top of page
  • globalnewsnetin

हरियाणा में न्यायालयों के आदेश अब हिंदी भाषा में भी मिलेंगे


चंडीगढ़ (अदिति) हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों व अधिकरणों में हिंदी भाषा के उपयोग के संबंध में हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 के संशोधन करने के प्रस्ताव के संबंध में आज हरियाणा सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा हरियाणा राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, 2020 (2020 का 13) की धारा 1 की उप-धारा (2) के अधीन प्रयोजनों के उपयोग के लिए जारी अधिसूचना को हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने अनुमोदित कर दिया है जो 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगी। सरकार ने जनमानस की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया है। दैनिक जीवन में लोग हिंदी भाषा का अधिकतम उपयोग करते हैं, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हिंदी भाषा अधिकाधिक प्रचार प्रसार आवश्यक है। लोकतंत्र में न्याय का उद्देश्य यह है कि वादी को अपनी भाषा में जल्दी न्याय मिलना चाहिए और कार्यवाही के दौरान वह अवाक न रहे। इसके लिए हरियाणा मंत्रिमंडल ने भी जनवरी में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।


हरियाणा राज्य के आधिकारिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा हिंदी को अपनाने के लिए हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 को राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किया गया था। हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 के तहत हिंदी को हरियाणा राज्य की आधिकारिक भाषा बनाया गया। तब से, हिंदी भाषा का उपयोग ज्यादातर प्रशासन की भाषा के रूप में किया जा रहा है। पंजाब राजभाषा अधिनियम, 1967 में 1969 के पंजाब अधिनियम संख्या 11 द्वारा संशोधन किया गया था, जिसमें धारा 3ए और 3बी जोड़े गए थे, कि सभी सिविल न्यायालयों और आपराधिक न्यायालयों में पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय के अधीनस्थ थे और सभी राजस्व न्यायालय और अधिकरण, में काम पंजाबी में किए जाएंगे।

0 comments

留言


bottom of page