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शहरों के झुग्गी झोंपड़ी में कोविड -19 के फैलाव को रोकने के लिए ‘सिटी प्रीपेअरडनैस्स योजना


अब तक 2,15,000 से अधिक नमूने लिए गए

चंडीगढ़, (अदिति): 5 जिलों के शहरों के झुग्गी झोंपड़ी वाले इलाकों जहाँ कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने की कोशिशों को बल देने के मद्देनजऱ पंजाब सरकार की तरफ से एक ‘सिटी प्रीपेअरडनैस्स योजना ’ बनायी गई है।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, एस.ए.एस.नगर और पटियाला जिलों में कोविड -19 के 54 प्रतिशत से अधिक मामले सामने आए हैं , इसलिए विशेष क्षेत्र में वायरस के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत कार्यवाही करने के लिए जि़ला आपदा प्रबंधन कमेटी की एक सब -कमेटी में अब मैडीकल कालेज की कम्युनिटी मैडिसन फेकल्टी, डब्ल्यूएचओ, एनपीएसपी स्टाफ और एक प्रमुख एनजीओ को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समर्पित कमेटी स्वास्थ्य विभाग के साथ सलाह मशवरे के ज़रिये महामारी के फैलाव को रोकने के लिए योजनाएँ बनाने, लागू करने, निगरानी करने और रिपोर्टिंग के लिए शहरी प्रशासन की सहायता करेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘इन कमेटियों से महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के बाद डायरैक्टर, स्वास्थ्य सेवाएं, कार्यकारी डायरैक्टर, एसएचएसआरसी और स्टेट ऐपीडीमोलोजिस्ट की एक राज्य स्तरीय कमेटी नमूने एकत्रित करने, टेस्टिंग और रिपोर्टिंग सम्बन्धी आगे फ़ैसलें लेगी जिससे नमूने लेने से लेकर मरीज़ की रिपोर्ट आने तक के समय को घटाया (24 घंटे से कम) जा सके।

मंत्री ने आगे कहा कि शहरों के झुग्गी झोंपड़ी वाले इलाकों में ‘सिटी प्रीपेअरडनैस्स योजना ’ को यकीनी बनाने के लिए विशेष तौर पर कंटेनमैंट और माईक्रो कंटेनमैंट क्षेत्रों में घर घर निगरानी मुहिम और टेस्टिंग प्रक्रिया का रोज़मर्रा के आधार पर जायज़ा लिया जायेगा। फ्रंटलाईन वर्करों की टीमें और वालंटियर कोविड के कम लक्षण वाले व्यक्ति जैसे कि सिर दर्द, शरीर का टूटना, गले में दर्द, बुख़ार आदि को फ्लू कॉर्नरें में डाक्टरों से सलाह लेकर इलाज कराने के लिए प्रेरित करेंगे।

स. सिद्धू ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के टैस्ट के लिए 2,15,000 से अधिक नमूने लिए जा चुके हैं और नमूने लेने के सामथ्र्य को और बढ़ाने के लिए कम्युनटी हैल्थ अफ़सर, रुरल् मैडीकल अफ़सर और सैंपल लेने के लिए योग्य समझे जाने वाले तकनीकी स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

शहरों के झुग्गी झोंपड़ी वाले इलाकों को ध्यान में रखते स्वास्थ्य संस्थाओं समेत हैल्थ वैलनैस सैंटरज़ में फ़ाल्तू फ्लू कॉर्नर स्थापित किये गए हैं जहाँ लक्षण पाये जाने वाले व्यक्तियों की जानकारी हैडक्वाटर में अगली कार्यवाही और तैयारियों के लिए भेजी जाती है।

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