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शराब घौटाले पर खट्टर ने घुमा के दिया उत्तर


रेड करने वाली टीम होगी लाइव, लगेंगे कैमरे

चंडीगढ़, (अदिति)- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पिछले छ: वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने व व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने की पहल की है और इस कड़ी में काफी हद तक सफलता भी प्राप्त हुई है, चाहे वह मैरिट आधार पर भर्तियां करने की बात हो या अध्यापक स्थानांतरण नीति की बात हो। राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की इस पहल की सराहना हुई है।आज यहां सेक्टर-3 में हरियाणा निवास में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छ: वर्षों में लगभग 85 हजार पदों पर सरकारी भर्तियां मैरिट आधार पर की गई हैं । उन्होंने कहा कि आगामी पाँच वर्षों में एक लाख से अधिक पदों पर और भर्तियां की जाएंगी। शराब घौटाले पर खट्टर ने घुमा के उत्तर दिया जबकि रेड करने वाली टीम अब लाइव होगीऔर उनके शरीर पर कैमरे लगेंगे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जो मैरिट आधार पर कर्मचारी भर्ती किए गए हैं, निश्चित रूप से वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे ऐसा उनका मानना है।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए जिला परिषदों के अलग से सीईओ नियुक्त करने के बाद शहरी स्थानीय निकायों में भी अलग से जिला नगर आयुक्त लगाए गए हैं। इससे इन संस्थानों के वित्तीय संसाधन जुटाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले स्थानीय निकाय बजट के लिए इस बात पर निर्भर रहती थी कि सरकार की ओर से उन्हें केंद्रीय वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग से ग्रांट मिल जाएगी, परंतु अब वे स्वयं के संसाधन जुटाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि निकायों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

शराब घोटाले के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि डिस्टलरी से लेकर शराब के ठेकेदारों तक यह एक कड़ी होती है और अलग-अलग राज्यों से इसके तार जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में हालांकि कोई डिस्टलरी नहीं है, लेकिन यहां पर कई बोटलिंग प्लांट है, जिससे अन्य राज्यों में शराब जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की डिस्टलरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, पुलिस व ईटीओ कार्यालय की संयुक्त पैट्रोलिंग टीमें शराब की आवजाही पर निगरानी रखती हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में आबकारी राजस्व 3200 करोड़ रुपये था जो वर्ष 2020-21 में अब तक 6400 करोड़ रुपये हो गया है और अनुमान है कि यह 7000 करोड़ रुपये हो जाएगा। राजस्व में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार ने व्यवस्थाओं में सुधार किए हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के बाद भी जीएसटी वैट व खनन से 338 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जोकि पिछले वर्ष 330 करोड़ रुपये था।

श्री खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार ने खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया को सुचारू व सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। पहली बार मक्का की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इससे पूर्व, बाजरे की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई थी। अब तक धान व अन्य फसलों के भुगतान स्वरूप 1000 करोड़ रुपये सरकार की ओर से जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हरियाणा के किसानों का हित है और इसके लिए ही सबसे पहले मंडियों में प्रदेश के किसानों की फसलों की खरीद की जा रही। अन्य राज्यों के किसानों को अपनी उपज हरियाणा की मंडियों में लाने से पहले रजिस्ट्रेशन करवाना होगा चाहे वह आढ़तियों के माध्यम से हो या अपने स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि पंजाब व राजस्थान सरकार भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद करें ताकि वहां के किसानों को हरियाणा में आना ही न पड़े। उन्होंने कहा कि धान की खरीद का 7 दिनों के अंदर-अंदर भुगतान करने के इंतजाम किए गए हैं। आई-फॉर्म जनरेट होने व स्वीकृत होने के 3 दिन के अंदर-अंदर भुगतान किया जा रहा है।


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