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4 दिसंबर ,शनिवार को लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक भारत में नहीं


मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़

साल 2021 का आखिरी और दूसरा सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021 (शनिवार) को लगेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, 4 दिसंबर को मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है. सूर्य ग्रहण पंचांग के मान्यता के अनुसार शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है. सूर्य और शनि मध्य पिता और पुत्र का संबंध है. माना जाता है कि जब ग्रहण की स्थिति बनती है तो सूर्य की शक्ति कमजोर पड़ जाती हैं.

सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू हो जाएगा, जो लगभग चार घंटे बाद दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पूरा होगा. यह वलयाकार सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 1.42 बजे शुरू होगा और शाम 6.41 बजे खत्म हो जाएगा. करीब चार घंटे रहेगा ग्रहण.

यदि आपके कोई संबधी, दक्षिण अफ्रीका , ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में या ऐसे देश में रह रहे हैं, जहां सूर्य ग्रहण दिखने की संभावना है, आप वहां के समयानुसार उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं और हिन्दू परंपराओं के अनुसार सूतक, ग्रहण के दौारन रखने वाली सावधानियों के बारे सचेत कर सकते हैं।

विज्ञान अनुसार सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है।

क्या होता है सूर्य ग्रहण ? -जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है और सूर्य व पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तो चंद्रमा के पीछे सूर्य कुछ समय के लिए ढंक जाता है। यह घटना सूर्य ग्रहण कहलाती है।

धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व

लेकिन भारत में ग्रहण का धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी है। ज्योतिष अनुसार ग्रहण लगना अच्छा नहीं माना गया है क्योंकि इसका नकारात्मक प्रभाव लोगों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए ग्रहण काल में कई तरह की सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ग्रहण की समाप्ति के बाद दान-पुण्य करने से ग्रहण का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता।

सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में दिखाई पड़ेगा, इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा. इसे शाम को लगभग 5:52 बजे अरुणाचल प्रदेश में दिबांग वन्यजीव अभयारण्य के पास से देखा जा सकेगा. जबकि लद्दाख के उत्तरी हिस्से में ये शाम लगभग 6 बजे दिखाई देगा.

ज्योतिष अनुसार, पूर्ण ग्रहण पर ही सूतक काल मान्य होता है. आंशिक या उपछाया पर ये नियम लागू नहीं होते हैं.

इन राशियों पर पड़ेगा असर

ग्रहण के समय सूर्य वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में मौजूद होगा। जिस कारण इन राशि और नक्षत्र के लोगों पर ही इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। आपको ग्रहण के बाद के कुछ दिन हर काम में सावधानी बरतनी होगी। ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा, जिसकी वजह से इसका सूतक काल और इससे जुड़े नियम मान्या नहीं होंगे, लेकिन ज्योतिष के अनुसार इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. कुछ राशियों के लिए ये ग्रहण शुभ समय भी लेकर आ रहा है. राशियों पर असर मेष -ये ग्रहण शुभ नहीं है. ग्रहण के बाद स्वास्थ्य में गिरावट रह सकती है. दुर्घटना आदि होने की संभावना है, इसलिए सचेत रहने की आवश्यकता है. वृषभ - ये ग्रहण शुभ रहेगा. राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी. व्यापार में नए अनुबंध होंगे. मिथुन - किसी पुराने विवाद से छुटकारा मिलेगा. मनोकामना पूर्ण होने के संकेत हैं. कर्क - मित्रों से अकारण वाद-विवाद हो सकता है, संतान की ओर से तनाव बना रहेगा. सिंह -ये ग्रहण शुभ व धन लाभ के संकेत दे रहा है. भूमि व भवन से जुड़ी समस्या का समाधान होगा. कन्या - सूर्य ग्रहण का प्रभाव इस राशि के लिए शुभदायी है. साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी. मित्रों का सहयोग मिलेगा. तुला - - अशुभ प्रभाव रहेगा. वाणी पर नियंत्रण रखें और वाद-विवाद से बचें, स्वास्थ्य में गिरावट रह सकती है. वृश्चिक - सूर्य ग्रहण इसी राशि में रहेगा, जिसकी वजह से मन अशांत रह सकता है. कुछ तनाव इस ग्रहण के बाद संभव है, जिससे कार्य क्षेत्र में असुविधा हो सकती है. धनु - ये ग्रहण व्ययकारक रहेगा. यानि इस ग्रहण के बाद खर्चे बढ़ सकते हैं. व्यर्थ की भागदौड़ बनी रहेगी, विदेश यात्रा के भी योग हैं. मकर - ग्रहण का प्रभाव शुभ रहेगा. व्यापार में उन्नति होगी, वहीं नौकरी पेशा लोगों के लिए पदोन्नति के संकेत हैं. कुंभ - समाज में मान प्रतिष्ठा के साथ धनलाभ होगा. भूमि भवन से जुड़ी समस्या का समाधान होगा. मीन - प्रभाव अशुभ रहेगा. आध्यात्मिक कार्यों में अरुचि रहेगी. नौकरी में स्थानांतरण के योग बनेंगे. पिता से अकारण वाद-विवाद हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें. यदि आपके कोई संबधी, ऐसे देश में रह रहे हैं, जहां सूर्य ग्रहण दिखने की संभावना है, आप वहां के समयानुसार उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं और हिन्दू परंपराओं के अनुसार सूतक, ग्रहण के दौरान रखने वाली सावधानियों के बारे सचेत कर सकते हैं। -सूर्य ग्रहण को खाली आंखों से बिल्कुल भी न देखें क्योंकि ऐसा करने पर आपकी आंखें खराब हो सकती हैं. -सूर्य ग्रहण के समय भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें. मान्यता है कि ऐसा करने से मूर्तियां दूषित हो जाती हैं. -सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को खाना पकाने का कोई भी काम नहीं करना चाहिए और न ही सूईं धागे का प्रयोग करना चाहिए. -सूर्य ग्रहण का सूतक लगने पर किसी भी शुभ काम को प्रारंभ न करें. आपको इसके शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होंगे

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