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स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट हो चुकी पूरी तरह से लागू


आढ़तियों के करोड़ों रुपए माफ

चंडीगढ़ (अदिति) हरियाणा में विपक्षी दल चाहे स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लेकर सरकार को घेर रहे हों परन्तु मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने तो यह कह कर सभी की बोलती बंद करने का प्रयास किये है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से लागू हो चुकी है। हरियाणा में किसान आंदोलन के बीच प्रदेश सरकार आढ़तियों के प्रति भी नरम हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फसल के दाने की चमक (लस्टर लास) के लिए अब आढ़तियों से वैल्यू कट (कीमत में कटौती) नहीं की जाएगी। उनकी इस बार काटी जाने वाली लस्टर लास की 26 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने आढ़तियों को भरोसा दिलाया कि उनकी बकाया दामी (आढ़ती की कमीशन) के पैसे का भुगतान भी जल्द किया जाएगा।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दावा कि केंद्र व राज्य सरकार स्वामीनाथन आयोग की 201 सिफारिशों में से 200 सिफारिशें मान चुकी है। यह आयोग की रिपोर्ट है, कानून नहीं, जिसे हुबहू लागू करना किसी सरकार की मजबूरी अथवा जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक सी-टू फार्मूले के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने के बिंदु पर सरकार को ऐतराज है। सी-टू का मतलब होता है कि जमीन की कीमत के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में कहीं जमीन का रेट दस लाख रुपये एकड़़ है तो कहीं दो करोड़ रुपये एकड़। ऐसी स्थिति पूरे देश के राज्यों में है। लिहाजा सी-टू फार्मूले को लागू नहीं किया जा सकता। इस बिंदु को छोड़कर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पूरी तरह से अमल में लाई जा चुकी है। कांग्रेस को अब इसका राग अलापना बंद कर देना चाहिए। लाल ने कहा कि आढ़तियों के भी कुछ विषय हैं। उनकी दामी के ब्याज और लस्टर लास के विषयों का समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार किसान की तरह आढ़ती को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आने देगी। पिछले साल बाजरा व धान की 252 करोड़ रुपये की आढ़त (दामी) दी गई थी। इस साल गेहूं व सरसों की दामी 309 करोड़ रुपये दी जा चुकी है। सिर्फ 56 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। कुछ हिसाब-किताब होने बाकी हैं। उसके बाद यह भुगतान भी कर दिया जाएगा।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि आढ़तियों ने किसानों को भुगतान देरी से किया है। आढ़तियों की तरफ किसानों की लेट पेमेंट के ब्याज के 29 करोड़ रुपये बकाया हैं। पिछले साल प्रावधान किया गया था कि यदि सरकार किसी आढ़ती को देरी से भुगतान करती है तो वह भी आढ़ती को 12 फीसदी ब्याज देगी। आढ़तियों से इसकी डिटेल मंगवाई जा रही है। प्रदेश सरकार उन्हें उनका बकाया ब्याज देने को तैयार है।

मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले साल लस्टर लास के नाम पर 4.60 रुपये का वैल्यू कट लगाया गया। इसे हम आढ़ती से काटते हैं और आढ़ती किसानों से काटते हैं। भविष्य में हम यह राशि आढ़ती या किसान से नहीं लेंगे। अभी तक लस्टर लास के नाम पर आढ़तियों को 19 करोड़ 37 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इस बार 26 करोड़ 28 लाख रुपया आढ़तियों से लिया जाना था। हैफेड की ओर से अब इस वसूली का परिपत्र वापस ले लिया गया है। यानी आढ़तियों को लस्टर लास की राशि नहीं देनी पड़ेगी।


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