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बीमा धोखाधड़ी के मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की


सिंगल बिड टेंडर आंवटन के जरिए सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को कोविड-19 महामारी में डेथ कवरेज दिलाने के लिए नियम तोड़े गएः सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया

कहा कि टेंडर रद्द किया जाए तथा मामले में आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की

चंडीगढ़ (गुरप्रीत) पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज मांग की है कि सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा की गई बीमा धोखाधड़ी की स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि सहकारिता विभाग के कर्मियों ने सभी नियम तोड़ते हुए कोविड-19 महामारी के खिलाफ डेथ कवरेज प्रदान करने के लिए सिंगल बेड टेंडर आंवटन प्रक्रिया के माध्यम से किसी अज्ञात कंपनी को ठेका दिया गया है।

यहां प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सहकारिता मंत्री ने न केवल बोली कमेटी की सिफारिशोें से उपर जाकर एकल बोली निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया बल्कि पंजाब सरकार के सामान्य वित नियम, 2017 के अनुसार एक फर्म को तभी आगे बढ़ाया जा सकता है जब केवल एक विशेष फर्म ही वह सेवाएं दे सकती हो। उन्होने कहा कि सरदार सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस तथ्य की भी अनदेखी की है कि केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकार ने भी इस महामारी के दौरान ड्यूटी के दौरान अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के जीवन देन पर उनके परिजनों को मुआवजा देने के निर्देश जारी किए थे। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने गो डिजिट को ठेका दिए जाने से तीन दिन पहले 8 मई को इस संदर्भ में एक पत्र भी जारी किया था।

सरदार मजीठिया ने कहा कि भले ही इन दोनों को आश्वासन प्राप्त हो गए हों, लेकिन सहकारिता मंत्री ने 11 मई को एक निविदा जारी की ताकि एक अज्ञात कंपनी गो डिजिट इंश्योरेंस कंपनी को सिंगल बिड टेंडर के माध्यम से कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपने विभाग के कर्मचारियों को मौत का कवरेज प्रदान किया जा सके। उन्होने कहा कि इस तथ्य के बावजूद कि टेंडर दस्तावेज में यह निर्देश दिया गया है कि निविदा के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों के पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन और एक तंदरूस्त टै्रक रिकॉर्ड होना चाहिए।

सरदार मजीठिया ने कहा कि सरकारी कार्यप्रणाली के अनुसार अगर पहली बार में एक भी बोली आई है तो कोई तकनीकी बोली नही लगाई जाती। उन्होने कहा कि नियमानुसार भले ही अधिक बोलियां लगती हैं लेकिन तकनीकी मूल्यांकन के बाद बोली केवल एक योग्य कंपनी पाई जाती है तो भी टेंडर खोला नही जाता पर इस मामले में वित्तमंत्री ने गो डिजिटल को टेंडर अलाट करने के लिए टेंडर अॅलाटमेंट कमेटी को भी खारिज कर दिया था जिस कारण इस कार्रवाई में भ्रष्टाचार किया गया नजर आ रहा ह,ै जिसमे रिश्वत ली गई हो।

उन्होने कहा कि अकाली दल मांग करता है कि टेंडर तुरंत रद्द किया जाए तथा इस मामले में एक आपराधिक मामला दर्ज किया जाए तथा राज्य के खजाने के हुए नुकसान की वसूली सहकारिता मंत्री से की जाए।

अकाली नेता ने कहा कि सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को मृत्यु बीमा कवर प्रदान किया गया था पर नीति इस ढ़ंग से बनाई गई कि कोरोना से अन्य बीमारी लगने की सूरत में बीमा कवर देने से इंकार कर दिया गया। उन्होने कहा कि कोरोना जैस्ी बीमारी के मामले में अन्य रोग लगना  आम बात है इस  तथ्य को अस्वीकार करना नीति धारकों के हितों के खिलाफ है।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल तथा पार्टी के कार्यालय सचिव चरनजीत सिंह बराड़ भी उपस्थित थे।



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