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70 हजार कीमत की फसल का मुआवजा सरकार 15 हजार रूपए देगी तो किसान अपने पैरों पर कैसे खड़ा होगा: अभय


चंडीगढ़, : इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को विधान सभा में ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि जनवरी और फरवरी महीने में हुई बरसात और ओलावृष्टि के कारण महेन्द्रगढ, रेवाड़ी, यमुनानगर, गुरुग्राम, हिसार, भिवानी, दादरी, रोहतक, सोनीपत, जीन्द, फतेहाबाद, सिरसा और अम्बाला जिलों में किसानों की सरसों, गेहूं, चना और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिला हिसार में 100 प्रतिशत और हलका जगाधरी में 50 प्रतिशत समेत लगभग एक लाख 14 हजार एकड़ में फसलें बर्बाद हो गई हैं।

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार ने फसल खराब होने पर 12 से 15 हजार रूपए मुआवजा देने की बात कही है जो की नाकाफी है। अबकी बार सरसों की बंपर फसल हुई और आज सरसों का रेट 6500 से 7500 के बीच है। अगर सरसों की फसल प्रति एकड़ 10 क्विंटल की भी मान ली जाए तो इसकी कीमत लगभग 70 हजार रूपए बनती है। ऐसे में 70 हजार कीमत की फसल का मुआवजा 15 हजार रूपए सरकार देगी तो किसान अपने पैरों पर कैसे खड़ा होगा। भाजपा सरकार के गलत फैसलों की वजह से किसान एक साल तक अपने घर, परिवार और खेत छोड़ कर आंदोलन करता रहा। किसानों ने फसल की बिजाई के समय डीएपी और यूरिया खाद ब्लैक में लेकर फसल पकाई और जब फसल पक कर तैयार हो गई तो बारिश और ओलावृष्टि ने सारी फसल बर्बाद कर दी।

इनेलो विधायक के संबोधन के बीच में पुन्हाना के विधायक ने मेवात जिला में खराब हुई फसलों का मुद्दा उठाया जिसका समर्थन करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मेवात जिला की फसल भी अगर खराब हुई हैं तो सरकार को उसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए और विशेष गिरदावरी करवानी चाहिए। आज किसान ने अच्छी फसल बोई है तो बारिश और ओलावृष्टि से उसकी फसल खराब हो गई है। मेवात समेत 13 जिलों में खराब हुई फसल का किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए ताकि किसान अपनी अगली फसल की तैयारी कर सके।

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