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सरहद पार से आतंकवाद को रोकने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्थापित होगा एस.पी.वी.


ड्रोन भेजने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजऱ कैबिनेट द्वारा पुलिस की आतंकवाद रोकथाम सामथ्र्य में वृद्धि करने को भी मंज़ूरी

चंडीगढ़, (गुरप्रीत) : सरहदी राज्य में ड्रोन के द्वारा हथियारों और नशे की तस्करी के बढ़ते मामलों के मद्देनजऱ पंजाब सरकार ने अपनी पुलिस बल की आतंकवाद रोकथाम सामथ्र्य को बढ़ाने और सरहद पार से आतंकवाद को रोकने के लिए विशेष उद्देश्य वाहन (एस.पी.वी.) स्थापित करने का फ़ैसला किया है।

पंजाब पुलिस के लिए बड़े स्तर पर किये जा रहे पुनर्गठन के हिस्से के तौर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जिनके पास गृह विभाग भी है, की अध्यक्षता अधीन हुई कैबिनेट की मीटिंग में पंजाब आबकारी विभाग द्वारा स्थापित किये गए ई.टी.टी.एस.ए. की तजऱ् पर एस.पी.वी. स्थापित करने की मंज़ूरी दे दी। मुख्यमंत्री जो मंत्री इंचार्ज होने के नाते एस.वी.पी. के चेयरमैन होंगे, को जल्द से जल्द एस.पी.वी. स्थापित करने के लिए ज़रुरी कदम उठाने के लिए अधिकारित कर दिया।

पुलिस प्रबंधन के साथ-साथ अपराध रोकने और पता लगाने में तकनीक की बढ़ती महत्ता के मद्देनजऱ यह फ़ैसला किया गया कि पुलिस की ज़रूरतों के अनुसार एस.पी.वी. को पुलिस की तकनीकों के अलग-अलग अग्रणी क्षेत्रों में माहिरों और सलाहकारों की नियुक्ति करने के लिए लचीलापन देने का फ़ैसला किया गया।

डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता के अनुसार एस.पी.वी. राज्य में ऑनलाइन इंटेलिजेंस साझा प्लेटफार्म के विकास और तैनाती के अलावा सीनियर पुलिस/सिविल अधिकारियों का साझा संचार नैटवर्क स्थापित करने पर काम करेगी। यह हथियारों, हथियार लाइसेंस धारकों, हथियार डीलरों, वाहनों, संदिग्धों, पासपोर्ट आदि का डाटा संबंधी स्टेटग्रिड स्थापित करने पर भी काम करेगा।

इसके अलावा एस.पी.वी. को रियलटाईम क्राइम सैंटर की सृजन करने के लिए वाहन के तौर पर विचारा गया, जिसमें आंकड़े विश्लेषक को खोजना शामिल है और मौजूदा डाटाबेस का एकीकरण शामिल है, जिससे राज्य पुलिस के और ज्य़ादा सक्रिय होते हुए और कार्यशील उद्देश्यों के लिए इजाज़त दी जा सके। इस उपयुक्त जानकारी के भंडारण, ड्राफ्ट का मिलान, विश्लेषण, साझा करने और आंकड़ों की फिर प्राप्ति के लिए प्रभावी और कारगर हल का जिम्मा सौंपा जायेगा। राज्य का जी.आई.एस. मैपिंग एस.पी.वी. के लिए एक और मुख्य एजेंडा है।

एस.पी.वी. की स्थापना का फ़ैसला राज्य में पाकिस्तान आधारित ताकतों द्वारा आतंकवाद फिर शुरू करने के लिए की जा रही कोशिशों के मद्देनजऱ लिया गया है, जो इस साल हुई गिरफ़्तारियों और बरामदगियों की घटनाओं से देखा जा सकता है। 28 दिसंबर तक पंजाब में 66 आतंकवादी गिरफ़्तार हुए और साल 2020 में 12 गिरोह काबू किये गए। एक जनवरी, 2020 से 7 ड्रोन काबू किये गए, जबकि 21 हैंड ग्रेनेड, चार राईफलें (2 ए.के. 46/ए.के. 56 समेत) और 28 रिवॉल्वर/पिस्तौल/माऊजर बरामद किये गए हैं।

मंत्रीमंडल की आज हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आतंकवाद का मुकाबला करने की सामथ्र्य बढ़ाने के लिए 01 कमांडो बटालियन की उम्र हद घटाने की मंज़ूरी दी है और खाली पद आम्र्ड काडर में से मौजूदा मानवीय शक्ति की फिर तैनाती और नये भर्ती काँन्स्टेबलों के द्वारा भरकर ऊँचे शारीरिक मापदण्डों के साथ नौजवान और सीधे भर्ती हुए कांस्टेबलों को विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा और इन बटालियनों में शामिल किया जायेगा।

एक और फ़ैसले में मंत्रीमंडल ने मौजूदा दो आम्र्ड पुलिस बटालियनों को आम्र्ड काडर के प्रवानित संख्या के साथ पंजाब रैपिड एक्शन बटालियनज़ के तौर पर फिर मनोनीत करने की भी मंज़ूरी दे दी है और इनमें खाली पदों के विरुद्ध नये भर्ती हुए कांस्टेबलों और आम्र्ड पुलिस में से मौजूदा मानवीय शक्ति की पुनर तैनाती के द्वारा भरे जाएंगे।

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