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हरियाणा शासन सुधार प्राधिकरण का गठन


चंडीगढ़ (गुरप्रीत)-हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा शासन सुधार प्राधिकरण (एचजीआरए) का गठन किया है। एचजीआरए का मुख्य कार्य कोरोना समय में लोगों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने हेतु नीतियों को प्राथमिकता देते हुए उत्पादन और आपूर्ति श्रंख्ला में आ रहे व्यवधानों को दूर करने हेतु अल्पकालिक और मध्यम अवधि की भावी योजना तैयार करना है। इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आवास क्षेत्रों में बाजार के संबंध में राज्य की भूमिका को फिर से परिभाषित करना है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एचजीआरए के अध्यक्ष, प्रो. मोद कुमार इस उद्देश्य के लिए गठित टास्क ग्रुप के कार्यों का समन्वय करेंगे।

उन्होंने कहा कि अल्पकालिक और मध्यम अवधि की भावी योजना तैयार करने के लिए कई टास्क ग्रुप गठित किए गए हैं। श्री टी. सी. गुप्ता राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे और उन्हें प्रत्येक टास्क ग्रुप से जुड़े वरिष्ठ सिविल सेवकों की एक टीम सदस्य-सचिव के रूप में सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के नीति आयोग के सदस्य प्रो0 रमेश चंद खाद्य तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए गठित टॉस्क ग्रुप के अध्यक्ष होंगे और उद्योग एवं वाणिज्य के लिए गठित टॉस्क ग्रुप के अध्यक्ष मारुति सुजुकि के चेयरपर्सन आर.सी. भार्गव होंगे।

प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य तथा निकाय सेवाओं के लिए गठित किए गए ग्रुप-दो के लिए जन स्वास्थ्य फांउडोशन, नई दिल्ली के डॉ. के.एस. रेड्डी को अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी.एम. कटोच को सह अध्यक्ष बनाया गया है। सबके लिए आवास पर गठित टॉस्क ग्रुप के अध्यक्ष नीति आयोग के प्रमुख सलाहकार श्री अशोक जैन होंगे। दिल्ली प्राद्यौगिकी विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह कौशल एवं शिक्षा के लिए गठित टॉस्क ग्रुप के अध्यक्षत होंगे और राजस्व सृजन, पर्यटन आथित्य सत्कार एवं आबकारी के लिए गठित टॉस्क ग्रुप के अध्यक्ष नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के प्रोफेसर मुकुल अशर होंगे।

आवश्यक क्षेत्र के लिए सुशासन नीति (सूचना प्राद्यौगिकी सहित) के लिए गठित टास्क ग्रुप के अध्यक्ष आइ.डी.सी, चंडीगढ़ के निदेशक और हरियाणा प्रशासनिक सुधार प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रोफसर प्रमोद कुमार होंगे।

उन्होंने कहा कि भावी योजना के लिए संदर्भ की शर्तों में उद्योग, व्यापार, सेवाओं, कृषि क्षेत्र आदि की चुनौतियों को समझाने और अवसरों की पहचान करना और युवाओं के लिए अवसरों के सृजन और आश्रय, स्वच्छता, स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों की शिक्षा और खाद्य सुरक्षा प्रदान करने सहित विशेष रूप से गरीबों के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संस्थागत सुधार का सुझाव देना शामिल है।

उन्होंने कहा कि भावी योजना में लोगों की बुनियादी जरूरतों जैसे भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, परिवहन, आश्रय और नागरिकों की भलाई को कवर करना और अल्पकालिक और मध्यम अवधि की योजना का सुझाव देना शामिल है। भावी योजना कोविड-19 महामारी की चुनौती से लडऩे के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं के पुन: अपनाने के लिए रणनीति का सुझाव दे सकती है। इसमें उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं में हुए व्यवधानों का पुन: परीक्षण और संशोधन का सुझाव देना शामिल होगा। टास्क ग्रुप के गठन के 3 महीने के भीतर अल्पकालिक भावी योजना और 6 महीने के भीतर मध्यम अवधि की योजना प्रस्तुत करना अनिवार्य है।


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