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स्वयं सहायता समूहों को और सशक्त बनाने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश


चंडीगढ़, (अदिति)- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं सहायता समूहों को और सशक्त बनाने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री यहां सिविल सचिवालय में आयोजित दिशा कमेटी की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह के सदस्य मिलकर कोई अच्छा व्यवसाय शुरू करें ताकि समूह के हर सदस्य की आमदनी का जरिया बने। स्वयं सहायता समूहों के प्रत्येक सदस्य को मासिक कम से कम पांच हजार की आमदनी तो कम से कम हो तभी समूह बनाये जाने का उद्देश्य सफल होगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा।

उन्होंने मनरेगा के तहत प्रदेश में एक लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराने का निर्देश देते हुए 25 हजार नए जॉब कार्ड बनाने के लिए सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को कहा। उन्होंने मनरेगा योजना का सोशल आडिट कराने के लिए योजना बनाने को भी कहा। बैठक में अवगत कराया गया कि नरेगा स्कीम के तहत पिछले साल 388 करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि इस साल कोविड के बावजूद 621 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं । पिछले वर्ष नरेगा स्कीम में 3.64 लाख वर्कर्स को कम दिया गया जबकि इस साल अभी तक 5.62 लाख लोगों को काम दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी योजना के तहत 1 जनवरी से भिवानी , महेंद्रगढ़ और रेवाडी जिलों में माइक्रो इरिगेशन योजना की शुरुआत कर दी जाएगी। इससे इन दोनों जिलों के किसानों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। बाद में इस योजना को दक्षिण हरियाणा के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

फसल बीमा योजना को और सरल बनाये जाने की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल इसके लिए बेहद कारगर है। इससे किसान द्वारा अपनी फसल की सही जानकारी दी जाती है। ऐसे में फसल खराब होने पर किसान को सम्बन्धित फसल का उचित मुआवजा मिल जाता है। मुख्यमंत्री ने म्यूटेशन प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए योजना बनाने को कहा।

माइनिंग फंड का शिवधाम योजना के तहत इस्तेमाल करने के लिए योजना बनाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत शमशान घाट, कब्रिस्तान में शेड, चारदीवारी, रस्तक और पानी की व्यवस्थाएं की जाएं।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत हरियाणा में 744 अन्य राज्यों के परिवारों को राशन वितरित किया गया, जो कि देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 464 गांवों में बैंक नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव में बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने के लिए अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करें।

बैठक में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ओडीएफ प्लस की श्रेणी में केंद्र द्वारा तय किये गए मानक पूरे करते हुए 319 गांवों के लक्ष्य के मुकाबले 413 गांव ओडीएफ प्लस हो चुके हैं। बैठक में कई अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी और ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, विभाग के निदेशक डॉ हरदीप सिंह के अलावा कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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