• globalnewsnetin

स्कूलों को खोलने का फैसला बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़



चंडीगढ़, (अच्युत धवन) प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई से स्कूलों को खोलने का फैसला बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ है इसलिए प्रदेश सरकार को जल्दबाजी न दिखाते हुए अपने इस फैसले पर पूनर्विचार कर शीघ्र से शीघ्र इसे वापिस लेना चाहिए। आज स्कूल खोलने के फैसले को वापिस लेने की मांग करते हुए अग्रवाल वैश्य समाज स्टूडेंट आर्गेनाईजेशन के प्रदेश संयोजक कोणार्क बुवानीवाला ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही पूरे विश्व को चेतावनी दे चुका है कि अगले दो महीनें कोरोना का वायरस अपने पीक पर रहेगा और ये बड़ी तेज गति से लोगों के अंदर फैलेगा। ऐसी स्थिती में प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल खोलने का निर्णय बिना किसी रणनीति के कोरी वाहवाही लूटने जैसा प्रतीत होता है। कोणार्क बुवानीवाला ने कहा कि जिस रफ्तार के साथ देश ही नहीं प्रदेश में भी कोरोना के मामलों ने रफ्तार पकड़ी है ऐसी स्थिती में प्रदेश सरकार का ये फैसला अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया है क्योंकि सरकार खुद मान रही है कोरोना संक्रमण काल और अधिक तेजी से चलने वाला है और कोरोना के खिलाफ ये लड़ाई अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही है। आर्गेनाईजेशन के प्रदेश संयोजक कोणार्क बुवानीवाला ने प्रदेश सरकार के इस फैसले पर एक और आपत्ति जारी करते हुए कहा कि सरकार का ये निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि किसी भी स्तर पर सरकार द्वारा अभिभावकों से बातचीत कर उनकी राय नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि सिर्फ अभिभावक ही नहीं बल्कि अध्यापक, शिक्षाविद और विशेषज्ञ तक इस फैसले से सहमत नहीं है। केंद्र सरकार की गाइडलाइनंस के मुताबिक राज्य सरकारें स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान खोलें जाने का फैसला स्कूलों और बच्चों के माता-पिता से बात करके पूरी समीक्षा के आधार पर ही लेना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे किसी भी स्तर पर उचित नहीं समझा जो की पूर्ण रूप से बच्चों के जीवन से खिलवाड़ है और सरकार की हवा-हवाई नीति को दर्शाता है। कोणार्क बुवानीवाला ने कहा कि फ्रांस और इजराइल जैसे देशों को संक्रमण काल में स्कूल खोलना महंगा पड़ गया था बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और स्कूल स्टॉफ को क्वारेंटाइन करना पड़ा था। प्रदेश सरकार को भी इन मामलों का संज्ञान लेना चाहिए। हालांकि निश्चित तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है लेकिन उनकी जान से खिलवाड़ कर ऐसा फैसला लेने में प्रदेश सरकार को कोई जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए। कोणार्क बुवानीवाला ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए तुरंत प्रभाव से इस फैसले को वापिस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए। 

 Global Newsletter

  • Facebook
  • social-01-512
  • Twitter
  • LinkedIn
  • YouTube