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बाल कल्याण परिषद कर रही बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य- रंजीता मेहता


करनाल: हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव श्रीमती रंजीता मेहता ने कहा कि सीखने की कोई उम्र या समय सीमा नहीं होती है। हर कोई पूरे जीवन भर कुछ ना कुछ सीखता ही है। बाल कल्याण परिषद बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य कर रही है। वे गुरुवार को स्थानीय बाल भवन में आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर के दौरान आयोजित समारोह में बोल रही थी। उन्होंने करनाल जिला के बाल भवन में ग्रीष्मकालीन शिविर-2023 के सफल आयोजन पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक की भी प्रशंसा की।


श्रीमती मेहता ने कहा कि प्रदेश के बच्चों ने हर स्तर पर दूध दही खाणा, देशां मैय देश हरियाणा की कहावत को चरितार्थ किया है। हरियाणा के बच्चे किसी से कम नहीं हैं। बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी भी नहीं है। बच्चों को आगे निकलने के लिए केवल एक अवसर व बेहतर मंच की जरूरत है। इसके बाद उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। हरियाणा बाल कल्याण परिषद भी इसी दिशा में काम कर रही है और समर कैंप जैसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को विभिन्न गतिविधियां सीखने का मौका प्रदान करता है।


समर कैंप में स्लम में रहने वाले बच्चों को मौका मिलना अत्यंत सराहनीय

उन्होंने कहा कि करनाल के बाल भवन में आयोजित समर कैंप में स्मल एरिया के बच्चों को मौका दिया गया, जो अपने आप में बड़ी बात है। यहां पर क्रियेटिव राइटिंग व अन्य गतिविधियों में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। जो अत्यंत सराहनीय है। स्लम में रहने वाले बच्चों को बहुत कम अवसर मिल पाते हैं। इन कैंप से निकलकर बच्चे जिला स्तर, राज्य स्तर पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। इन बच्चों को समय-समय पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया जाता है। उन्होंने कार्यक्रम में बच्चों को मेडल देकर पुरस्कृत किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा समर कैंप के दौरान सीखे गए समूह गान, समूह नृत्य, सोलो डांस, कविता पाठ, पेंटिंग, योग, जूडो व ताइकवांडो आदि का प्रदर्शन किया।


बच्चों को समय दे माता-पिता

हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव श्रीमती रंजीता मेहता ने कहा कि मौजूदा समय में माता-पिता द्वारा बच्चों को समय देना चाहिए। हमें अपने बच्चों को संस्कारित बनाना चाहिए। यदि माता-पिता के पास समय नहीं है तो परिवार के अन्य सदस्यों को इस तरह की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। बच्चों को नशे की बुराइयों को बताना चाहिए ताकि बचपन से ही नशे से दूर रहने के संस्कार पैदा हों। उन्होंने कहा कि राज्य बाल कल्याण परिषद अच्छा कार्य कर रहा है। इसके लिए राज्यपाल व हरियाणा के मुख्यमंत्री का पूरा सहयोग मिल रहा है। हरियाणा सरकार ने राज्य बाल कल्याण परिषद के बजट को 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया है।


बाल कल्याण परिषद कर रहा बेहतर कार्यः विश्वास मलिक

जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने कहा कि जिला बाल कल्याण विभाग द्वारा करनाल में ग्रीष्मकालीन शिविर-2023 आयोजित किया गया। इस शिविर में 100 स्लम एरिया, 100 सरकारी स्कूल एवं 50 अन्य बच्चों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान बच्चों को अलग-अलग विधाओं के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें सीखाया भी गया। इससे इन बच्चों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद की ओर से बच्चों के विकास को लेकर अच्छा काम हो रहा है। आज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को बहुत अच्छा मंच मिलता है। बाल कल्याण परिषद नन्हीं प्रतिभाओं को तराशने का बेहतरीन काम कर रहा है ताकि बड़े मंचों पर भी बच्चे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें।


इस अवसर वरिष्ठ बाल कल्याण अधिकारी, मुख्यालय ओमप्रकाश मेहरा, रेडक्रास सचिव कुलबीर मलिक, सीएमजीजीए करनाल जिन्सों जॉर्ज चाको, पीआरओ संजीत, प्रोग्राम आफिसर सुमन शर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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