बल्लबगढ़ युवती हत्या कांड मामले में एसआईटी गठित

चंडीगढ़ (अदिति)  हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने बल्लबगढ़ युवती हत्या कांड मामले बड़ा कदम उठाते हुए एसआईटी गठित कर 2018 से जांच करने के आदेश दे दिए हैं। विज ने कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि वो प्रदेश में बेटियों को ऐसे सिसक-सिसक के मरने नहीं देंगे। गृहमंत्री अनिल विज ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में दोषियों के साथ साथ बेटी के परिवार को दबाने वालों को भी बख्शने के मूड में नहीं है। इसलिए विज ने अब इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है और ये आदेश दे दिए हैं कि मामले में न सिर्फ इस हत्याकांड, बल्कि 2018 से इस मामले की जांच की जाए जब बेटी के परिवार ने अपहरण की शिकायत देकर वापिस ले ली थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विज ने इसकी जांच लव जिहाद के एंगल से भी करने की बात कही है। अपने तल्ख तेवरों के लिए जाने जाने वाले विज अब अपराधियों पर सख्ती के मूड में हैं। विज ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और न ही ये गुंडाराज चलने दिया जाएगा और न ही प्रदेश की बेटियों को वो सिसकने देंगे।  विज ने इस बात का अंदेशा भी जताया कि 2018 में भी कांग्रेसियों ने दबाव बनाकर ही परिवार से शिकायत वापिस लेने का एफिडेविट दिलवाया होगा। कर्मचारियों को 18,000 रुपये और 12,000 रुपये ‘फैस्टीवल एडवांस’ चंडीगढ़ (अदिति) - हरियाणा सरकार ने त्योहारों के सीजन को देखते हुए ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के नियमित कर्मचारियों को क्रमश: 18,000 रुपये और 12,000 रुपये ‘फैस्टीवल एडवांस’ देने का निर्णय लिया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इस आशय के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस अग्रिम राशि का भुगतान नवंबर, 2020 के पहले सप्ताह में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस फैसले से राज्य सरकार के ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के 2,29,631 नियमित कर्मचारियों को 386.40 करोड़ रुपये का फायदा होगा। अग्रिम राशि ब्याज मुक्त होगी और अधिकतम 12 किस्तों में वसूल की जाएगी। 2 नवम्बर तक मनाया जा रहा सतर्कता जागरुकता सप्ताह चंडीगढ़ (अदिति) - केन्द्रीय सतर्कता आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशानुसार पूरे देश में 27 अक्तूबर से 2 नवम्बर, 2020  तक सतर्कता जागरुकता सप्ताह मनाया जा रहा है। राज्य चौकसी ब्यूरो, हरियाणा ने पंचकूला से इस अभियान की शुरूआत की है। इस अवसर पर राज्य चौकसी ब्यूरो के महानिदेशक ने मुख्यालय में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यकलापों में ईमानदारी व पारदर्शिता बनाए रखने, जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से भ्रष्टाचार उन्मूलन हेतू कार्य करने, अपने कर्तव्यों का पूर्ण ईमानदारी से पालन करने व पक्षपात के बिना कार्य करने की शपथ दिलाई। एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सतर्कता ब्यूरो ने प्रदेश की जनता से इस अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग देने की अपील की है। मॉडल किसान के रूप में किसानों की आय दोगुणी करना लक्ष्य चंडीगढ़ (अदिति) - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा है कि कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, बागवानी, मत्स्य पालन तथा दूरदर्शी सोच के साथ प्रगतिशील किसानों को अन्य किसानों के लिए मॉडल किसान के रूप में प्रेरणास्त्रोत बना कर हमारा लक्ष्य किसानों की आय दोगुणी करना है। आज यहां जारी एक व्यक्तव्य में श्री दलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच के साथ ‘प्रगतिशील किसान सम्मान योजना’ नाम से एक नई योजना की शुरुआत  की जा रही है, जिसके तहत कृषि मेलों (एग्रो समिट )में किसानों को सम्मानित किया जाएगा ताकि अन्य किसान उनसे प्रभावित होकर खेती की बेहतर तकनीक अपनाने की ओर बढ़ें। