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हरियाणा में हाऊस टैक्स, बिजली बिल और स्कूल फीस मॉफ करने की मांग


चंडीगढ़, (अच्युत धवन): हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अशोक बुवानीवाला ने प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार से मांग की है कि कोरोना के चलते आर्थिक परेशानियां झेल रहें लोगों को हाऊस टैक्स, बिजली बिल और स्कूल फीस मॉफ कर राहत दी जाएं। प्रैस को जारी विज्ञप्ति में आज अशोक बुवानीवाला ने कहा कि प्रदेश को लोगों को न तो केन्द्र सरकार से कोई सहायता मिल रहीं है और न ही प्रदेश सरकार लोगों की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान दे रही हैं। बुवानीवाला ने कहा कि खट्टर सरकार कोरोना कॉल के दौरान एक बार भी किसी भी वर्ग के हितों के साधने के लिए अभी तक कोई ठोस उपाय या राहत पैकेज की घोषणा नहीं कर पाई है जो जनता के प्रति प्रदेश सरकार संवेदनहीनता को प्रदर्शित करता है। प्रदेश के व्यापारी जहां अभी तक बुरी तरह बर्बाद हो चुके अपने उद्योग-धंधों को खड़ा करने के लिए प्रदेश सरकार से राहत पैकेज की बांट जोह रहें है तो किसान मंडियों में अपनी फसल बेचने को परेशानियों का सामना कर रहे हैं। पहले बारिश व ओलावृष्टि किसानों की आधी से ज्यादा फसल बर्बाद कर चूकीं है और बाकि बची फैसले मंडियों में पड़ी प्रदेश सरकार की कुव्यवस्था के कारण खराब हो रही है। बुवानीवाला ने कहा कि इस बुरे वक्त में खट्टर सरकार को किसानों का कर्जा मॉफ करना चाहिए और उनकी खराब हुई फसलों का मुआवजा सहित न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को पूरा करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मजदूरों के हालात किसी से छिपे नहीं है वहीं रोजगार के नाम पर पढ़े-लिखें युवाओं को भी खट्टर सरकार ठेंगा दिखा चुकी है। बुवानीवाला ने कहा कि गरीब व मध्यम वर्ग इस वक्त कोरोना के साथ-साथ प्रदेश सरकार की कुनीतियों की वजह से दोहरी मार झेल रहा है। बुवानीवाला ने कहा कि राहत के नाम पर अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को तीन महीनें के मुफ्त राशन की घोषणा की गई थी लेकिन गरीबों के मिलने वाले इस राशन में भी जगह-जगह से घटियां क्वालिटी की शिकायतें आ रही है। प्रदेशभर से आ रहीं इन शिकायतों में देखने को मिल रहा है कि जो राशन गरीबों को दिया जा रहा है वो खाने लायक ही नहीं है। ऐसे में सरकार का फ्री राशन वितरण भी गरीबों के साथ एक मजाक बनकर रह गया है। बुवानीवाला ने कहा कि केन्द्र सरकार की तरह प्रदेश सरकार को भी आमजन की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। सरकार का सारा ध्यान लोगों को राहत देने की बजाए झूठ के प्रचार में लगा हुआ है। बुवानीवाला ने कहा कि आर्थिक संकट के दौरान सरकार अगर लोगों को सीधे तौर पर खातों में पैसा डाल वित्तिय सहायता नहीं देना चाहती तो कम से कम उसका इनता दायित्व तो बनता है कि हाऊस टैक्स, बिजली बिल और स्कूल फीस मॉफ जैसी घोषणाओं के साथ कुछ राहत प्रदान की जाए मगर ये प्रदेश के लोगों का दुर्भाग्य है कि सरकार लोगों को राहत देने की बजाऐं, उन्हें ही लूटना चाहती है।

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