मारवा ने एफजीडी के लिए पाइलिंग वर्क्‍स किया शुरू

चंडीगढ़ (अदिति) पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चेयरमैन एस.एस. मारवा ने एफजीडी के लिए पाइलिंग वर्क्‍स के कार्य का शुभारम्भ कर दिया। इस के साथ ही एल एंड टी के स्‍वामित्‍व वाले नाभा पावर ने अपने संयंत्र के परिसरों में चिमनी के लिए हाल ही में पाइलिंग वर्क्‍स शुरू करने के साथ संपूर्ण क्षमता के साथ फ्लू गैस डिसल्‍फराइजेशन (एफजीडी) के इंस्‍टॉलेशन का कार्य शुरू कर दिया है। पीपीसीबी चेयरमैन, प्रोफेसर एस.एस. मारवा ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने की दिशा में एनपीएल द्वारा शुरू किये गये कार्यों की प्रशंसा भी की और वृक्षारोपण गतिविधि में भाग लिया। नाभा पावर, पंजाब का पहला ऐसा थर्मल पॉवर प्‍लांट था, जिसे वर्ष 2019 में एफजीडी कंट्रैक्‍ट मिला और दिसंबर 2022 तक एफजीडी कार्य को पूरा कर लिये जाने का अनुमान है। पीएसपीसीएल की निगरानी में पारदर्शी अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्द्धी निविदा प्रक्रिया के जरिए एफजीडी प्रोजेक्‍ट का कंट्रैक्‍ट एल एंड टी को मिला, जिसमें एल एंड टी ने चीनी कंपनी, बीजिंग बोगी को पीछे छोड़ते हुए यह कंट्रैक्‍ट हासिल किया। कोयला से चलने वाले थर्मल पावर प्‍लांट्स (टीपीपी) से उत्‍सर्जित होने वाले अवांछित पदार्थों को कम करने पर भारत सरकार के जोर के अनुरूप, कंपनी पर्यावरण सुरक्षा उपकरण जैसे कि एफजीडी लगाने के लिए वचनबद्ध है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने देश में पहली बार सल्‍फर ऑक्‍साइड्स और नाइट्रोजन ऑक्‍साइड्स के उत्‍सर्जन के लिए सीमा निर्धारित की, जिसके लिए थर्मल पावर प्‍लांट्स के लिए एफजीडी जैसी उत्‍सर्जन नियंत्रण प्रणालियां लगानी जरूरी हैं। एफजीडी लगाने के बाद, नाभा पावर के लिए सल्‍फर ऑक्‍साइड्स का स्‍तर 200 एम जी /एन एम 3 से भी कम हो जायेगा। भारत में इतने बड़े पैमाने पर एफजीडी इंस्‍टॉलेशन का कार्य पहली बार किया जा रहा है। नई तकनीकों, सीमित वेंडर्स और तकनीकी प्रदाताओं एवं प्रोजेक्‍ट से जुड़ी लागत के लिए यह जरूरी है कि प्रत्‍येक थर्मल प्‍लांट में एफजीडी इंस्‍टॉलेशन पूरी सूझबूझ और सावधानी के साथ काम किया जाये। तमाम चुनौतियों के बावजूद, नाभा पावर बिडिंग प्रक्रिया में आगे रहा, ताकि परिवर्तित उत्‍सर्जन मानकों का अच्‍छी तरह से अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

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