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होला महल्ला के अवसर पर श्री आनन्दपुर साहिब में पुख़्ता प्रबंधों को सुनिश्चित बनाने के आदेश


चंडीगढ़ (गुरप्रीत) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा अधिकारियों को श्री आनन्दपुर साहिब में होला महल्ला के लिए पुख़्ता प्रबंधों को सुनिश्चित बनाने के आदेश दिए गए हैं। इस विशाल समारोह के प्रबंधों को अंतिम रूप देने के लिए यहाँ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि होला महल्ला पंजाबियों और ख़ास तौर पर सिख समुदाय के जुझारू जज्बे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्री आनन्दपुर साहिब की पवित्र धरती पर होने वाले समारोहों में अलग-अलग वर्गों के श्रद्धालू भारी संख्या में शामिल होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस पवित्र धरती पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख़्ता प्रबंध किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल श्रद्धालू इस त्योहार को एकता, आपसी-भाईचारे और करूणा के रंगों के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए ट्रैफिक़, वाहनों की पार्किंग, सुरक्षा प्रबंध, ठहरने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएँ मुहैया करवाने के लिए पुख़्ता प्रबंध किए जाएँ। भगवंत मान ने सावधानीपूर्वक योजना और इसके निष्पादन को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी किस्म की दिक्कत पेश ना आए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिखों के 9 वें गुरू श्री गुरु तेग़ बहादुर जी ने 1665 ई. में इस पवित्र नगरी श्री आनन्दपुर साहिब को बसाया था, जिन्होंने मानवीय अधिकारों और धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था। उन्होंने आगे कहा कि यह पवित्र स्थान ख़ालसे की जन्म भूमि भी है, इस पवित्र धरती पर 1699 ई. में सिखों के दसवें गुरू श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने बैसाखी के ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर खालसा पंथ की नींव रखी थी।

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