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75वें स्वतंत्रता दिवस पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने महेंद्रगढ़ में फहराया तिरंगा


दुष्यंत चौटाला ने शहीद वीर जवानों को याद कर किया सलाम

- प्रदेश सरकार ने युवाओं को सरकारी सेवाओं में ठेका प्रथा से दिलाई आजादी, 75 प्रतिशत रोजगार बिल से रोजगार के खोले नए द्वार - उपमुख्यमंत्री

महेंद्रगढ़ (ग्लोबल न्यूज़) हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि राज्य सरकार ने हरियाणा के युवाओं को सरकारी सेवाओं में ठेका प्रथा से आजादी दिलाने का काम किया है। सरकार ने आउटसोर्सिंग से जुड़ी सेवाओं में ठेका प्रथा बंद करने के लिए 'हरियाणा कौशल रोजगार निगम” बनाने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार कर्मचरियों की सब समस्याओं के निपटान के लिए मानव संसाधन विभाग बनाने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निजी क्षेत्र के उद्यमों में 75 फीसदी आरक्षण देकर उनके लिए अवसर के नए द्वार खोले हैं। वहीं युवाओं को बार-बार आवेदन न करना पड़े इसके लिए एकल पंजीकरण की व्यवस्था की है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जो पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार स्वरूप सर्वाधिक नकद राशि देता है। महिलाओं के उत्तम स्वास्थ्य के लिए “मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना” के तहत गर्भवती महिलाओं को फोर्टिफाइड मीठा सुगंधित दूध दिया जा रहा है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं। जिला परिषद के अध्यक्ष को डीआरडीए का चेयरमैन भी बनाया गया है। डिप्टी सीएम रविवार को महेंद्रगढ़ जिले में देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा परेड का निरीक्षण किया व मार्च पास्ट की सलामी ली।

देश की आजादी में हरियाणा का अहम योगदान

आजादी के पावन अमृत महोत्सव की बधाई देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 75 वर्ष पहले हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस देश को एक स्वतंत्र देश बनाने का काम किया। इस 75 वर्ष के लंबे सफर में भारत ने बड़े बदलाव देखे हैं। हरियाणा वो पावन धरा है जिसने देश की आजादी में अहम बलिदान दिया था। अगर इतिहास उठाकर देखें तो अहीरवाल की धरती से सबसे पहले अंग्रेजी हुकूमत को पीछे हटना पड़ा था। मेरठ की छावनी से भी पहले राव तुलाराम की सेना ने अंग्रेजी हुकूमत को पीछे हटाने का काम किया था। आंदोलन की पहली चिंगारी हरियाणा के अंबाला से उठी थी जिसने पूरे देश के अंदर एक जोश भरने का काम किया था। उसीफलस्वरूप देश के बच्चों से लेकर युवा, बुजुर्ग व महिलाएं अंग्रेजी हुकूमत के सामने आकर खड़े हो गए थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए प्राणों को न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात व अज्ञात शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन बहादुरों को नमन करने का है जिन्होंने आजादी के बाद देश की एकता व अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है। आजादी की लड़ाई में महेंद्रगढ़ जिला के गांव नसीबपुर की धरती का इतिहास भी समृद्ध रहा है। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 'आजाद हिन्द फौज’ में सबसे ज्यादा सैनिक हरियाणा से थे। आज भी भारतीय सेनाओं में औसतन हर दसवां जवान इसी प्रदेश से है। हरियाणा के वीरों ने आजादी के बाद भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें गर्व है कि आज देश की सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है। हमारे सैनिकों ने 1962, 1965, 1971 के विदेशी आक्रमणों व आप्रेशन कारगिल युद्ध के दौरान वीरता की नई मिसाल पेश की। प्रदेश के वीर कभी भी राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने अमूल्य प्राणों की आहूति देने से पीछे नहीं हटे।

