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मायावती हरियाणा में फिर से बसपा की पैठ बनाने का करेंगी प्रयास


चंडीगढ़ (गुरप्रीत) अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा हरियाणा में दुसरे दल का दामन पकड़ने से आहत बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती जल्द ही हरियाणा में अपनी साख बचने हेतु फिर से ताकत झोंकेंगी। हालाँकि अभी पार्टी का कोई विशेष प्रतिनिधत्व नहीं है परन्तु किसी समय बसपा का रूतबा हरियाणा में अच्छाखासा थ। मायावती इसी रुतबे में जान फूंकने के प्रयास से एक बार फिर हरियाणा में नए सिरे से अपना काडर खड़ा करेगी।

पूर्व में बसपा से निकाले जा चुके करीब पांच दर्जन पदाधिकारियों के इनेलो में जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष मायावती ने हरियाणा की तरफ रुख किया है। कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के बाद मायावती हरियाणा का दौरा भी करेंगी। बसपा सुप्रीमो ने अपनी प्रदेश यूनिट को न केवल गांव दर गांव जाकर हर वर्ग में पैठ बनाने के निर्देश दिए, बल्कि युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए दो-दो माह का अलग-अलग प्लान तैयार करने को भी कहा है। बसपा के प्रदेश कोऑर्डिनेटर डॉ. महेश कुमार के अनुसार प्रत्येक वर्ग के लिए बनने वाले प्लान पर पूरे दो माह तक काम चलेगा। बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश यूनिट को हर वर्ग की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ने की रणनीति तैयार की है। प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट गुरमुख सिंह (यमुनानगर) के नेतृत्व में 15 राज्य पदाधिकारी और 30 लोकसभा प्रभारी इस पूरी प्लानिंग पर काम करेंगे। बसपा के यह 45 लोग दो-दो विधानसभा क्षेत्र में पार्टी अध्यक्ष मायावती के प्लान को धरातल पर लागू करने की दिशा में जुटने वाले हैं।

डॉ. महेश ने इस बात से इंकार किया कि बसपा का इनेलो में विलय हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जिन लोगों ने अपनी जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वाह नहीं किया, उन्हेंं पार्टी अध्यक्ष मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निकाल दिया था। अब यह लोग इनेलो में चले गए तो बसपा की राह आसान हो गई है। बसपा में यह लोग कमजोर कड़ी थे। इनके जाने के बाद बसपा को संगठनात्मक रूप से मजबूती मिलेगी तथा पार्टी कार्यकर्ताओं में भी अब भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी।

प्रदेश कोऑर्डिनेटर ने कहा कि बसपा राष्ट्रीय पार्टी है। उसका वर्तमान संगठन चट्टान की तरह मजबूत है। हरियाणा में अगर भाजपा की सरकार बनी है तो उसके जिम्मेदार इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ही हैं, क्योंकि उनके खुद के परिवार में टूटन और बिखराव हो गया था। वह अपने परिवार को संभाल नहीं पाए और उनका एक पोता दुष्यंत चौटाला भाजपा की गोद में जाकर बैठ गया, जिस कारण भाजपा को सत्ता में आने का मौका मिल गया। इसलिए इनेलो नेताओं को बसपा में तोडफ़ोड़ करने अथवा उसके अपनी पार्टी में विलय का दावा करने से पहले चौटाला परिवार को एकजुट करने की चिंता करनी चाहिए।

डॉ. महेश कुमार ने एक सवाल के जवाब में बताया कि दिल्ली व हरियाणा का संयुक्त प्रभार देख रहे सीपी सिंह जल्द ही हरियाणा का दौरा करेेंगे। वह कार्यकर्ताओं को पार्टी अध्यक्ष मायावती का संदेश देंगे। उसके बाद मारामारी खत्म होते ही बसपा सुप्रीमो को हरियाणा बुलाया जाएगा, ताकि कार्यकर्ताओं में नए उत्साह और जोश का संचार हो सके। तब तक उनके द्वारा दिए गए जनहित के एक्शन प्लान पर पूरी पार्टी काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पिछले साल 28 अक्टूबर के बाद नया संगठन काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रकाश भारती और नरेश सारन समेत इनेलो में गए विभिन्न पदाधिकारियों को सात जनवरी को इसी साल पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से निकाल दिया गया था। इनमें से कई ऐसे लोगों के फोन आ रहे हैं, जो कह रहे कि भारती ने उनका नाम इनेलो में जाने वालों की लिस्ट में जबरदस्ती लिख दिया था, लेकिन वह बसपा संगठन से जुड़े हैं।

प्रांतीय कार्डिनेटर ने भाजपा सरकार द्वारा 1983 पीटीआइ को निकालने तथा 10 हजार स्वास्थ्य कॢमयों की नौकरी छीनने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों, किसानों व मजदूरों की आवाज न तो जजपा उठा रही है और न ही इनेलो व कांग्रेस। भाजपा का विकल्प प्रदेश में कांग्रेस नहीं बल्कि बसपा ही हो सकती है।

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