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हरियाणा में इस वर्ष लगेंगे 1.25 करोड़ पौधे


चंडीगढ़, (अदिति)-हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री कंवर पाल ने बताया कि वन विभाग द्वारा प्रदेश में वन क्षेत्र को 7 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके तहत इस वर्ष करीब एक करोड़ 25 लाख पौधे लगाए जाएंगे। राज्य के 1100 गांवों में ‘कोविड वाटिका’ स्थापित की जाएंगी जिनमें औषधीय पौधे रोपित किए जाएंगे।

वन मंत्री आज यहां वन विभाग के प्रदेश मुख्यालय से वीडियो कान्फ्रैंसिंग द्वारा राज्य के वन अधिकारियों से समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। इससे पूर्व हुई बैठक में वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, प्रिंसिपल चीफ कजंरवेटर (वन एवं वन्य जीव) श्री आलोक वर्मा, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर (वन) श्रीमती अमरिंद्र कौर के अलावा विभाग के अन्य वरिष्ठï अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री कंवर पाल ने वन विभाग हरियाणा द्वारा तैयार की गई ‘औषधीय पौधों की जानकारी से संबंधित पुस्तिका’ का भी विमोचन किया।

वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री कंवर पाल ने बताया कि वन विभाग द्वारा जो सवा करोड़ पौधे लगाए जाएंगे उनमें अधिकतर फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य है। ये पौधे स्कूल, कालेज, धार्मिक स्थलों, सडक़ किनारों के अलावा पंचायती जमीन पर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पौधों की देखभाल करने के लिए वृक्षमित्र नियुक्त किए जाएंगे ताकि शत-प्रतिशत पौधे जीवित रह सकें। उन्होंने बताया कि इस बार राज्य सरकार कीमती पौधे लगाने की अपेक्षा हरियाली बनाए रखने वाले पौधों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों के अलावा वन्य जीव व पक्षियों का सुरक्षित होना भी आवश्यक है इसलिए उन पौधों को प्रमुखता दी जाएगी जिन पौधों के बड़े होने पर पक्षी उनमें घोसला बना सकें तथा उनके फल खाकर अपना गुजारा भी कर सकें।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार इस बार कई गांवों की पंचायती जमीन पर मॉडल के तौर पर बाग लगाएगी, अगर यह प्रयास सफल रहा तो बाद में इसको पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इससे जहां पंचायतों को अच्छी आमदनी होगी वहीं बाग के पेड़ 50 वर्ष तक क्षेत्र को हरा-भरा रखकर पर्यावरण को शुद्घ रखने में सहयोग करेंगे।

मीडिया से बात करने से पूर्व, वन मंत्री श्री कंवर पाल ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उन गांवों की सूची तैयार करें जिनके पास पर्याप्त मात्रा में पंचायती जमीन है ताकि उनको बाग लगाने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने वन विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों को यह भी कहा कि वे स्वयं भी अपने जिला में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए नया-आइडिया ला सकते हैं, अगर सकारात्मक परिणाम आए तो अन्य जिलों में भी उसको फलीभूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे गांव में सरपंच, नंबरदार व अन्य मौजिज लोगों से पौधारोपण करवाएं ताकि वे भी इन पौधों से जुड़ाव महसूस कर सकें। अधिकारी समाज के लोगों को यह समझाएं कि पर्यावरण शुद्घ रखने के लिए पेड़-पौधे लगाने आवश्यक हैं ताकि असंतुलन के कारण कोविड-19 जैसी महामारी भविष्य में न फैल सकें। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी व कर्मचारी किसानों को राज्य सरकार की उस योजना को अच्छे-से समझाएं जिसमें किसान की जमीन के साथ लगती सरकारी भूमि पर पौधों की देखभाल करने से बिक्री के समय उसको भी सरकार द्वारा 50 प्रतिशत लाभ दिया जाता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस बात की भी समय-समय पर जांच करते रहें कि कोई व्यक्ति वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा न कर ले।

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