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राहुल गांधी से पूछा- कांग्रेस सरकार नवजोत सिद्धू की मांग के अनुसार सरकार खाद्यान्न की खरीद करेगी


चंडीगढ़ (गुरप्रीत) : शिरोमणी अकाली दल ने आज कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से कहा कि वह पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू की मांग को स्वीकार करते हुए किसानों की पूरी जिम्मदारी लेगी ताकि राज्य की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य  (एमएसपी) के अनुसार अनाज की खरीद शुरू की जा सके।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता सरदार महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह माना जाता है कि नवजोत सिद्धू राहुल गांधी के शुभंकर हैं। गांधी परिवार ने सिद्धू को मनाने के लिए कांग्रेस के महासचिव हरीश रावत को तैनात किया था ताकि राज्य में चल रही फ्लॉप ट्रैक्टर रैली में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। यह मानना उचित है कि राहुल राज्य सरकार द्वारा गेंहू और धान की सौ प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करके किसानों के अधिकारों की रक्षा करने की सिद्धू की मांग को स्वीकार करेंगे। अकाली नेता ने कहा कि यह कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश के अनुरूप भी है जिसमें कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों से केंद्र द्वारा अधिनियमित कृषि कानूनों को दरकिनार करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 254 के तहत् अपने कानून बनाने को कहा गया है।

राहुल गांधी से लग्जरी स्टाइल सोफा चेयर वाले टै्रक्टरों में ‘तमाशा’ और फोटो सैशन का सहारा लेने की बजाय समाधान के बारे में पूछते हुए सरदार महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि राहुल गांधी को किसानों को मुर्ख बनाने के लिए चुनाव होने वाले राज्यों का दौरा करने की आदत है। उन्होने कहा कि यह मध्यप्रदेश में देखा गया है जहां राहुल विधानसभा चुनावों के कारण एक आत्महत्या पीड़ित से मिलने गए थे। ‘ हालांकि राहुल ने सैंकड़ों किसान आत्महत्याओं के बावजूद पिछले कुछ वर्षों के दौरारन पंजाब का दौरा नही किया क्योंकि उनकी सरकार किसानों से किए गए पूर्ण कर्जा माफी के वादे को पूरा करने में विफल रही है।

सरदार ग्रेवाल ने कहा कि इसी तरह राहुल ने राज्य के किसानों की शिकायतों और खेत मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए एक भी शब्द नही बोला था। उन्होने कहा कि राहुल भूल गए हैं कि उनकी पार्टी ने ‘घर घर नौकरी’ और युवाओं को 2500 रूपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था’। इन सभी वादों को पूरा करना तो भूल जाइए, राहुल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को राज्य के गन्ना किसानों को सरकार और सहकारी चीनी मिलों से 450 करोड़ रूपये जारी करने का निर्देश भी नही दिया।

पंजाब के मेहनती किसान अब कांग्रेस पार्टी पर दोबारा भरोसा नही करेंगे, यह कहते हुए अकाली नेता ने कहा कि यह सच है कि राहुल गांधी ने कृषि अधिनियमों के लिए एक आसान मार्ग सुनिश्चित करके किसानों के हितों को बेचने का सौदा किया था। उन्होने कहा कि राहुल गांधी जब कृषि विधेयकों को संसद में पेश करने वाले थे तो वह न केवल देश से भाग गए बल्कि उनके खिलाफ मतदान करने के लिए अपने सांसदों को व्हिप जारी करने से इंकार करके उनके पारित होने में सहायता की। इससे पहले 2012 में इसी तरह के अधिनियम को पारित करने की कोशिश करके कृषि अधिनियमों की नींव रखी थी और फिर ऐसा करने में विफल रहने के बाद घोषणा की अगर 2019 के संसदीय चुनावों में कांग्रेस सत्ता में आती है तो कि कांग्रेस पार्टी ‘मंडीकरण’(सरकारी खरीद प्रणाली) को समाप्त कर देगी।

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