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हरियाणा विधानसभा में हुई अहम कार्यवाही, बिल पास,मंत्रियों ने सवालों के दिए जवाब


चंडीगढ़ (अदिति) हरियाणा विधानसभा में आज तीन विधेयक पास किए गए। इन विधेयकों में ‘पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) हरियाणा संशोधन विधेयक,2020’, ‘हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक,2020’ तथा ‘हरियाणा जल संसाधन(संरक्षण, विनियमन तथा प्रबंधन)प्राधिकरण विधेयक,2020’ शामिल हैं।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि आज हरियाणा विधानसभा में ‘हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक-2020’ लाने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है ।

मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे सत्र के प्रथम दिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन को जानकारी दे रहे थे।

उन्होंने सदन को इस बारे भी अवगत करवाया कि महाराष्ट्र , मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य पहले ही इस प्रकार का कानून पास कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बिल के बाद उद्योगों को 50 हजार रूपये तक की नौकरियों में न्यूनतम 10 प्रतिशत कोटा संबंधित जिला के युवाओं को देना होगा। इस प्रकार हरियाणा के 22 जिले हैं और यदि उद्यमी चाहे तो 10 प्रतिशत से अधिक भी किसी जिले के लोगों को दे सकता है, परंतु राज्य को कुल 75 प्रतिशत कोटा उसको देना ही होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2014 से पहले भी तत्कालीन सरकारों नेेे एचएसआईआईडीसी प्लाटों में लगी औद्योगिक इकाईयों में 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीय युवाओं को देने का प्रावधान था, परंतु किसी भी सरकार ने इसकी सही से मानीटरिंग नहीं की। पिछले कार्यकाल में भी होंडा कंपनी में हड़ताल हुई थी, परंतु अब हमने उद्योगों के साथ लंबी बातचीत की है और उसके बाद सहमति बनी है, तब इसे आज सदन में बिल के रूप में लाया गया है। इससे हरियाणा के जिन जिलों में उद्योग लगेंगे, उनको तो इससे फायदा होगा ही, दूसरे जिलों को भी फायदा होगा।

                  000000 चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कंवर पाल ने आज हरियाणा विधान सभा सचिवालय को विभाजन समय आंवटित हुए 20 कमरों पर पंजाब विधान सभा से खाली करवा हरियाणा विधान सभा को सौंपने का प्रस्ताव रखा, जिसको ध्वनीमत से पारित कर दिया।

श्री कंवर पाल ने कहा कि हरियाणा राज्य पंजाब पुर्नगठन अधिनियम, 1966 (1966 कर केन्द्रीय अधिनियम 1931) की धारा-3 के माध्यम से भारतीय संविधान की प्रथम अनुसूची में राज्य के रूप में सम्मलित होकर 1 नवम्बर, 1966 से अस्तित्व में आया।

उन्होंने कहा कि उस समय पंजाब तथा हरियाणा की सीमाओं का बंटवारा हुआ वहीं पर अन्य संसाधनों का भी बंटवारा हुआ। प्रदेश को बने हुए लगभग 54 वर्ष हो गए हैं परंतु हमें अभी तक अपना पूरा हक नहीं मिला है। हरियाणा एवं पंजाब विधान भवन का बंटवारा दिनांक 17.10.1966 को तत्कालीन माननीय राज्यपाल महोदय, पंजाब के कार्यालय द्वारा आवंटित किया। उन्होंने बताया कि विधान भवन ईमारत का कुल क्षेत्रफल 66430 वर्ग फुट निर्धारित किया गया। इसमें से 30890 वर्ग फुट पंजाब विधान सभा सचिवालय को दिया गया तथा 10910 वर्ग फुट पंजाब विधान परिषद सचिवालय को दिया गया और 24630 वर्ग फुट हरियाणा विधान सभा सचिवालय को दिया गया।

