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बादल ने खेती बिलों से बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की अपील की


चंडीगढ़ - शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से देश में खासकर पंजाब में किसानों, खेत मजदूरों और कृषि उपज व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट लड़ाई लड़ने की अपील की क्योंकि यह बिल देश की तबाही वाला हो सकता है। सरदार बादल ने कहा कि हम किसानों, खेत मजदूरों, आढ़तियों और अन्य कृषि उपज व्यापारियों के समग्र हितों के लिए किसी भी संघर्ष में शामिल होने यां उसका पालन करने के लिए तैयार हैं। कल रात भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद अपना पहला सार्वजनिक भाषण दे रहे शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि देश को किसानों और खेत मजदूरों के साथ उनकी दयनीय परिस्थिति समझकर सहानुभूति रखने की जरूरत है जिसमें वे रह रहे हैं। ‘नए कृषि विधेयकों की तरह कुछ भी जो किसानों के उत्पादों पर अनिश्चिितता हो उससे न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि देश की सामाजिक स्थिरता के लिए विनाशकारी हो सकता है। किसानों की आर्थिक दुर्दशा पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। उन्होने कहा , इसीलिए हम देश के व्यापक राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। सरदार बादल ने पंजाब में शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द्र और भाईचारे को हर कीमत पर बनाए रखने के लिए पार्टी की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई है। सरदार बादल ने कहा कि ‘हमें लोगों के अधिकारों के लिए अपने संघर्ष को बिल्कूल शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रखने के लिए आदर्शों से हिचकिचाना नही चाहिए। हमें शांति भंग करके संघर्ष को बदनाम करने के प्रयासों के खिलाफ सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन इससे केवल पंजाबी बिरादरी के सदियों पुराने मुल्यों और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष के रास्ते की रक्षा के लिए हमें सकंल्प को मजबूत करना चाहिए। उन्होने फिर मुख्यमंत्री को किसानों को काले कानूनों से बचाने के लिए पूरे राज्य को प्रमुख मंडी (प्रिंसिपल मार्केटिंग यार्ड) घोषित करने के लिए अध्यादेश जारी करने की सलाह दी है। शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष आज रोपड़, होशियारपुर और फगवाड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं और किसानों के बड़ी जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे ताकि उन्हे 1 अक्टूबर के किसान मार्च के लिए लामबंद किया जा सके, जो पंजाब के तीनों तख्त साहिबों से शुरू होकर मोहाली में समापन होगा। सरदार बादल ने कहा कि शिरोमणी अकाली दल इन मार्च के समापन पर, भारत के राष्ट्रपति के लिए पंजाब के राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपेगा जिसमें उनसे तीन किसान विरोधी विधेयकों पर हस्ताक्षर नही करने और पुनर्विचार के लिए संसद में वापिस भेजने का आग्रह किया जाएगा। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरदार बादल ने कहा कि‘ शिरेामणी अकाली दल मूलतः किसानों की पार्टी है। भाजपा लीडरशीप किसान विरोधी विधेयकों के खिलाफ हमारी बार बार की गई दलीलों गौर करने को तैयार नही थी, न ही वे जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को राजभाषा के रूप में बहिष्कार करने पर हमारी आपत्तियों को सुन रहे थे। इसलिए सरदारनी हरसिमरत कौर बादल ने पहले मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और फिर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं सहित लोगों से परामर्श करने के बाद हमने गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला किया। सरदार बादल ने कहा कि किसानों, खेत मजदूरों और शिरोमणी अकाली दल कैडर ने कल राज्य भर में पूरी तरह शांतिपूर्ण धरना दिया। उन्होने कहा कि अगर हम एकजुट खड़े होते हैं तो हम भारत सरकार को किसानों के सामने झूकने और तीनों विधेयकों को निरस्त करने के लिए मजबूर करेंगे। इन विधेयकों को संसद में हमारी आवाज को दबाने के बाद पूरी जिद के साथ पारित किया गया है। इससे पहले जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि केंद्र जितना अधिक पंजाबियों पर अत्याचार करने की कोशिश करेगा, उतना ही दृढ़ निश्चयी हम बनेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर ‘बेबुनियाद बयान’ पर जमकर बरसते हुए सरदार बादल ने अधिकारियों द्वारा ट्वीट् करने की बजाय अपनी छिपनगाह से बाहर आने को कहा है। सरदार बादल ने कहा कि जो विधेयक हैं, वह कांग्रेस पार्टी के 2017 विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव घोषणापत्रों ने क्या वादा किया था। ‘जबकि अमरिंदर सौगंध खाकर किए गए अन्य वादों से मुकर गए हैं, उन्होने एकमात्र विधेयक पूरा किया जो किसानों के खिलाफ तथा कॉर्पोरेट शार्कों के हित में है। शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने अमरिंदर सिंह से कहा कि वे विधानसभा का सत्र बुलाएं और कांग्रेस सरकार द्वारा 2017 में कॉर्पोरेट घरानों के हित में लागू किए गए राज्य के एपीएमसी अधिनियम को निरस्त करें।

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