किसानों के हित में सरकार निरंतर कार्य कर रही

हरियाणा सरकार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारे लिए किसान हित सर्वोपरि है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सर्वाधिक 11 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाती है। फसल का भुगतान भी 72 घंटे के भीतर किसान के खाते में किया जाता है और इससे देरी होने पर 9 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाता है। हमारा प्रयास है कि किसानों को खेती प्रक्रिया में हर कदम पर मदद मिले यानी बुवाई से पहले और बुवाई के बाद भी और फसल कटाई के बाद भी। यही नहीं, हम किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न नकद लाभ भी प्रदान कर रहे हैं। हमने फसल की सरलता से बिक्री के अलावा किसान को सब्सिडी, खाद, बीज व ऋण देने के लिए 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल शुरू किया है। हाल ही में कृषि-भूमि के आदान-प्रदान में किसानों को राहत देते हुए स्टांप शुल्क में छूट दी है। अब प्रति डीड केवल 5 हजार रुपए का शुल्क ही लिया जाएगा। पहले इस पर 7 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क लगता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान हित में अनेक बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने बागवानी फसलों में नुकसान होने पर उसकी भरपाई के लिए 'मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना' और बाजार में फसल के कम दाम होने पर उसकी भरपाई के लिए 'भावांतर भरपाई योजना' चलाई हैं। प्रदेश में किसान उत्पादक संगठनों के जरिए किसानों को आधुनिक खेती करने और पैदावार को सरलता से बेचने में मदद प्रदान की जा रही है। हमने नई तकनीक से खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 'प्रगतिशील किसान सम्मान योजना’ में 50 हजार से 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार देने की व्यवस्था की है। हर खेत को स्वस्थ खेत बनाने के लिए प्रदेश में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं खोली जा रही हैं। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में भी ये प्रयोगशालाएं खोली जा रही हैं जहां विद्यार्थी मृदा परीक्षण के लिए एक निश्चित शुल्क ले सकेंगे और इस प्रकार पढाई के साथ-साथ कमाई कर सकेंगे। कम पानी में उगने वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना चलाई है और अब इसमें एग्रो फोरेस्ट्री को भी जोड़ा गया है। कम पानी में अधिकतम सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना, फव्वारा संयंत्र प्रणाली, भूमिगत पाइप लाइन स्कीम, टपका सिंचाई योजना आदि चलाई जा रही हैं। नहरी पानी की लीकेज को रोकने के लिए प्रदेश में कच्चे रजवाहों को पक्का किया जा रहा है और 20 साल से अधिक पुराने रजवाहों को भी दोबारा पक्का किया जाएगा। इसी प्रकार, खेतों में आवाजाही को सुगम करने के लिए पांच करम के सभी रास्तों को पक्का किया जा रहा है।

युवाओं के लिए अच्छी शिक्षा से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था बना रही सरकार

दुष्यंत चौटाला ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव के संबंध में कहा कि प्रदेश में संस्कार व रोजगार से युक्त शिक्षा देन के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। इसे वर्ष 2025 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इस दिशा में प्री नर्सरी से ही शिक्षा देने के लिए प्रदेश में 4 हजार प्ले-वे स्कूल और 500 नए मॉडल क्रेच खोले जा रहे हैं। प्रदेश में केजीपीजी कक्षा तक की शिक्षा एक ही छत के नीचे देने के लिए शिक्षण संस्थान तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं देने के लिए 113 नये संस्कृति मॉडल स्कूल खोले गए हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 136 हो गई है। स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ा है। तकनीकी संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के लिए उद्योगों के साथ एमओयू जैसे कारगर कदम उठाये गए हैं। हमारे युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में अग्रणी स्थान पर रहें, इसके लिए हमने सुपर-100 प्रोग्राम शुरू किया है। यह गर्व की बात है कि इसके तहत कोचिंग पाने वाले विद्यार्थी आईआईटी मैन्स जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में मैरिट में स्थान प्राप्त कर रहे हैं। विदेशों में शिक्षा तथा रोजगार के अवसर तलाश रहे विद्यार्थियों के निशुल्क पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं।

खिलाड़ियों के सम्मान में हरियाणा सबसे आगे

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलम्पिक व अन्य अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। टोक्यो ओलम्पिक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक, पहलवान रवि दहिया ने रजत और बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक जीतकर हमें गौरवान्वित किया है। हाकी में कांस्य पदक जीतने वाली टीम में हमारे दो खिलाड़ी सुरेन्द्र कुमार और सुमित कुमार शामिल हैं। महिला हॉकी टीम में तो 9 खिलाड़ी हरियाणा की हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है जो पदक जीतने वाले खिलाडियों को पुरस्कार स्वरूप सर्वाधिक नकद राशि देता है। ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 6 करोड़ रुपए, रजत पदक के लिए 4 करोड़ रुपए और कांस्य पदक के लिए 2.50 करोड़ रुपए की राशि व प्रथम श्रेणी अधिकारी की नौकरी दी जाती है। चौथे स्थान पर रहने वाले खिलाडिय़ों को 50-50 लाख रुपए की राशि दी गई है। जो खिलाड़ी ओलम्पिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें 15-15 लाख रुपए नकद पुरस्कार दिया जाता है। हरियाणा ने ही देश में पहली बार ओलम्पिक की तैयारी के लिए 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि एडवांस देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों का मासिक मानदेय बढ़ाया है। तेनजिंग नोर्गे व भीम पुरस्कार विजेताओं को मानदेय देने की शुरूआत भी की है। इसके अलावा खेलों का आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर भी प्रदेश में विकसित किया है। इसी के बल पर हरियाणा पहली बार 'खेलो इंडिया’ प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेगा। खिलाड़ियों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के लिए खेल विभाग में 550 नए पद बनाए गए हैं।

बहन-बेटियों का सम्मान...

