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बहुत हुआ इंतजार, एडिड कॉलेजों के कर्मचारियों की भी सुन लो सरकार


चंडीगढ़ (गुरप्रीत) हरियाणा एडिड कॉलेज नॉन टीचिंग यूनियन् हरियाणा सरकार से सरकारी अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के स्टाफ को टेकओवर करने की न्यायोचित मांग बार-बार करती रहती हैं l प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने 2014 घोषणा पत्र में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को टेकओवर करने का वादा किया था l पिछले चुनाव में भी मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो मुद्दे लंबित रह गए हैं उन्हें सरकार बनने के बाद पूरा किया जाएगा l जिसमें स्कूल के स्टाफ को टेकओवर कर लिया, लेकिन एडिड कॉलेजों का स्टाफ टेकओवर पर पॉलसी बनने के बाद भी इस आस में है कि सरकार उन्हें कब टेकओवर करके सरकारी महाविद्यालयों में समायोजित करेगी l  गैर शिक्षक यूनियन लगातार मुख्यमंत्री , शिक्षा मंत्री और सभी मंत्रियों से बारंबार मिलकर उन्हें अपना वादा याद कराते रहे हैं l हर बार यही आश्वासन मिलता रहा है कि जल्द ही आपका सरकारी सेवा में समायोजन कर लिया जाएगा l लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी इन ऐडेड कॉलेजों के स्टाफ का सरकारी सेवा में समायोजन नहीं हुआ है और ना ही इन कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के समान दर्जा प्राप्त हुआ है l

एडिड कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों को समायोजित करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक कमेटी गठित करके एक फाइल भी बनाई गई है l वर्तमान में यह फाइल वित्त विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा कुछ सुझावों के साथ शिक्षा विभाग में लंबित है l यह फाइल मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और अन्य जरूरी विभागों से अनुमोदित हो चुकी है l शिक्षा विभाग द्वारा निर्मित पॉलिसी वॉलंटरी पॉलिसी है इसके तहत जो कर्मचारी इन कॉलेजों में रहना चाहते हैं वह यहां रह कर अपनी सेवाएं दे सकते हैं l 

कर्मचारियों को निम्न लाभों से वंचित हैं:- मकान किराया भत्ता सरकार के सभी विभागों में लागू हो चुका है लेकिन एडिड कॉलेज आज भी इससे वंचित हैं l इसके साथ ही आधे से ज्यादा गैर शिक्षक कर्मचारियों को अभी तक सातवें वेतनमान का लाभ भी नहीं मिला है l गैर शैक्षिक कर्मचारियों को एसीपी, एक्स ग्रेशिया, मेडिकल व चिकित्सा प्रतिपूर्ति, सीसीएल, चिल्ड्रन एजुकेशन एलाउंस और एलटीसी का लाभ नहीं मिलता l इसके साथ ही डेथ कम रिटायरमेंट ग्रेच्युटी का प्रावधान भी नहीं है और फुल पेंशन 20 साल की सर्विस पर कर दी है लेकिन यहां अभी भी 28 साल की सर्विस पर फुल पेंशन का बेनिफिट मिलता है, श्रेणी 4 के कर्मचारियों को वीट अलाउंस, साइकिल भत्ता, वाशिंग अलाउंस और फेस्टिवल एडवांस नहीं मिलता, ग्रुप सी व डी के कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ भी नहीं मिलता l

एडिड कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों को समस्याएं :-

शैक्षिक और गैर शैक्षिक कर्मचारियों से स्वयं वित्तीय पोषित कोर्सों से संबंधित कार्य करवाया जाता है, इन कॉलेजों में कार्यरत ग्रुप सी व डी के कर्मचारियों के पदों का वर्गीकरण और वर्ग ड्यूटी तय नहीं है इसलिए संस्थाओं द्वारा इन कर्मचारियों से मनमाना कार्य करवाया जाता है l कई प्रबंधन समितियों द्वारा वेतन का 5% का भुगतान भी नहीं किया जाता और कर्मचारियों को केवल 95% से ही संतुष्ट होना पड़ता है l इन कॉलेजों में इ-सैलरी सिस्टम न लागू होने के कारण में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन, ग्रेच्युटी, एरियर, पेंशन और होनोरेयम आदि बिल पास करवाने के लिए प्रत्येक मास निदेशालय में कई बार जाना पड़ता है l

नॉन टीचिंग कर्मचारियों के वेतन व भत्तों में बहुत आसमानता है l

सरकार के फायदे:-

सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नए कॉलेजों की शुरुआत की है और कुछ नए कॉलेज खोलने की घोषणा भी की है l एक नए कॉलेज को शुरू करने के लिए  उन्हें वार्षिक 95 करोड़ अतिरिक्त खर्चा करना पड़ेगा l टेकओवर कर लेने से सरकार का यह अतिरिक्त खर्चा बचेगा l

वेतन में आसमानता और अन्य मुद्दों से संबंधित कर्मचारियों के 800 से 900 केस माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है l टेकओवर करने के पश्चात निदेशालय के धन व समय की बचत होगी l

वर्तमान में एडिड कॉलेजों के लिए बजट का अलग से प्रावधान किया जाता है l 

इन महाविद्यालयों में ई-सैलरी सिस्टम ना होने के कारण हर वर्ष निदेशालय को 150 से 200 करोड़ अतिरिक्त व्यय करना पड़ता है l

एडिड कॉलेजों के कर्मचारियो को सरकार 95% अनुदान देती है l सरकार को केवल 5% अतिरिक्त देखकर अनुभवी व योग्य शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी मिल जाएंगे l

सरकारी कॉलेजों में भर्ती प्रक्रिया लंबी व जटिल होती है और कई बार माननीय न्यायालय के हस्तक्षेप के कारण यह कई वर्षों तक लंबित रहती है l वर्तमान में सरकारी महाविद्यालयों में अधिकांश गैर शैक्षिक वर्ग के पद खाली हैं l इन संस्थाओं को 95% अनुदान देकर भी यह संस्थाएं सरकार के कंट्रोल में नहीं है l

इन कॉलेजों की देखरेख के लिए निदेशालय में 3 शाखाएं काम करती हैं l समायोजित करने के पश्चात निदेशालय का भार भी कम हो जाएगा और कार्य सुचारू रूप से चलेगा l समायोजित कर लेने से सरकार को  1176 गैर शिक्षक कर्मचारी मिल जाएंगे l

इस प्रकार सरकार ने अपना घोषणापत्र में किए गए वादे को अभी तक पूरा नहीं किया है l इसलिए हम सजग व जिम्मेवार मीडिया से आग्रह करते हैं कि एडिड स्कूलों की तर्ज पर ऐडेड कॉलेज के स्टाफ का सरकारी सेवा में समायोजन करवाने के लिए या यहां कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के समान दर्जा मिले इसके लिए हरियाणा सरकार पर दबाव बनाएं, जिससे वह अपना वायदा पूरा करें l इस उचित मांग को पूरा करवाने में हमारा सहयोग दें l समस्त गैर शिक्षक वर्ग को मीडिया से काफी उम्मीदें हैं l

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