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मुख्यमंत्री को दूसरों पर आरोप लगाने की बजाय अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए : सुनील जाखड़


चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंचायतों को भंग किए जाने की जिम्मेदारी अधिकारियों पर डालने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर नहीं चल सकती। भाजपा पंजाब के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को तुरंत अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और पंजाबियों से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि इस गलती के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से आम आदमी पार्टी की नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की बदनामी हुई है।

सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब को लावारिस छोड़कर अपने आका के सारथी बनकर देश भर में अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री का ध्यान राष्ट्रीय राजनीति पर है, इसलिए पंजाब पर उनका कोई ध्यान नहीं है, जिससे पंजाबियों का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि पंचायतें भंग करने का फैसला किसका था और इस फैसले पर कैबिनेट की बैठक में चर्चा हुई थी या नहीं। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत की सख्ती देखकर शर्मिंदगी से बचने के लिए ही पंजाब सरकार ने यह फैसला वापस लिया है।

जाखड़ ने शंका जताते हुए कहा कि यह फैसला दिल्ली से तो नहीं आया है। जाखड़ ने कहा कि यह झूठ की सरकार है और झूठ पर झूठ बोलकर अपना समय काट रही है। इस मुद्दे पर भी सरकार ने झूठ बोला है। सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया है, बल्कि उन्हें फैसला वापस लेने के लिए मजबूर किया गया है। इस फैसले ने सरकार की किरकिरी करवा दी है।

सुनील जाखड़ ने कहा कि सरकार अभी भी इस मुद्दे पर अपनी खोई हुई साख बचाने का रास्ता ढूंढ रही है। सरकार चाहती है कि पंचायतें बरकरार रहें, लेकिन वित्तीय कार्य प्रशासक करें। पंचायतें अभी भी वित्तीय आपातकाल के अधीन हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पंचायतें बहाल नहीं हो जातीं और सारे अधिकार उन्हें वापस नहीं मिल जाते, हम इस मुद्दे पर पुरजोर विरोध करेंगे।

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर बोलते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि अब सच्चाई सबके सामने आ गई है, जो लोग कहते थे कि केजरीवाल और भगवंत मान का इंडिया गठबंधन से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें अब जवाब देना चाहिए। जाखड़ ने तस्वीरें जारी कर कहा कि पंजाब में विपक्षी कांग्रेस आधिकारिक तौर पर आम आदमी पार्टी के साथ ईकमिक हो गई है। कांग्रेस हाईकमान को भी पता था कि पंजाब कांग्रेस का आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हो चुका है, इसीलिए दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन का विरोध करने वाले दिल्ली के अध्यक्ष को तो बदल दिया गया, लेकिन पंजाब में विरोध करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्पष्ट है कि पंजाब के कांग्रेसी नेता पहले से ही आम आदमी पार्टी के साथ अंदरखाते समझौता कर चुके हैं।

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