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युद्धभूमि में दिल मांगे मोर का सन्देश देने वाले कैप्टन बत्रा की जयंती पर लगाया रक्तदान शिविर


चण्डीगढ़ : विश्व फिजीयोथेरेपी सप्ताह-2023 के पंचम दिवस के अवसर पर नव्य भारत फाउंडेशन (एनबीएफ) एवं स्टूडेंट असोसिएशन ऑफ फिजीकल थैरेपी (एसएपीटी) के संयुक्त तत्वाधान में देश के अमर शहीद परम वीर चक्र से सम्मानित कारगिल हीरो एवं युद्धभूमि में दिल मांगे मोर का मंत्र देने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती की पूर्व संध्या पर मिशन जीवन रेखा के अंतर्गत विशाल रक्तदान शिविर पीजीआई में आयोजित करवाया गया। शिविर का उद्घाटन कैप्टन बत्रा के जुड़वा भाई विशाल बत्रा, रीटेल हेड(नार्थ) आईसीआईसीआई बैंक के कर कमलों से हुआ। इस मौके पर प्रोफेसर विपिन कौशल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट पीजीआई, कुमार अभय, वित्तीय सलाहकार, पीजीआई, प्रोफेसर रति राम शर्मा, विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन व प्रोफेसर सुचेत सचदेव उपस्थित रहे। इस मौके पर सभी ने अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की। विशाल बत्रा ने कैप्टन बत्रा के शौर्य एवं पराक्रम की गाथा को याद किया व एनबीएफ एवं एसएपीटी के इस ऐतिहासिक जन जागरूकता अभियान की सराहना की और कहा कि रक्तदान महादान है। साथ ही उन्होने कैप्टन बत्रा के साथ अविस्मरणीय पलों को याद किया। इस मौके पर पीजीआई चंडीगढ़ के फिजियोथेरेपिस्ट व एनबीएफ एवं एसएपीटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध उनियाल ने बताया कि कैप्टन बत्रा आज के युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं व उनके अदम्य साहस और पराक्रम नमन करते हुए यह रक्तदान शिविर हर उन वीर सैनिकों को समर्पित है जो देश की सेवा में अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। इस मौके पर पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टर्स, नर्सेस, फिजियोथेरेपिस्ट, विद्यार्थियों व अन्य स्टॉफ ने बढ़-चढ़ कर रक्तदान किया और कैप्टन बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही रोटो (नार्थ) के साथ मिलकर सभी को अंगदान के लिए भी जागरूक किया गया।

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