देश में 1.5 लाख स्वास्थ्य एवं वेलनेस सैंटर बनाए जा रहे

रोहतक (ग्लोबल न्यूज़)- केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में 1.5 लाख स्वास्थ्य एवं वेलनेस सैंटर बनाए जा रहे हैं, जोकि 31 दिसम्बर 2022 तक पूरे हो जाएंगे। डॉ. हर्षवर्धन आज पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक द्वारा ‘मॉड्यूलर ओटी-कम-आईसीयू कॉम्पलैक्स’ के वर्चुअल उदघाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देश से 2025 तक टीबी को पूरी तरह समाप्त करना चाहती है, जिसमें सभी राज्य सरकारों का अहम योगदान होगा। देश में डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरूआत हो रही है, जिसमें हरियाणा को पहल करनी होगी। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम किया गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान देश में सबसे पहले 5 एम्स बनाने की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। परन्तु श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने गत 6 वर्षों के दौरान देश में 22 एम्स और 157 मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में कार्य किया है। इनमें से मात्र गत एक वर्ष के दौरान हम 75 मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की ओर बढ़े हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हमारी सरकार ने विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना एवं चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी दिशा में हम शीघ्र ही यहां ‘पोस्ट कोविड केयर एंड रिसर्च सैंटर’ स्थापित कर रहे हैं ताकि कोरोना से ठीक हुए मरीजों के सामने आने वाली शारीरिक परेशानियां को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अन्र्तगत स्थापित किए गए ‘मॉड्यूलर ओटी-कम-आईसीयू कॉम्पलैक्स’ पर करीब 57 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने केन्द्र सरकार के ‘हेल्थ फॉर ऑल’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। राज्य में सरकार बनते ही हमने वर्ष 2014 में प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प लिया था, जिसको पूरा करने के लिए हम आगे बढ़ रहे है। प्रदेश में वर्ष 2014 से पहले मात्र 6 मेडिकल कॉलेज होते थे, जोकि अब बढकऱ 12 हो गए हैं। इनके अलावा भिवानी, जीन्द, गुरूग्राम, नारनौल, यमुनानगर, कैथल व सिरसा सहित 7 मेडिकल कॉलेज व नल्हर में डेंटल कॉलेज पाईपलाइन में है। श्री विज ने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश के 13 उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों को उपग्रेड किया है, जिनमें इस विश्वविद्यालय का भी नाम शामिल है तथा रेवाड़ी जिले में देश का 22 वां एम्स स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2014 की तुलना में अब आईपीडी में करीब 34 प्रतिशत तथा ओपीड़ी में 26 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज हुई है। इसी प्रकार प्रदेश में एमएमआर में 28 प्रतिशत, एनएमआर में 15 प्रतिशत तथा आईएमआर में 27 प्रतिशत की कमी हुई है। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा कि हरियाणा ने कोविड से लडऩे में अच्छा काम किया गया है। उन्होंने कहा कि 75 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया गया है। इस दौरान बोलते हुए रोहतक के सांसद श्री अरविन्द शर्मा ने कहा कि पीजीआईएमएस रोहतक देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में शामिल हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने इस संबंध में सुक्ष्म विवरण प्रस्तुत किया तथा सभी महानुभावों का स्वागत किया। निदेशक रोहताश यादव ने सभी का धन्यवाद किया।

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