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12वीं के नतीजों के सम्बन्ध में सरकारी स्कूल लगातार ऐफिलीएटफ और और एसोशिएटड स्कूलों से आगे


94.32 पास प्रतिशत के साथ पंजाब के सरकारी स्कूल के नतीजों में लगातार सुधार हो रहा -शिक्षा मंत्री

12वीं के 2,86,378 विद्यार्थियों में से 2,60,547 विद्यार्थी पास

चंडीगढ़, (गुरप्रीत ): पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पी.एस.ई.बी.) ने मंगलवार को सबसे बढिय़ा कारगुज़ारी विषय फार्मूले के आधार पर 12वीं के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि कोविड -19 शुरू होने से पहले 2,86,378 विद्यार्थियों ने यह इम्तिहान दिया जिनमें से 2,60,547 विद्यार्थी (90.98 प्रतिशत) पास हुए हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि लगातार दूसरे साल सरकारी स्कूलों का नतीजे ऐफिलीएटड और ऐसोशिएटिड स्कूलों की अपेक्षा बढिय़ा रहे हैं। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 94.32 प्रतिशत रहा है जबकि ऐफिलीएटड स्कूलों का 91.84 प्रतिशत और ऐसोशिएटिड स्कूलों का 87.04 प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि 92.77 प्रतिशत रेगुलर विद्यार्थियों ने यह इम्तिहान पास किया है।

श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा, ‘पंजाब में सरकार के गठन के बाद हम मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के योग्य नेतृत्व में शिक्षा का स्तर उच्च उठाने के लिए लगातार अथक कोशिशें कर रहे हैं। हमारी कोशिशों ने साल दर साल शानदार नतीजे दिखाने शुरू कर दिए हैं। हमने बोर्ड के इम्तिहानों में पास प्रतिशत में विस्तार दर्ज किया है।’ उन्होने आगे कहा कि साल 2017 में 12वीं का पास प्रतिशत 63 प्रतिशत से भी कम था जबकि 2018 में यह बढ़ कर 65.97 प्रतिशत हो गया। उन्होंने बताया कि पिछले साल 2019 में नतीजे 86.41 प्रतिशत थे जोकि पिछले सालों की अपेक्षा अधिक थे।

श्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि कुछ विषयों का इम्तिहान रद्द किया गया था और पी.एस.ई.बी. ने बढिय़ा कारगुज़ारी विषय फ़ार्मूले को अपनाया। इस फार्मूले की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अगर कोई विद्यार्थी चार विषयों के इम्तिहान में बैठता है तो उसके सबसे बढिय़ा तीन विषयों के अंकों की औसत के आधार पर रद्द विषय को नंबर दिए जाते हैं।

श्री सिंगला ने बताया कि जो विद्यार्थी एक से अधिक विषयों के लिए डिविजऩ में सुधार करने के इरादे से इम्तिहान में बैठे थे, उन पर भी यही फ़ार्मूला लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि कम्पारमैंट के आखिरी मौके वाले विद्यार्थियों को भी उनकी तरफ से पहले पास किये विषयों के आधार पर पास घोषित किा गया है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिन विद्यार्थियों ने सिफऱ् एक विषय की इम्परूवमैंट या अतिरिक्त विषय के लिए दाखि़ला भरा था, उनका नतीजा नहीं घोषित किया गया। उनको स्थिति आम जैसी होने के बाद इम्तिहान में बैठने के लिए और मौका दिया जायेगा।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ग्रामीण इलाकों से संबंधित विद्यार्थियों के पास प्रतिशत शहरी इलाकों के विद्यार्थियों की अपेक्षा बढ़ रहे हैं। यह क्रमवार 93.39 प्रतिशत और 91.26 प्रतिशत रहे हंै। उन्होंने बताया कि इस साल 12वीं के ओपन स्कूल श्रेणी में 68.26 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए।

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