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प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की बजाए उनको बेरोजगार करके घर में बैठा दिया


चंडीगढ़,(अदिति) हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि युवाओं को नौकरियों का झांसा देकर सरकार बनाने वाली भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की बजाए उनको बेरोजगार करके घर में बैठा दिया है। सरकार ने नौकरियां निकालने का ढिंढोरा तो पीटा, लेकिन एक भी युवा को रोजगार नहीं दे पाई। यही कारण है कि आज प्रदेश की बेरोजगारी दर 29 फीसदी तक पहुंच गई है, जबकि सरकार कह रही है कि उन्होंने लाखों युवाओं को नौकरियां दी हैं।

यहां जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में जहां सरकार को चाहिए था कि बेरोजगारों को रोजगार दे, वहीं इस सरकार ने सात भर्तियां रद्द करके पहले तो हजारों युवाओं को घर बैठाया है। वहीं दो साल में तीस हजार पदों के लिए निकली विभिन्न भर्तियों को अटकाया हुआ है। इन पदों की भर्ती परीक्षा न होने और परिणाम न आने के कारण अटकी हुई है। इन भर्तियों के लिए पांच लाख से ज्यादा युवाओं ने आवेदन कर रखा है। सरकार तो कांस्टेबल के 7298 पदों की विज्ञप्ति जारी करके आवेदन लेना ही भूल गई है। वहीं बिजली विभाग के 2978 पदों की कुछ आवेदकों की परीक्षा ली गई, कुछ की नहीं, हेल्थ विभाग के 4322 पदों की परीक्षा अभी तक सरकार ने अटका रखी है। इसी प्रकार पटवारी, सब इंस्पेक्टर व कैनाल पटवारी के पदों की परीक्षा अभी तक नहीं ली गई है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले प्रदेश के 50 हजार युवा तो ओवरएज हो गए हैं। अब सरकार बताए कि यह युवा कहां जाएं, अब तो नौकरी की उनकी उम्र भी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन सरकार ने नौकरियों के नाम पर केवल जुमले पेश किए और सत्ता हासिल की, अब जब नौकरियां देने की बात आई तो नए-नए बहाने बनाकर युवाओं को टरकाने का काम कर रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार की रोजगार विरोधी मंशा का इसी से पता चल जाता है कि जेई ईलेक्ट्रिकल के पद लंबे समय से खाली हैं, फिर भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश के सात औद्योगिक क्षेत्रों में तो बेरोजगारी का बड़ा आलम सामने आया है। खबरों के मुताबिक यहां पर करीब 2 लाख श्रमिकों के रोजगार चले गए हैं। कोरोना महामारी के इस दौर में श्रमिकों की नौकरियां चली गईं और सरकार ने उनके रोजगार के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

कुमारी सैलजा ने कहा कि गठबंधन सरकार की मंशा साफ दिखाई दे रही है कि सरकार या तो स्थाई भर्तियां निकालना नहीं चाहती और जो निकलती हैं, उनको अटकाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार युवाओं को 75 फीसदी रोजगार देने का झूठा वायदा करती है, दूसरी ओर जो रोजगार युवाओं को मिले हुए हैं, वह ही समाप्त हो रहे हैं।


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