उन्होंने कहा कि यह महान सदन विधान सभा भवन की ईमारत का अपना हिस्सा लेने के लिए किसी भी फोर्म पर अपनी बात पूरजोर से एकजुटता के साथ उठाएगा तथा यह सदन पंजाब सरकार तथा पंजाब विधान सभा अध्यक्ष से भी आग्रह करता हूं कि पंजाब पुर्नगठन अधिनियम 1966 के तहत जो हरियाणा एवं पंजाब विधान भवन का बंटवारा हुआ, उसका सम्मान करते हुए हरियाणा और पंजाब भवन की ईमारत में जो 24630 वर्ग फुट स्थान जो हरियाणा विधान सभा सचिवालय को आंवटित हुआ था उसमें से हरियाणा विधान सभा के जो 20 कमरों पर पंजाब विधान सभा के पास हैं उनको खाली करते हरियाणा विधान सभा को सौंपा जाए।

                  0000 चंडीगढ़ (अदिति) - हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री श्री अनिल विज ने संविधान के अनुच्छेद 200 और 201 में दिए गए उपबन्धों के अनुसरण में हरियाणा राज्य की विधानसभा, हरियाणा संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक, 2019 को वापिस लेने का सरकारी संकल्प प्रस्ताव रखा, जिसको विधानसभा में पारित कर दिया गया।

श्री विज ने कहा कि हरियाणा संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक, 2019 संगठित अपराध सिंडीकेट या गैंग द्वारा अपराधिक गतिविधियों को रोकने तथा नियन्त्रण करने और उनसे निपटने लिए विशेष उपबन्ध करने हेतु प्रस्तुत किया गया है। इसलिए हरियाणा संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक, 2019 राज्य सरकार द्वारा बनाया गया था और हरियाणा विधानसभा द्वारा 4 अगस्त, 2019 को पारित किया गया था। उक्त विधेयक हरियाणा के राज्यपाल को भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 में दिए गए उपबन्धों की अनुपालना में उनकी सहमति के लिए उनके सम्मुख प्रस्तुत किया गया।

गृहमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 201 के अधीन, उक्त विधेयक को भारत के राष्ट्रपति के विचार हेतू आरक्षित रख लिया था। हरियाणा संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक, 2019 भारत के राष्ट्रपति की सहमति के लिए भारत सरकार, गृह मन्त्रालय को भेजा गया था। गृह मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की टिप्पणी के लिए भेजा गया था तथा यह पाया गया था कि हरियाणा संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक, 2019 की धारा 14 में यथा प्रस्तावित अवरोधन के लिए उपबन्ध पहले ही भारतीय तार अधिनियम, 1805 (1885 का केन्द्रीय अधिनियम 13) और सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (2000 का केन्द्रीय अधिनियम 21) क्रमश इनके अधीन बनाए गए नियमों में पहले ही किए गए है। इसलिए इस विधेयक को वापिस लिया गया है।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश में लोगों की जांच के लिए 532 मोबाइल स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया था। इससे करीब 24.64 लाख मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई।

श्री विज ने आज हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि लॉकडाऊन के दौरान जब रोगी इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में असमर्थ हो रहे थे तो विभाग ने पूरे प्रदेश में रोगियों, बुजुर्गों, बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं तक मोबाइल हेल्थ टीम की सहायता पहुंचाई तथा जरूरतमंद लोगों को दवाईयां तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की आपूर्ति करवाई गई। परन्तु स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा वर्तमान में सभी सेवाएं, ओपीडी, आईपीडी, सर्जरी इत्यादि की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ओपीडी सेवाओं को रोकने या बंद करने के कोई आदेश नही जारी किए। हांलांकि कोविड महामारी की शुरूआत से ही सभी चिकित्सा संस्थाओं द्वारा मेडिको लीगल सेवाओं के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं लगातार दी जा रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान प्रदेश में कुछ अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया था ताकि कोरोना के मरीजों का उचित उपचार करवाया जा सके। इसलिए दूसरे सामान्य बीमारियों के लोगों की सुरक्षा की दृष्टिï से वहां नही जाने दिया जाता था।

