया।

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