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पुरस्कार स्वरूप प्रथम स्थान के लिए 5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए दो किसानों को 3-3 लाख रुपये, तृतीय स्थान के लिए पांच किसानों को 1-1 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 100 किसानों को 50-50 हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा। श्री दलाल ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य प्रगतिशील किसानों को ‘प्रगतिशील किसान ट्रेनर’ के रूप में भी चिन्हित करना है तथा एक प्रगतिशील किसान को जिम्मेवारी दी जाएगी कि वे अपने आसपास के कम से कम 10 किसानों को प्रेरणा दे कि किस प्रकार से कृषि एवं इससे जुड़े हुए पशुपालन एवं डेयरी, बागवानी, मत्स्य पालन के क्षेत्र में बेहतर तकनीक अपनाकर वह अपनी आय के स्त्रोत बढ़ा सकें । कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा का किसान मेहनती है और एक बार ठान ले तो वह उसे करके दिखाता है, इसका उदाहरण ‘हरित क्रांति’ के समय खाद्यान्नों का रिकॉर्ड उत्पादन करने का है और आज भी वह कायम है । हरियाणा केंद्रीय भंडारण में योगदान देने वाला देश का सबसे बड़ा दूसरा राज्य है। भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा की निकटता दिल्ली के तीन ओर से जुड़े राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से है जो रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं जैसे कि फल, फूल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस, मच्छली की इस क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए सबसे उपयुक्त राज्य है। लगभग 5 करोड़ की जनसंख्या के इस बाजार पर हरियाणा के किसान की पकड़ बने इसके लिए कई नई-नई योजनाएं तैयार की गई हैं। श्री दलाल ने कहा कि इसी तरह से ‘किसान मित्र’ नाम से एक नई योजना की शुरुआत की गई है, जो प्रदेश के लगभग 17 लाख किसानों को उनके वित्त प्रबंधन में मार्गदर्शन करेंगे। योजना के तहत 17 हजार किसान मित्र नामित किए जाएंगे और एक किसान मित्र कम से कम 100 किसानों का मार्गदर्शन करेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि हाल ही में ‘भावांतर भरपाई योजना’ में फल एवं सब्जियों की 15 और फसलों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। सब्जी व बागवानी फसलों को भी ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ की तर्ज पर हरियाणा सरकार अपने स्तर पर बीमा कवर देगी, इसके लिए योजना तैयार की गई है। वर्तमान में प्रदेश का 5.26 लाख हैक्टेयर क्षेत्र बागवानी फसलों के अधीन है, जो कुल क्षेत्र का 7.07 प्रतिशत बनता है। सब्जी व बागवानी फसल बीमा योजना लागू होने से निश्चित रूप से इसके अधीन क्षेत्र में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इस नई बीमा योजना में किसानों को 2.5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा और उन्हें प्रति एकड़ 40,000 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। जिन 14 सब्जियों को इस बीमा कवर में शामिल जाएगा उनमें टमाटर, प्याज, आलू, बंद गोभी, मटर, गाजर, भिण्डी, लौकी, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, फूल गोभी तथा मूली शामिल हैं। इसी प्रकार, किन्नू, अमरूद, आम तथा बेर व हल्दी तथा लहसुन को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। श्री दलाल ने कहा कि किसान स्वयं या किसान समूह एफपीओ बनाकर अपने उत्पाद ब्रांड बनाकर बेचें, इसके लिए भी किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि कम से कम 500 से अधिक एफपीओ बनाए जाएं और इनके द्वारा एकीकृत पैक हाउस बनाए जाएंगे, जहां पर किसान अपनी उपज आसानी से बेच सकेंगे।

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