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शहरी क्षेत्रों की गैर-जरूरी वस्तुओं वाली दुकानों, होटलों और रैस्टोरैंटों के समय में रात 9 बजे तक छूट


चंडीगढ़, (गुरप्रीत ) ; कांग्रेस के कई विधायकों और मैडीकल माहिरों द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सोमवार को शहरी क्षेत्रों में कुछ छूटों का ऐलान किया है जिनमें शनिवार को गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोलना और सोमवार से लेकर शनिवार तक रात 9 बजे तक उनको समय में छूट देना शामिल है। संशोधित फैसले के अनुसार सभी शहरों/कस्बों में अब रात 9.30 से लेकर प्रातःकाल 5.00 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

होटलों और रैस्टोरैंटों को सभी दिनों दौरान जिनमें रविवार भी शामिल होगा, रात 9.00 बजे तक खुले रहने की इजाजत होगी और संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार इस समय के बाद खाने की होम डिलीवरी की इजाजत होगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी फैसला किया गया है कि मोहाली में गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानों के खोले जाने को बाकी की ट्राईसिटी अर्थात चंडीगढ़ और पंचकुला के साथ जोड़ा जाये। 

इन फैसलों का ऐलान मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब कांग्रेस के विधायकों के साथ कोविड की स्थिति बारे चर्चा करने के लिए बुलाई गई वर्चुअल मीटिंग के दूसरे दौर के समय किया गया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मीटिंग में बताया कि डॉ. के.के. तलवार, जोकि कोविड सम्बन्धी राज्य सरकार के माहिर ग्रुप के प्रमुख हैं, ने समूह सावधानियों के साथ यह छूटें देने की सलाह दी है।

दुकानदारों द्वारा काफी लंबे समय के लिए उनकी दुकानें बंद रहने के बावजूद भारी बिल आने की शिकायतों बारे जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि बीते बरस की औसत के हिसाब से बिल न लिए जाएँ बल्कि वास्तविक बिल भेजे जाएँ। 

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस मौके पर पॉजिटिव आने वाले निर्माण क्षेत्र के कामगारों के लिए या जिनके नजदीकी परिवार भी पॉजिटिव हैं और क्वारंटीन किये गए हैं, के लिए 1500 रुपए के नकद मुआवजे का ऐलान भी किया। उन्होंने कांग्रेसी विधायकों को कहा कि वह पॉजिटिव आए गरीब मरीजों को खाने के पैकेट मुफ्त बाँटने में सक्रिय भूमिका निभाएं जिससे घरेलू एकांतवास दौरान कम-से-कम 7-10 दिन के लिए उनके पास भरपूर मात्रा में राशन हो। 

मीटिंग के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिए कि कुछ समाज विरोधी तत्वों और आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा कोविड टेस्टिंग और अंगों को निकाले जाने सम्बन्धी किये जा रहे नकारात्मक प्रचार का करारा जवाब दिया जाये। उन्होंने विधायकों और मंत्रियों को यह भी कहा कि वह अपने-अपने हलकों में वर्करों और सरपंचों आदि के द्वारा लोगों तक पहुँच बनाने और स्वास्थ्य सम्बन्धी समूह सवधानियों का पूर्ण रूप से पालन करने के लिए लोगों को उत्साहित करने हेतु सरपंचों को आगे बढ़कर मिसाली किरदार निभाने के लिए कहा।  

मुख्यमंत्री ने यह बात जोर देकर कही कि उनकी सरकार पंजाब विरोधी और पंजाबी विरोधी प्रचार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और उन्होंने पुलिस को ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे शरारती तत्वों की पहचान करने और इसकी सूचना पुलिस को देने के लिए उत्साहित करना चाहिए। उनको यह भी बताया गया है कि ऑक्सीमीटर टैस्टों का विक्लप नहीं हैं और टैस्ट में देरी मौत दर को बढ़ाती है। ऑक्सीमीटर सिर्फ एक व्यक्ति को हस्पताल में दाखिल होने के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं जब ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार 50,000 और ऑक्सीमीटर खरीद कर स्वास्थ्य स्टाफ और आशा वर्करों को दे रही है और कुछ घरेलू एकांतवास मरीजों को भी दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विधायकों को कहा कि वह लोगों के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए अपने हलके और अस्पतालों का निरंतर दौरा करते रहें।

मीटिंग में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा और चिकित्सा शिक्षा एवं खोज मंत्री ओ.पी. सोनी के साथ सीनियर अधिकारी भी उपस्थित थे।

मीटिंग में शामिल हुए विधायकों में जोगिन्द्र पाल (भोआ), अमित विज (पठानकोट), हरप्रताप सिंह अजनाला (अजनाला), सुखविन्दर सिंह डैनी (जंडियाला), सुनील दत्ती (अमृतसर उत्तरी), राज कुमार वेरका (अमृतसर पश्चिमी), इन्दरबीर सिंह बुलारिया (अमृतसर दक्षिणी), तरसेम सिंह डी.सी. (अटारी), हरदेव सिंह लाडी (शाहकोट), चौधरी सुरिन्दर सिंह (करतारपुर), सुशील कुमार रिंकू (जालंधर पश्चिमी), रजिन्दर बैरी (जालंधर सैंट्रल), अवतार सिंह संघेड़ा जूनियर (जलंधर उत्तरी), परगट सिंह (जालंधर कैंट), गुरकीरत सिंह (खन्ना), अमरीक सिंह ढिल्लों (समराला), संजीव तलवार (लुधियाना पूर्वी), सुरिन्दर सिंह डावर (लुधियाना केंद्रीय), राकेश पांडे (लुधियाना उत्तरी), कुलदीप सिंह वैद्य (गिल), लखवीर सिंह लक्खा (पायल), मदन लाल जलालपुर (घनौर), राजिन्दर सिंह (समाना), निर्मल सिंह (शुतराना) और प्रीतम सिंह कोटभाई (भुच्चोमंडी) शामिल थे।   

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