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त्यौहारों के मौसम को देखते हुए प्रदेश में कोविड-19 से बचाव के प्रति अलर्ट रहने के आदेश


चंडीगढ़ (अदिति) - हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने आगामी त्यौहारों के मौसम को देखते हुए प्रदेश में कोविड-19 से बचाव के प्रति आमजन में जागरुकता बढ़ाने के लिए ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं । साथ ही, जिला उपायुक्तों को 5 दिनों के अंदर-अंदर जिला स्तरीय कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।

श्री वर्धन आज यहां ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ के तहत की जाने वाली जागरुकता गतिविधियों के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और हाथों की स्वच्छता सहित कुल 15 ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ की व्यापक आईईसी, बीसीसी गतिविधियों की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने में सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स अहम भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए इन सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, पंचायत घरों, स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर वॉल पेंटिंग, हॉर्डिंग, बैनर व पोस्टर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि लोगों के व्यवहार के अनुसार ही जागरुकता गतिविधियां तैयार की जाएं। अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए धर्म-गुरुओं, प्रसिद्ध खिलाडिय़ों और गैर-सरकारी संगठनों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान सचिव स्वयं विभागों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर उसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भेजें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभाग इस कार्य के लिए अपने -अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करें ताकि इस अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक प्रत्येक व्यक्ति तक जागरुकता संदेश पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लाभार्थियों को उनके विभागों द्वारा पहले से कार्यात्मक व्हाटसएप ग्रुप में भी कोविड-19 से संबंधित जागरुकता संदेश भेजे जाएं।

बैठक में आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक मीणा ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, मोबाइल, एसएमएस और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, बस स्टैंड पर एलईडी स्क्रीम, सार्वजनिक स्थलों पर हॉर्डिंग, बैनर, पोस्टर व पैम्फलेट के माध्यम से भी ‘कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार’ के संदेश आमजन तक पहुंचाए जाएंगे। साथ ही, सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आईईसी गतिविधियों के बारे में राज्य स्तरीय विस्तृत कार्य योजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी गई है।

बैठक में बताया गया कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा लॉन्च किए गए ‘ग्राम दर्शन’ पोर्टल पर 6197 ग्राम पंचायतों की अपनी वेबसाइट बनाई गई है, जिस पर उसी दिन से ही कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और हाथों की स्वच्छता संबंधित संदेश डाले गए हैं।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, गृह तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, मंडल आयुक्त करनाल श्री विनीत गर्ग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव श्री नीतिन यादव, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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