खट्टर द्वारा बोर्डों और निगमों के कार्य की समीक्षा

चंडीगढ़, (अदिति)- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के अध्यक्ष सुभाष बराला के साथ बोर्डों और निगमों के कार्य की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के कार्यान्वयन में और अधिक पारदर्शिता लाने और विभिन्न बोर्डों और निगमों द्वारा संचालित योजनाओं को एकीकृत करने का निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशकों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें हरियाणा महिला विकास निगम, हरियाणा राज्य भंडारण निगम, हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम लिमिटेड, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, हरियाणा पर्यटन निगम, हरियाणा कृषि उद्योग निगम, हरियाणा वन विकास निगम, हरियाणा सहकारी चीनी मिल लिमिटेड (शुगरफेड), हरियाणा स्टेट-कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक (हरको), हरियाणा सहकारी आपूर्ति एवं विपणन महासंघ लिमिटेड (हैफेड), हरियाणा दुग्ध विकास निगम महासंघ, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड, हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास निगम, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड और हरियाणा पिछड़ा एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम शामिल हैं। श्री खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ष ‘सुशासन दिवस’ पर कई नए सुधारों की घोषणा की है। इस वर्ष यह निर्णय लिया गया है कि सभी बोर्डों और निगमों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ सीधे लाभार्थियों को उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। श्री खट्टर ने कहा कि हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइज के तहत कुल 62 बोर्डों और निगमों में से 19 बोर्डों और निगमों की प्रगति की आज समीक्षा की गई है। शेष बोर्डों और निगमों की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। बोर्डों, निगमों और विभागों को सरकार का मुख्य हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को सबसे पहले योजनाओं का लाभ मिले और उसे मुख्यधारा में लाया जा सके। उन्होंने बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि योजनाओं का लाभ एक बटन के क्लिक के साथ लाभार्थियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्पादन और सेवाओं के साथ काम करने वाले बोर्डों और निगमों को सेवा देने, गुणवत्ता और प्रतिबद्धता में निजी संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग एचबीपीई के लिए नोडल विभाग है और वे स्वयं वित्त मंत्री भी हैं। उन्होंने सभी बोर्डों और निगमों को राज्य सरकार के समर्थन का आश्वासन दिया और साथ ही उम्मीद जताई कि बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष वांछित परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बजट का सही उपयोग करने और अपने राजस्व के स्रोत को बढ़ाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि अधिकांश बोर्ड और निगम मुनाफे में चल रहे हैं तथा शेष बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों को मुनाफे में लाने के लिए एक योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन बोर्डों और निगमों ने अपने कर्मचारियों के डाटा को एचआरएमएस पोर्टल पर अभी तक अपलोड नहीं किया है, उन्हें 30 नवंबर, 2020 तक अपलोड करना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के सभी गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि चोरी को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड की योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण प्रदान करते समय उन लाभार्थियों को वरीयता दी जाए, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने घोषणा की है कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दी जा रही 8000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक की मेधावी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, अब बीपीएल श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए भी स्वीकार्य होगी। मुख्यमंत्री ने हैफेड को कृषि और अन्य सामानों के प्रत्यक्ष निर्यात के लिए एक स्वतंत्र निर्यात सेल के गठन का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग के माध्यम से निर्यात किया जा रहा है लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से सीधे कृषि और अन्य सामानों का निर्यात करने के लिए कहा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने वीटा बूथों की संख्या को बढ़ाकर 4000 करने एवं दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थ भी वीटा आउटलेट पर बेचे जाने के भी निर्देश दिये ताकि राज्य के लोगों को ताजा डेयरी और अन्य उत्पाद मिल सकें। श्री लाल ने हाउसिंग बोर्ड के लगभग 7000 बिना बिके फ्लैटों की नीलामी के लिए तत्काल एक योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रेणी के ग्राहक इन फ्लैटों को खरीद सकते हैं। उन्होंने खादी उत्पादों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए, राज्य में खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के आउटलेट की संख्या दो से बढ़ाकर सभी निगम शहरों और उसके बाद जिला मुख्यालयों पर स्थापित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुभाष बराला ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के वर्ष 2014 में पदभार संभालने के समय अधिकतम बोर्ड, निगम और विभाग घाटे में चल रहे थे,लेकिन यह गर्व की बात है कि वे अब मुनाफे में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2014-15 से राज्य के अधिकतर संस्थानों के लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री कार्यालय में सलाहकार श्री योगेन्द्र चौधरी, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अमित कुमार अग्रवाल तथा श्रीमती आशिमा बराड़ और वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. शालीन के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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