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पंजाब की तर्ज पर हरियाणा में भी कृषि कानूनों के विरुद्ध विधानसभा में प्रस्ताव लाने की उठी मांग


धनकड़ ने पंजाब की कार्यवाही को बताया गलत

चंडीगढ़ (अदिति)) - केंद्र के कृषि कानून के विरद्ध पंजाब विधान सभा में पारित प्रस्ताव के चलते अब हरियाणा में भी ऐसी ही कार्यवाही की मांग उठने लगी है जबकि हरियाणा भाजपा अध्यक्ष ने आज पंजाब की कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे सरासर गलत बताया। हरियाणा विधानसभा का सत्र आगामी 5 नवंबर से होना है जिस के चलते सरकार पर ऐसा प्रस्ताव लाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि सूत्र बताते हैं कि पंजाब विधानसभा के प्रस्ताव के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव भाजपा नेता लेकर आएंगे।

दूसरी तरफ अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा की पंजाब सरकार ने विधानसभा में तीनों कृषि कानून के विरोध में प्रस्ताव पारित करना सराहनीय कदम है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा की इसी प्रकार हरियाणा सरकार को भी किसान,व्यापारी, मजदूर व आम जनता विरोधी कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास करके इसे रद्द करना चाहिए व हरियाणा सरकार को भी किसान की फसल एमएसपी ‌रेटों पर खरीद करने का गारंटी कानून बनाना चाहिए। श्री गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को कृषि संबंधित बिल को पूरे देश में वापिस कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री से बातचीत करनी चाहिए। जबकि हरियाणा में पिछले सरकार ने 2007 में कानून बनाया था कि हरियाणा में किसान की फसल एनएसपी रेटों से कम खरीद नहीं की जा सकती। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा की सरकार ने फसल के एमएसपी रेट जरूर तय कर दिए मगर किसान की फसल एमएसपी रेटों में सरकारी एजेंसी खरीद ना करने के कारण आज बाजरा का एमएसपी 2150 रुपए है मगर 1400 रुपए प्रति क्विंटल बाजरा बिक रहा है, किसान का नरमा जिसका एनएसपी 5725 रुपए है वह 5300 रुपए में किसान बेच रहा है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा की देश व प्रदेश का किसान व आढ़ती पहले ही भारी संकट से गुजर रहा है अगर कृषि संबंधित कानून देश व प्रदेश में लागू हो जाता हैं तो किसान, आढ़ती व मजदूर बर्बाद हो जाएगा। किसान की फसल अडानी व अम्बानी जैसे बड़े घराने औने-पौने रेटों पर खरीद कर मोटा मुनाफा खाकर किसान व आढ़तियों का शोषण करेगें और मंडियों में छोटा खुदरा व्यापारियों का व्यापार खत्म हो जाएगा और सरकारी मंडिया बंद हो जाएगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा भारी बुरा असर पड़ेगा क्योंकि कृषि के साथ सारा व्यापार व मजदूर जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री से मांग की है कि वह अपनी ज़िद को छोड़कर देश के किसान, आढ़ती, मजदूर व आम जनता के हित में तीनों कृषि कानून वापिस ले और किसान की हर फसल मंडी के माध्यम से एमएसपी रेटों में बिकने का गारंटी कानून बनाए ताकि किसान, आढ़ती व मजदूर उजड़ने से बच सकें।


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पंजाब का फैसला असवैंधानिक- पूर्व महाधिवक्ता जैन

चंडीगढ़ हरियाणा के पूर्व महाधिवक्ता मोहन जैन का कहना है कि कृषि बिलों के विरुद्ध पंजाब की कार्रवाही न केवल असवैंधानिक है बल्कि इस से कई प्रकार के और भी संकट पैदा हो सकते हैं। उनका कहना है कि संसद द्वारा पास हुए बिल के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में ही पेटिशन दायर हो सकती है।

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