अरावली पर्वत श्रृंखला में बायोडायवर्सिटी पार्क होगा विकसित

गुरुग्राम (ग्लोबल न्यूज़) - हरियाणा के गुरुग्राम जिला के गांव कासन की लगभग 100 एकड़ पंचायती भूमि पर अरावली पर्वत श्रृंखला में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिये ग्राम पंचायत ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करके दे दिया है। इस परियोजना को लेकर प्रदेश के वन, शिक्षा तथा पर्यटन मंत्री कंवर पाल ने आज इस क्षेत्र का दौरा किया और प्रस्तावित पार्क क्षेत्र का अवलोकन भी किया। गांव कासन में बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने को लेकर वन मंत्री कंवरपाल ने फरीदाबाद से गुरुग्राम आते हुए गांव नाथूपुर के पास नगर निगम क्षेत्र में पहले से विकसित बायोडायवर्सिटी पार्क को भी देखा। यही नहीं, उन्होंने माँगर बणी आरक्षित वन क्षेत्र का भी अवलोकन किया। गांव कासन में प्रस्तावित बायोडायवर्सिटी पार्क क्षेत्र में पौधारोपण करने के बाद नजदीक ही स्थित मंदिर परिसर में वन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री ने चयनित गांवों के सरपंचों के साथ हरियाली बढ़ाने के बारे में मंथन किया और सरपंचों के सुझाव आमंत्रित किये। उन्होंने गांव कासन द्वारा की गई पहल की सराहना की और कहा कि अब देखना है कि जिला के कौन से और गांव अपनी पंचायती भूमि पर बाग विकसित करने के लिए आगे आते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने पंचायती भूमि पर बाग विकसित करने को मंजूरी दे दी है। इससे ना केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण में सुधार होगा, भूजल का स्तर ऊपर आएगा बल्कि पंचायत की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। फिर गांव में विकास कार्य करवाने के लिए ग्राम पंचायत को सरकार की तरफ देखने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर हरियाणा के जिलों जैसे करनाल, यमुनानगर, पंचकूला आदि में लगभग 1000 एकड़ भूमि पर बाग लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय के दौरान लोगों ने यह मान लिया कि पौधे लगाने का काम केवल वन विभाग का है जबकि इसके विपरीत यह कार्य पूरे समाज का था। वन मंत्री ने कहा कि हम सभी स्वयं पौधे लगाने, उन्हें बड़ा करने तथा उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लें, वन विभाग सहयोग करेगा। विभाग पौधे उपलब्ध करवाने के लिए नर्सरी विकसित कर सकता है, पौधों की देखभाल के बारे में जानकारी दे सकता है लेकिन पौधा लगाना और उसको बड़ा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। श्री कंवर पाल ने कहा कि पेड़ के साथ दोस्ती कर लें, आपको फायदा ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि धरती का श्रृंगार पेड़ों से है। किसी ने यदि कश्मीर को स्वर्ग कहा है तो वह भी पेड़ों और वहाँ की हरियाली को देखकर कहा है। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वन मंत्री कंवरपाल ने कहा कि हरियाणा में 3 प्रतिशत रिजर्व फॉरेस्ट है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए इस वर्ष प्रदेश में सवा करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिन्हें जीवित रखने की पुरजोर कोशिश की जाएगी। इस पौधारोपण के लिए प्रदेश के 1100 गांव का चयन किया गया है। गुरुग्राम के मंडल वन अधिकारी जयकुमार के अनुसार गांव कासन में प्रस्तावित बायोडायवर्सिटी पार्क में अन्य पौधों के साथ जड़ी बूटियों वाले हर्बल प्लांट भी लगाए जाएंगे। इससे पहले कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने कहा कि वे जब विधायक चुने गए तो गांव कासन के ग्रामीण बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने का प्रोजेक्ट लेकर उनके पास आए थे और उन्होंने भी इस बारे में वन मंत्री से लिखित अनुरोध किया था जिसे मंत्री ने स्वीकृति देकर आने वाली पीढिय़ों के लिए बेहतरीन कार्य किया है। कार्यक्रम में एनएसजी मानेसर से आए कर्नल अनिल यादव ने बताया कि एनएसजी ने गांव नौरंगपुर व आसपास के क्षेत्र में लगभग दो लाख पेड़ लगाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने पौधारोपण के कार्य में एनएसजी के पूरे सहयोग का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य वन संरक्षक वास्वी त्यागी ने वन मंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि एनएसजी परिसर में पिछले दिनों अपने कैंपस के अंदर व बाहर 53000 पौधे लगाकर हरियाली को बढ़ावा दिया है। उन्होंने सभी सरपंचों से भी कहा कि वे पौधारोपण में सहयोग कर इस क्षेत्र के पर्यावरण को सभी जीव जंतुओं के अनुकूल बनाने का प्रयास करें। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के समय में जड़ी बूटियों के महत्व को लोग समझ गए हैं, अत: हर्बल पौधे भी लगाएं और अपने जीवन को सुरक्षित करें।

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