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सभी देशवासियों के भरपूर सहयोग और समर्थन से ही पूरा हो सकेगा राम के दिव्य मन्दिर का निर्माण


हिसार, (ग्लोबल न्यूज़) : कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य व विधायक कुलदीप बिश्नोई ने अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के मन्दिर निर्माण के लिए किए गए  भूमि पूजन की अपनी ओर से देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समता, समानता और नैतिक मूल्यों की प्रतिमूर्ति भगवान श्री राम के दिव्य मन्दिर के निर्माण का कार्य ?सभी देशवासियों के भरपूर सहयोग और समर्थन से ही पूरा हो सकेगा।  बिश्नोई ने कहा कि भगवान श्रीराम न्याय, आस्था, परित्याग  और आध्यात्मिक शक्ति का पूंज हैं। वे उदारता, सदाशयता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने जीवन में उदात्त मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए त्याग और उदारता  का सर्वोच्च उदाहरण समाज के सम्मुख प्रस्तुत किया है।                         

बिश्नोई ने कहा कि भगवान श्रीराम वीरता, धैर्य और सत्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण हैं। यही कारण है कि उन्होंने विश्व का कल्याण करने और समाज में आदर्श मूल्यों की स्थापना करने के लिए अपनी लीलाओं के माध्यम से संसार को आपसी प्यार, सद्भावना और सौहाद्र्र का अमर सन्देश दिया। जो आज भी उतना ही सार्थक और समीचीन है। भाई के प्रति भाई का अनन्य स्नेह, प्यार और भक्ति का अनूठा उदाहरण रामायण में वर्णित किया गया है। इसी प्रकार से माता-पिता की आज्ञा को शिरोधार्य करते हुए उनकी आज्ञा पालन का अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया है। भगवान श्रीराम का चरित्र जीवन के शाश्वत मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम अपनी शरण में आए हुए शत्रु को भी क्षमादान करते हैं। यही उनके उच्च आदर्श मूल्यों की परिणति है।  उन्होंने कहा कि श्रीराम ने समाज में गरीब और अमीर का भेदभाव समाप्त करके रामराज्य की स्थापना की थी और यही धारणा युगों-युगों तक हमारे लिए प्ररेणा का श्रोत बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम, कत्र्तव्यपरायणता की प्रतिमूर्ति हैं और आपसी सहयोग और समन्वय का बेजोड़ उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मूलभूत सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए ही हम मानवता के कल्याण की और उन्मुख हो सकतें हैं। भगवान श्रीराम समदर्शी हैं। सब में उनका वास है और सभी प्राणी राममय हैं। उन्होंने कहा कि  भगवान श्रीराम के आदर्श राज्य की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब हम सभी एकजुट होकर उनके द्वारा स्थापित किए गए उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए गरीब से गरीब व्यक्ति के आंसू पोंछने का भरसक प्रयास करेंगे। उन्होंने लोगों को आह्वान किया कि हम सब मिलकर भगवान श्री राम के उदात्त और अलौकिक गुणों को अपने जीवन में धारण करते हुए, गरीबों और दीन-दुखियों के कष्टों का निवारण करते रहें। तभी हमारा जीवन सार्थक और सफल हो सकेगा और देश में भगवान श्रीराम के मानवता के कल्याण के लिए दिए गए सन्देश की गूंज सर्वत्र सुनाई देगी।  

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