श्री विज ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ऐतिहात के तौर पर उठाए गए कदमों के फलस्वरूप आज प्रदेश में कोराना की रिकवरी दर 90.84 प्रतिशत है, जबकि इसके दोगुणा होने की दर 54 दिन तथा मृत्यु दर मात्र 1.05 प्रतिशत है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की सर्तकता के चलते इस दौरान संस्थागत डिलिवरी भी 95 प्रतिशत रही है तथा वर्ष 2013-14 में जो मातृ मृत्यु दर 127 थी वह अब मात्र 91 तक पहुंच गई है। इसी प्रकार वर्ष 2013-14 में एनएमआर 26 से घटकर अब 22 रह गई है तथा आईएमआर 41 से घटकर 30 हो गई है।

श्री विज ने कहा कि अगस्त 2020 में कुछ अखबारों ने शिशु मृत्यु दर गलत प्रकाशित कर दी थी परन्तु उन्होंने बाद में अपने समाचार पत्रों में इस संशोधित करके मात्र 4.6 प्रतिशत की गिरावट का संशोधन भी छापा था। उन्होंने कहा कि सीआरएस के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि वर्ष 2019 में अप्रैल से जून माह के बीच 1264 बच्चों की तुलना में इसी अवधि में 2020 में 1208 बच्चों की मृत्यु हुई, जोकि गत वर्ष से 4.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के प्रत्येक जिले में कैथ लैब, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे इत्यादी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है। इसके साथ ही कोरोना काल में उन्होंने जिलों में वेंटिलेटर के सुचारू संचलान को प्राथमिकता देते हुए शुरू करवाएं हैं।

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चंडीगढ़, 5 नवम्बर- हरियाणा विधानसभा सत्र में आज कुल तीन विधेयक पारित किये गए, जिनमें हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020, पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) हरियाणा संशोधन विधेयक, 2020 और हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन तथा प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक, 2020 शामिल हैं।

हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020

हरियाणा राज्य में नियोक्ता द्वारा स्थानीय उम्मीदवारों का 75 प्रतिशत नियोजन तथा उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए उपबन्ध करने हेतु हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020 को सर्वसम्मति से पारित किया गया ।

हरियाणा में स्थानीय कम्पनियों में विभिन्न कम्पनियों, सोसायटी, ट्रस्ट, लिमिटेड देयता, भागीदारी फर्म, साझेदारी फर्म आदि के तहत 10 वर्षों की अवधि के लिए निजी रोजगार में आरक्षण प्रदान करने के लिए, हरियाणा सरकार ने एक विधेयक हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020, स्थानीय उम्मीदवारों के लिये प्रस्तावित किया।

प्रवासी श्रमिकों की एक बड़ी संख्या विशेषत: कम वेतन पर कार्यरत रोजगारों के लिए प्रतिस्पर्धावश स्थानीय आधारिक संरचना, मूलभूत ढ़ाचें व आवास सम्बन्धी सुविधाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है और मलिन बस्तियों का प्रसार करती है, इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दों से सम्बन्धित समस्याओं को बढ़ावा मिलता है जो हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में रहने और आजिविका की गुणवता को प्रभावित करता है तथा शहरीकरण की उच्च गुणवता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए कम वेतन वाली नौकरियों के लिए स्थानीय उम्मीदवारों को वरीयता देना सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से वांछनीय है और ऐसी कोई भी प्राथमिकता आम जनता के हितों में होगी।

यह विधेयक जनता के हित में बड़े पैमाने पर हरियाणा के सभी निजी नियोक्ताओं को स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने में सफल सिद्ध होगा। यह विधेयक योग्य या प्रशिक्षित स्थानीय कार्यबल/श्रमिक/कर्मचारियों के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निजी नियोक्ताओं को लाभ प्रदान करेगा। स्थानीय स्तर पर उपयुक्त कार्यबल/श्रमिक/कर्मचारियों की उपलब्धता से उद्योग की दक्षता में वृद्धि होगी क्योंकि कार्यबल/श्रमिक/कर्मचारी किसी भी औद्योगिक संगठन/कारखाने के विकास के प्रमुख घटकों में से एक है। यह विधेयक उपरोक्त उद्ïदेश्यों को प्राप्त करने में पूर्ण रूप से सक्षम होगा।

