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7वें वेतन आयोग के अनुसार नयी भर्ती के लिए वेतन स्केल लगाने के लिए दी मंज़ूरी


चंडीगढ़ (गुरप्रीत) मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब मंत्रीमंडल ने बुधवार को राज्य सरकार और इसकी संस्थाओं में नयी भर्ती के लिए 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की तजऱ् पर नये वेतन स्केल (मैट्रिक्स) देने के लिए पंजाब सिविल सर्विसेज़ रूल्ज़ में कुछ संशोधनों को मंज़ूरी दे दी है।

इस वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग के दौरान केंद्र सरकार के वेतन स्केल के अनुसार संभावित भर्ती/नियुक्तियों के लिए सीधी भर्ती/तरस के आधार पर भर्ती के लिए जिल्द-1, भाग-1, नियम 4.1 (1) में संशोधन करने का फ़ैसला लिया गया।

जि़क्रयोग्य है कि वित्त विभाग ने 17 जुलाई, 2020 को हिदायतें जारी की थीं कि 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारशों के अनुसार पंजाब सरकार के किसी भी प्रशासकीय विभाग या इसकी संस्थाओं के किसी भी काडर का वेतन स्केल केंद्र सरकार में उसी काडर के वेतन स्केल से अधिक नहीं होना चाहिए। वित्त विभाग द्वारा 15 जनवरी, 2015 को जारी किए गए पत्र और इसके उपरांत जारी किये गए पत्रों के अनुसार परख काल के दौरान प्राथमिक वेतन (न्यूनतम वेतन बैंड) की ग्रांट और भत्ते भी इस नियम के अंतर्गत ही लागू हैं।

मुख्यमंत्री दफ़्तर के एक प्रवक्ता के अनुसार मंत्रीमंडल द्वारा प्रवानित संशोधन में कहा गया है कि 17 जुलाई, 2020 से पहले भर्ती किये गए कर्मचारियों के लिए ‘निश्चित मासिक वेतन’ से भाव सरकारी मुलाजि़म द्वारा लिया जाने वाला मासिक वेतन उसके पद के न्यूनतम वेतन बैंड के बराबर होता है। उक्त रकम में सम्बन्धित पद के ग्रेड पे के हवाले के मुताबिक लिए गए यात्रा भत्ता के बिना ग्रेड पे, विशेष वेतन, सालाना वृद्धि या कोई अन्य भत्ता शामिल नहीं होगा।

इसके अलावा संशोधित हुए नियम के अनुसार 17 जुलाई, 2020 को या इसके बाद सीधे कोटे के पदों के लिए नियुक्त किये गए कर्मचारियों के लिए ‘निश्चित महीनावार वेतन’ से भाव सरकारी कर्मचारी द्वारा लिए जाने वाले वेतन सम्बन्धी प्रशासनिक विभाग जिसमें नियुक्ति हुई है, की तरफ से नोटीफायी पे मैट्रिक्स के बराबर होगी। इसमें सम्बन्धित पदों के ग्रेड पे के हवाले के मुताबिक लिए गए यात्रा भत्ता के बिना ग्रेड पे, विशेष वेतन, सालाना वृद्धि या कोई अन्य भत्ता शामिल नहीं होगा।

प्रवक्ता ने बताया कि संशोधित हुए नियम में नियम 2.44 (बी) के अनुसार कोई अन्य रकम शामिल नहीं होगी, जिसको योग्य अथॉरिटी द्वारा वेतन के हिस्से के तौर पर विशेष तौर पर श्रेणीबद्ध किया गया हो।

प्रवक्ता के अनुसार राज्य के प्रशासनिक विभागों को वित्त विभाग द्वारा राज्य की रोजग़ार योजना के अंतर्गत नयी नियुक्तियों के लिए वेतन मैट्रिक्स संबंधी सलाह दी जा रही है। इसके अलावा प्रशासनिक विभागों की सीधी भर्ती, मौके के मुताबिक, पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.ऐस.सी.), अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (एस.एस.एस.बोर्ड) और विभागीय कमेटी जैसी भर्ती एजेंसियों द्वारा प्रक्रिया अधीन हैं।

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