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"भगवान कृष्ण भी बृजवासियों की याद में रोते थे"

चण्डीगढ़ : सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर 46 में चल रही दिव्य श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक आचार्य विवेक जोशी जी महाराज ने बताया कि मनुष्य अपना उद्धार कैसे करें? हरिनाम के माध्यम से जीव अपना उद्धार कर सकता है हरि नाम से ही जीव को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है तथा गोपियों के प्रेम के विषय में बताया कि भगवान की प्राप्ति सकाम भक्ति से नही होती। निष्काम भक्ति से भगवद कृपा से भगवान की प्राप्ति होती है, गोपियों ने भगवान की निष्काम भक्ति की और भगवान जब मथुरा गए तो भगवान भी वृजवासियों के प्रेम में उनके वियोग में थे। भगवान भी वृजवासियों की याद में रोते थे, उद्धव गोपी संवाद,भगवान का द्वारिका गमन तथा रुक्मणि माता से भगवान की विवाह की कथा श्रवण कराई। सभी भक्तों ने रुक्मणि विवाह मंगल में खूब आनन्द लिया। झांकी के द्वारा सभी भक्तो ने भगवान कृष्ण और माता रुक्मणि के विवाह का दर्शन किया खूब आनंद बरसा। श्री हरि सिमरन सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती कांति देवी तथा मुख्य संरक्षक पूनम कोठारी दाश ने बताया कि कलयुग में इस पुरूषोत्तम मास में हम सबको श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का अवसर मिला, ये अवश्य हमारे पुण्य कर्मों का उदय है।

"भगवान कृष्ण भी बृजवासियों की याद में रोते थे"
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