हरियाणा राज्य में स्थित विभिन्न कम्पनियों, सोसायटी, ट्रस्ट, लिमिटेड देयता भागीदारी फर्म, साझेदारी फर्म आदि में स्थानीय उम्मीदवारों को कम से कम 75 प्रतिशत रोजगार प्रदान करना और जहां योग्य या उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है, वहां स्थानीय उम्मीदवारों को प्रशिक्षण/अन्य कौशल प्रदान करके योग्य बनाना इस विधेयक की मुख्य विशेषताएं हैं।

पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) हरियाणा संशोधन विधेयक, 2020

हरियाणा राज्यार्थ ‘पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन)अधिनियम, 1961’ को संशोधित करने के लिए पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) हरियाणा संशोधन विधेयक, 2020 पारित किया गया।

इस विधेयक द्वारा उस क्षेत्र के नाम का लोपन किया गया है जो हरियाणा राज्य का भाग नहीं है और हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में दी गई सभा क्षेत्र की परिभाषा में शामिल किया गया है क्योंकि पहले से दी गई भाषा लुप्तप्राय: को चुकी है। यह भी आवश्यक समझा गया है कि जुर्माने को प्रभावी निवारक बनाने के लिए जुर्माने को बढ़ाया जाए और इसे शामलात देहभूमि पर नाजायज कब्जे की दशा में जुर्माना राशि को भूमि के मूल्य के साथ जोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त, अपवाद खंड की गलत व्याख्या से बचने के लिए 1961 की पंजाब अधिनियम संख्या 18 की धारा 2(छ) की मद को लोपित किया जाना भी आवश्यक है।

हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन तथा प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक, 2020

हरियाणा राज्य के भीतर जल संसाधनों अर्थात भू-जल तथा सतही जल के संरक्षण, प्रबंधन तथा विनियमन के लिए तथा उसके न्यायसम्मत, साम्यापूर्ण तथा सतत उपयोग, प्रबंधन, विनियमन करने के लिए जल उपयोग की दरें नियत करने को सुनिश्चित करने हेतु हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन तथा प्रबंधन) प्राधिकरण की स्थापना करने तथा उससे संबंधित तथा उनसे आनुंषगिक मामलों के लिए हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन तथा प्रबंधन) प्राधिकरण विधेयक, 2020 पारित किया गया।

राज्य में एक प्रभावी कानून की अनुपस्थिति में जल संसाधनों के अनियंत्रित और तेजी से उपयोग ने चिंताजनक स्थिति पर तत्काल ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है। कई क्षेत्रों में घटते भूजल स्तर के कारण लोगों का बड़ा तबका स्वच्छ पेयजल की पहुंच से वंचित रह गया है। राज्य में पानी के उपयोग के संरक्षण, नियंत्रण एवं विनियमन के लिए, विशेष रूप से पानी की कमी वाले क्षेत्रों में, एक उचित कानून बनाना आवश्यक है ताकि जल का सतत उपयोग दोनों, मात्रात्मक एवं गुणात्मक रूप में हो सके।

जल आपूर्ति, सिंचाई, नहरें, जल निकासी एवं तटबंध, जल भण्डारण और जल शक्ति राज्य के विषय हैं तथा भारत के संविधान की अनुसूची- VII की सूची- II में प्रविष्टि 17 के रूप में सूचीबद्घ हैं।

भूजल के अधिक दोहन और जलवायु परिर्वतन आदि के कारण घटते जल स्तर और पानी की बढ़ती मांग के कारण भविष्य में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो सकती है। औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण के कारण भूजल एवं सतही जल के प्रदूषण ने इस स्थिति को और अधिक बढ़ा दिया है। चंूकि इस बहुमूल्य संसाधन की प्रयोज्य मात्रा को नि:शुल्क माना जा रहा है इसलिए हाल के दशकों में जल के स्तर में भारी गिरावट देखी गई है। आज जल सुरक्षा, उपयुक्त भूजल एवं सतही जल की कमी वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ भावी पीढिय़ों की पीने के लिए सुरक्षित पानी तक पहुंच के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है। वर्तमान एवं भावी पीढिय़ों के लिए अमूल्य संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन एवं संरक्षण करना राज्य पर निर्भर है। इसलिए राज्य के जल संसाधनों के प्रबंधन एवं विनियमन के लिए एक कानून बनाने की आवश्यकता है ताकि उनके न्यायपूर्ण, न्यायसंगत एवं स्थायी उपयोग, प्रबंधन एवं विनियमन को सुनिश्चित किया जा सके। इसलिए एक प्राधिकरण का गठन किया जाना आवश्यक है। इन्हीं उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए यह विधयेक पारित किया गया है।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास राजस्व विभाग का प्रभार भी है, ने आज हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में अचल सम्पत्तियों का कोई अवैध पंजीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 24 अप्रैल, 2020 से 30 जून, 2020 की अवधि के दौरान अचल सम्पति हस्तारण सम्बन्धित दस्तावेजों के पंजीकरण से सरकार को राजस्व का कोई नुकसान नहीं हुआ।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन सब-रजिस्ट्रार एवं संयुक्त सब-रजिस्ट्रार द्वारा हरियाणा विकास और विनियमन क्षेत्र संशोधन अधिनियम, 2017 की धारा 7ए के प्रावधान की अनुपालना नहीं की गई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सब-रजिस्ट्रार/संयुक्त सब-रजिस्ट्रार के खिलाफ सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है। सब-रजिस्ट्रार सोहना तथा संयुक्त सब-रजिस्ट्रार, वजीराबाद, बादशाहपुर मानेसर, सोहना और गुरुग्राम तहसील में तैनात एक सब-रजिस्ट्रार तथा पांच संयुक्त सब-रजिस्ट्रारों को निलंबित कर दिया है तथा उन्हें हरियाणा सिविल सेवाएं सजा एवं अपील नियम 2016 के नियम 7 के तहत चार्जशीट किया जा रहा है ।

श्री दुष्यंत चौटाला ने जानकारी दी कि पुलिस स्टेशन मानेसर में एफआईआर नम्बर 157 में दिनांक 2-8-2020, पुलिस स्टेशन बादशाहपुर में एफआईआर नम्बर 242 दिनांक 2-8-2020, पुलिस स्टेशन सैक्टर-10 गुरुग्राम में एफआईआर संख्या 326 दिनांक 8-8-2020, पुलिस स्टेशन सैक्टर-93 गुरुग्राम में एफआईआर नम्बर 327 दिनाक 8-8-2020, पुलिस स्टेशन सैक्टर-10 गुरुग्राम में एफआईआर नम्बर 1414 दिनाक 2-8-2020 और एफआईआर नम्बर 272 दिनाक 2-8-2020 पुलिस स्टेशन सोहना जिला गुरुग्राम में धारा 420 आईपीसी के तहत तथा हरियाणा विकास और शहरी क्षेत्र अधिनियम का विनियम 1975 की धारा 10 के तहत जिला टाउन कंट्री प्लानर, गुरुग्राम द्वारा गुरूग्राम जिले के उपरोक्त एक सब-रजिस्ट्रार तथा पांच संयुक्त सब- रजिस्ट्रार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त निदेशक नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा से प्राप्त दिनांक 4-6-2020 की रिपोर्ट पर नारनौल, करनाल, सोनीपत, रेवाडी, पंचकूला, भिवानी, फरीदाबाद तथा कैथल जिले के सब-रजिस्ट्रार/संयुक्त सब-रजिस्ट्रार जिन्होंने 14 जून, 2013 से 31 मई, 2020 की अवधि के दौरान 1555 पंजीकृत बिक्री पत्रों तथा पट्टेनामा के दस्तावेजों के पंजीकरण के समय हरियाणा विकास और शहरी क्षेत्र अधिनियम का विनियम 1975 की धारा 7ए के तहत डीटीपी से एन.ओ.सी प्राप्त नहीं की, के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया जा चुका है।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा में मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ पूरी सख्ती बरती जा रही है। राज्य में वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 28,199 ओवरलोडिड वाहनों के चालान किये गए और 104.34 करोड़ रुपये का कम्पोजिशन शुल्क वसूला गया।

हरियाणा के परिवहन तथा खान एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री मूल चंद शर्मा ने यह जानकारी आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे भाग के पहले दिन एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान 1492 वाहनों को पकड़ा गया और 164 एफआईआर दर्ज करवाई गई।

श्री मूल चंद शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा वजन तोलने की मशीनें (पोर्टेबल वेइंग स्केल) खरीदी जा रही हैं। इससे ऐसे क्षेत्रों में वाहनों के चालान की सुविधा होगी, जहां आमतौर पर फिक्स वजन कांटा उपलब्ध नहीं है। इन पोर्टेबल वेइंग स्केल से ओवरलोडिड वाहनों के चालान में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि सुधार अधिनियम किसान हित में हैं। इनसे किसानों का किसी भी प्रकार का नुक़सान नहीं होने वाला है और मंडियों में पहले की तरह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद होती रहेगी। पंजाब में तो केवल धान व गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होती है, लेकिन हरियाणा की मंडियों में धान व गेहूं के अलावा, सरसों, बाजरा, मूंग, मुंगफली, सूरजमुखी आदि फसलों की भी की जाती है, जो शायद ही देश के किसी राज्य की मंडियों में इतनी फ़सलो की खऱीद होती होगी।

आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे सत्र के प्रथम दिन जब विपक्ष के नेता श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व कांग्रेस के अन्य विधायकों ने कृषि बिलों का विरोध किए जाने की बात कही तो मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में उक्त जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सदन में एक धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया जाए और केन्द्र सरकार को भेजा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने से हरियाणा की मंडियों में खरीफ फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इससे न तो मंडियां बंद हुई हैं और न ही एमएसपी। उन्होंने कहा कि कृषि बिलों पर कांग्रेस केवल किसानों को बहकाने व उनका शोषण करने की पक्षधर है।  मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष को चुनौती दी कि कल सदन में कृषि अध्यादेशों पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के खेल एवं युवा मामलों के राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह ने कहा  है कि पंचकूला में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया-2021  गेम्स को लेकर किसी खिलाड़ी से सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई फीस नहीं ली जा रही है। इन गेम्स में खिलाड़ी केवल अपनी योग्यता के आधार पर ही भागीदारी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या कंपनी खेलो इंडिया 2021 के नाम पर खिलाडिय़ों से किसी भी तरह की फीस की डिमांड करती है तो उसकी शिकायत खेल विभाग में की जा सकती है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से खेलो इंडिया-2021 गेम्स से कुछ शिकायतें उनके पास पहुंची हैं। जिनमें बताया गया है कि कुछ व्यक्ति खिलाडिय़ों व एथलीट्स को इस आयोजन में भागीदारी दिलवाने के नाम पर उनसे फीस की डिमांड कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि यदि खिलाड़ी इन गेम्स में भाग लेने संबंधी कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो खेल विभाग के जिला कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क करके नि:शुल्क जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया-2021 गेम्स के आयोजन का मकसद खिलाडिय़ों को अपना टैलेंट साबित करने के लिए एक बेहतर मंच देना है। सरदार संदीप सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया-2021 गेम्स की तैयारियां जोरों  से की जा रहीं हैं। इन खेलों का हरियाणा से लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। जिसे पूरी दुनिया देखेगी।

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों और विभाग के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए खेल विभाग द्वारा खेलो हरियाणा मोबाइल ऐप शुरू किया जाना है। खिलाड़ी इस ऐप को डाउनलोड करके आसानी से देख सकेंगे कि उनके आसपास कौन सा स्टेडियम है। उस स्टेडियम में खिलाड़ी जाकर आसानी से प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके साथ ही खिलाडिय़ों को प्रतियोगिताओं एवं योजनाओं की जानकारी भी इस ऐप के माध्यम से प्राप्त होगी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह ऐप कोचों के प्रदर्शन को भी ट्रैक करेगा। प्रशासक, एथलीट व खेल से जुड़े व्यक्तियों का बेहतर समन्वय और सहयोग खेल प्रबंधन में पारदर्शिता लाने और संसाधनों का अधिक कुशलता से उपयोग करने में यह ऐप मददगार साबित होगा। इस ऐप में कई ऑप्शन दिए गए हैं। इनमें फैसिलिटी कोच, इवेंट ट्रेनिंग, न्यूज एवं नर्सरी का ऑप्शन भी दिया गया है। इस ऐप के माध्यम से विभाग भी डिजिटल तरीके से कोच एवं खिलाडिय़ों पर नजर रख सकेगा। साथ ही इस ऐप के जरिये महिला खिलाड़ी अपनी किसी भी समस्या को सरकार व खेल विभाग तक पहुंचा सकेंगी।


चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा में तूफानी हवाओं के चलते बिजली के खंभों तथा लाइनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए कई तरह के उपाय किये जा रहे हैं ताकि बार-बार इनके क्षतिग्रस्त होने के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री रणजीत सिंह ने यह जानकारी आज हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे भाग के पहले दिन विधायक डॉ0 अभय सिंह यादव द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में सदन को दी।

उन्होंने बताया कि उन्नत विशिष्टियों के साथ एलटी तथा 11 के.वी. लाइनों की नई कन्फिगे्रशन वितरित की गई है। खंभों को झुकने से बचाने के लिए ब्रेसिंग तथा बेल्टिंग के प्रावधान के साथ लाइन के हर आठवें खम्भे पर एच-पोल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा, प्रत्येक चौथे पोल पर विंड स्टे भी उपलब्ध करवाई जा रही है। लाइन की उचित दूरी बनाए रखने तथा इसे झुकाव से बचाने के लिए वी-शेप या हॉरिजोंटल क्रास आम्र्स के लिए बे्रसिंग उपलब्ध करवाई जा रही है। खंभे लगाते समय बैकफिल की उचित रेमिंग भी सुनिश्चित की जा रही है।

 श्री रणजीत सिंह ने बताया कि सितम्बर से नवम्बर तथा अप्रैल से जून माह तक कम लोड अवधि के दौरान विशेष अभियान के तहत बिजली लाइनों के रास्ते में आने वाले वृक्षों की टहनियों को काटा जाता है ताकि इनसे होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि मौजूदा लाइन को मजबूत करने, लम्बे स्पैन, झुके हुए खंभे, ढीले सैग, पेड़ों को छूने वाली लाइनों आदि की पहचान करने के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड द्वारा बिजली लाइनों का अद्र्ध-वार्षिक, प्री-मानसून तथा हॉटलाइन अनुरक्षण किया जा रहा है और ईआरपी मॉड्यूल पर इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है। उन्होंने बताया टॉवरों की वर्तमान डिजाइनिंग 170 किलोमीटर प्रति घंटे तक की निंरतर गति से चलने वाली हवाओं को सहन करने में सक्षम है। परंतु यह देखा गया है कि जब चक्रवात का रूप ले लेती हैं तो टॉवरों को घुमा या झुका देती हैं। निगम द्वारा इसके लिए उड़ीसा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों, जो हर वर्ष चक्रवातीय तूफानों का सामना करते हैं, के साथ सम्पर्क किया जा रहा है ताकि हरियाणा में इन राज्यों की तर्ज पर प्रणाली लागू की जा सके।

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चंडीगढ़ (अदिति)- समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उम्मीदवारों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज घोषणा की कि पुलिस भर्ती में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी।

श्री मनोहर लाल ने यह घोषणा आज यहां हरियाणा विधानसभा सत्र के पहले दिन की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया है।

उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस भर्ती में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु में कोई छूट नहीं दी जाती थी। इस संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए थे और उन पर विचार करने के उपरांत अब पुलिस विभाग में भर्ती में ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को आयु में पांच वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

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चंडीगढ़ (अदिति)- हरियाणा के चरखी-दादरी जिला के बाढड़ा में उपमण्डल कार्यालय भवन का निर्माण जल्द ही किया जाएगा, इसके लिए आगामी छ: माह में भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा। यह जानकारी हरियाणा के उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने आज यहां हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती नैना चौटाला द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में दी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बाढड़ा को उपमण्डल का दर्जा दिया गया है। यहां पर सरकारी कार्यालयों को स्थापित करने के लिए उपमण्डल भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए आगामी छ: माह में जमीन की पहचान कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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