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक निर्णय किए हैं। उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में उन्हें पुरुषों के समान प्रतिनिधित्व दिया गया है। महिलाओं के उत्तम स्वास्थ्य के लिए 'मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना’ के तहत गर्भवती महिलाओं को फोर्टिफाइड मीठा सुगंधित दूध दिया जा रहा है। गर्भवती एवं स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' को लागू करने में हरियाणा को देश में तीसरा स्थान मिला है। महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत बीपीएल परिवारों की किशोरियों व महिलाओं को मुफ्त में सैनिटरी पैड उपलब्ध करवाए जाते हैं।

सभी वर्गों के लिए काम कर रही प्रदेश सरकार

डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में सबसे गरीब लोगों की पहले मदद करने के लिए 'मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ चलाई गई है। इसके तहत पहले एक लाख परिवारों की मदद की जाएगी। अब तक 30 हजार परिवारों की पहचान कर ली गई है। हरियाणा में गरीबी रेखा की वार्षिक आय सीमा 1 लाख 20 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपए तय की है ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों को गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ मिले। ऐसे परिवारों को 6 हजार रुपए वार्षिक मदद देने के लिए 'मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’ चलाई जा रही है। उन्हें 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य-आयुष्मान भारत योजना’ के तहत 5 लाख रुपए तक का वार्षिक मुफ्त इलाज करवाने की सुविधा दी गई है। प्रदेश के सभी कोरोना मरीजों का इलाज व टीकाकरण मुफ्त किया जा रहा है। गत 1 मार्च से 31 मई, 2021 के बीच कोविड-19 महामारी से मृत्यु होने पर बी.पी.एल. परिवार को 2 लाख रुपए की राशि का एक्सग्रेशिया अनुदान दिया गया है। कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के पुनर्वास और सहायता के लिए 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत प्रति बच्चा 2500 रुपए मासिक मदद दी जा रही है। प्रदेश में सभी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1 अप्रैल 2021 से बढ़ाकर 2 हजार 500 रुपए मासिक की गई हैं।

ग्रामीण विकास पर राज्य सरकार का फोकस

उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य भी है जिसने शासन में पंचायती राज संस्थाओं की अधिक भागीदारी के लिए अंतर जिला परिषद् का गठन किया है। जिला परिषद के अध्यक्ष को डीआरडीए का चेयरमैन भी बनाया गया है। पंचायती राज संस्थाओं के सब प्रतिनिधियों को पेंशन देकर उनका सम्मान बढ़ाया गया है। इन संस्थाओं में और सुधार के लिए मतदाताओं को वापस बुलाने का अधिकार भी दिया गया है। इनमें महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व और बीसीए वर्ग को 8 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का काम भी किया गया है। देश व प्रदेश का विकास का गांवों के विकास पर निर्भर है। इसलिए हमने गांवों के विकास को प्राथमिकता दी है। हमने ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल बनाने के लिए 'ग्राम दर्शन पोर्टल’ शुरू किया है। यह पोर्टल गांवों का साइबर फेस है। इस पर 6197 ग्राम पंचायतों का डिजिटल डाटा उपलब्ध है। ग्रामीणों को उनकी सम्पत्ति का मालिकाना हक देने के लिए सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की योजना चलाई है। हमारी इस योजना को बाद में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के नाम से पूरे देश में लागू किया गया। गांवों में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के हर घर में नल से जल पहुंचाया जा रहा है।

हरियाणा सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन व सुशासन के लिए उठाए कारगर कदम

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन और सुशासन के लिए कारगर कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2020 को 'सुशासन संकल्प वर्ष’ के रूप में मनाया और इस वर्ष को 'सुशासन परिणाम वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। हमने ई-गवर्नेंस से गुड गवर्नेंस का जो अभियान चलाया था वह आज 'परिवार पहचान पत्र’ तक पहुंच गया है। इस एक ही दस्तावेज के माध्यम से सब सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ घरद्वार पर ही मिलेगा। लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सुशासन के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कारगर कदम उठाए हैं। इनमें सीएलयू के खेल को बंद करना, योग्यता के आधार सरकारी नौकरियां देना, कर्मचारियों का तबादला ऑनलाइन करना, गरीबों के राशन, पेंशन, वजीफों, सब्सिडी में चल रहे गोरखधंधों का आईटी का प्रयोग करके सफाया करना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनके अलावा प्रदेश सरकार ने सैकड़ों स्कीमों को डीबीटी से जोड़ा और पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा करवाया गया। जमीनों के रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने के लिए वैब हैलरिस पूरे प्रदेश में लागू की गई। किसी भी संकट के समय हर नागरिक की समय पर मदद के लिए डायल-112 सेवा शुरू की गई है। वहीं उन्होंने कहा कि हमारा वातावरण शुद्ध होगा तो हम स्वस्थ रहेंगे, इसलिए हमने पर्यावरण संरक्षण के लिए कारगर प्रयास किए हैं। वृक्ष हमें प्राणवायु ऑक्सीजन देते हैं। इसलिए हमने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों