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मेडिकल और लिक्विड ऑक्सीजन के उत्पादन एवं उपलब्धता की कोई कमी नहीं


चंडीगढ़, (अदिति)- हरियाणा में मेडिकल और लिक्विड ऑक्सीजन के उत्पादन एवं उपलब्धता की कोई कमी नहीं है तथा प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

          यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने आज भारत सरकार द्वारा ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में दी। बैठक में श्री राजीव अरोड़ा ने अन्य अधिकारियों के साथ भाग लिया ।

          श्री अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा में मेडिकल और लिक्विड ऑक्सीजन के उत्पादन एवं उपलब्धता की कोई कमी नहीं है। हरियाणा में चार एयर सेपरेशन यूनिट नामत: एयर लिक्विड, पानीपत, जिसकी क्षमता 240 मीट्रिक टन, गुप्ता गैस हिसार, जिसकी क्षमता 3 मीट्रिक टन, गुप्ता इंडस्ट्रीज गैस, हिसार, जिसकी क्षमता 2.5 मीट्रिक टन एवं जिंदल स्टील, जिसकी क्षमता 6.8 मीट्रिक टन है ।

          उन्होंने बताया कि हरियाणा के अस्पतालों में 29 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक उपलब्ध हैं और चार टैंक अभी पिछले लगभग तीन महीने में लगाये गए हैं । हरियाणा में लिक्विड ऑक्सीजन ले जाने के लिए 62 टैंकर भी रजिस्टर्ड हैं। हरियाणा में इंडस्ट्रीयल ऑक्सीजन बनाने वाली यूनिट को मेडिकल ऑक्सीजन बनाने का लाइसेंस भी दिया गया है। हरियाणा में ऑक्सीजन सिलेंडर भरने की 8 इकाइयां भी हैं जो ऑक्सीजन सिलेंडर भर कर  कोविड अस्पतालों तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकांश कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन टैंक मेनिफोल्ड आदि उपलब्ध हैं।

          श्री राजीव अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोविड मरीजों के इलाज के रेट पहले से ही तय किए हुए हैं और स्वास्थ्य विभाग इनकी अनुपालना सुनिश्चित करवा रहा है। इसलिए अभी तक ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। महामारी के समय यदि कोई भी ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी का मामला प्रकाश में आता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

          श्री राजीव अरोड़ा ने केंद्र सरकार को आश्वस्त किया कि हरियाणा में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

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