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पीपीएल व अन्य कंपनियों के खिलाफ डीजे लाइट एंड साउंड एसोसिएशन का चंडीगढ़ में रोष प्रदर्शन


चंडीगढ़: अनरजिस्टर्ड कॉपीराइट कम्पनीज पीपीएल (फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड)- नोवैक्स कम्युनिकेशन लिमिटेड और आईपीआरएस (इंडियन परफार्मिंग राइट्स सोसाइटी) की धक्केशाही के खिलाफ देशभर की डी जे लाइट एंड साउंड एसोसिएशंस एकजुट हो गई हैं और इन तथाकथित कम्पनीज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसको लेकर

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से डी जे लाइट एंड साउंड एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्यों ने इन कम्पनीज की लूट खसूट के खिलाफ विरोध जताते हुए रोष प्रकट किया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर यह लूट खसूट और धक्केशाही बंद न हुई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसको लेकर वीरवार को सेक्टर-17 प्लाजा में इन एसोसिएशन ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में चंडीगढ़ डीजे एसोसिएशन ट्राइसिटी के चेयरमैन मनमोहन जॉली, प्रेसिडेंट सुनील कुमार, जनरल सेक्रेटरी एसके सिंगला, एडवाइजर बिल्लू के अलावा ऑल इंडिया डीजे एसोसिएशन के प्रेसिडेंट वीरेंद्र बब्बर, ऑल पंजाब डीजे एसोसिएशन के प्रेसिडेंट प्रकाश चंद काला, सतपाल गोरी और जॉइंट सेक्रेटरी पंजाब कीमती केसर के अलावा भाजपा नेता देवेंद्र सिंह बबला और भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रधान अरुण सूद ने भी शिरकत की। इस दौरान एसोसिएशन ने कैंडल मार्च निकाला और नारेबाजी भी की।


एसोसिएशंस का कहना है कि इन अनरजिस्टर्ड कॉपीराइट कम्पनीज ने देशभर में होटल इंडस्ट्री के सहयोग से 2500 करोड़ से अधिक का स्कैम किया है।एसोसिएशंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया समेत कई विभागों को पत्र लिखकर जांच करवाए जाने की मांग की है।


वहीं भाजपा चंडीगढ़ इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने एसोसिएशन को भरोसा दिया कि अगर वे इसकी लिखित में शिकायत देते हैं तो वे इस मुद्दे को लॉ एंड ऑर्डर कमेटी में उठाएंगे।


गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक पत्रकारवार्ता में मीडिया एवं आई पी एडवोकेट (मुम्बई) शेखर मेनन ने कहा था कि पीपीएल- नोवैक्स और आईपीआरएस व अन्य कई कम्पनीज कॉपीराइट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड ही नहीं हैं। इनके प्रतिनिधि पिछले कई वर्षों से होटल इंडस्ट्री के साथ मिलकर लोगों को डरा धमकाकर झूठे केस की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते हैं। लोग होटल में अपने पारिवारिक फंक्शन के लिए बुकिंग करवाते हैं, वहीं कई होटल वाले प्राइवेसी को लीक करते हुए अपने होटल में हो रहे फंक्शन के बारे में इन कम्पनीज को सूचित कर देते हैं। इससे इन कम्पनीज के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच आर्गेनाइजर को अवैध रूप से म्यूजिक चलाने पर लीगल कार्रवाई की धमकी देते हैं। किसी भी लीगल कार्रवाई से बचने के लिए आर्गेनाइजर किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार हो जाता है और वसूली करने पहुंचे कम्पनीज के प्रतिनिधि उन्हें आधी रकम की जाली रसीद थमा देते हैं। अगर कोई समझौता नहीं करता तो उसे डराया धमकाया जाता है। इस तरह से इन कम्पनीज द्वारा कई होटलज के सहयोग से देशभर में 2500 करोड़ से अधिक की लूट खसोट का घपला किया जा चुका है। उन्होंने आगे कहा कि हम कानून की रिस्पेक्ट करते है और कानूनन रजिस्टर्ड कम्पनीज को ही लाइसेंस फीस पे करने को तैयार हैं।

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